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Rajasthan: सीएम गहलोत ने कहा-जेके लोन बना मॉडल हॉस्पिटल, केंद्र से आई टीम ने भी की प्रशंसा

Wed, 30 Mar 2022 06:25 PM IST
रोमा रागिनी न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा Published by: रोमा रागिनी Updated Wed, 30 Mar 2022 06:25 PM IST
सार

कोटा जेके लोन में बच्चों की मौत को लेकर खूब बवाल हुआ था। सीएम गहलोत ने अब जेके लोन की तस्वीर शेयर कर अस्पताल की तारीफ की है।

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Chief Minister Ashok Gehlot told Kota JK Lone Hospital as a model hospital
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मुख्यमंत्री गहलोत ने कोटा जेके लोन अस्पताल की सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर की है। सीएम गहलोत ने  कहा कि मुझे संतुष्टि है कि जेके लोन एक मॉडल अस्पताल बन चुका है। केंद्र सरकार से निरीक्षण पर आईं टीमों ने भी इस हॉस्पिटल की प्रशंसा की है।

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2019 में कोटा के जेके लोन अस्पताल में नवजात बच्चों की दुखद मृत्यु पर मीडिया में काफी चर्चा हुई थी। हमारी सरकार ने तभी स्थिति बदलने का निश्चय किया और आज मुझे संतुष्टि है कि कोटा का जेके लोन अस्पताल एक मॉडल अस्पताल बन चुका है। 2018 की तुलना में 2021 में इस अस्पताल नवजात शिशु विभाग में 60 फीसदी और शिशु विभाग में 19 फीसदी से अधिक मरीज भर्ती हुए।

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इसके बावजूद इन दोनों विभागों में मृत्यु दर में लगभग 66 फीसदी और 50 फीसदी कमी हुई है। हमारी सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं में किए गए सुधार से पिछले तीन साल में राजस्थान की शिशु मृत्यु दर (भी लगातार कम हुई है। 2017-18 में शिशु मृत्यु दर 41 थी, जो अब 30.4 पर आ गई है। इसे और कम करने के लिए आगे भी हम प्रयास जारी रखेंगे।
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सीएम गहलोत ने धौलपुर जेईएन और एईएन से मारपीट पर दी प्रतिक्रिया
धौलपुर के बाड़ी जेईएन और एईएन की पिटाई पर मुख्यमंत्री गहलोत ने बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। सीएम ने कहा कि यदि अपनी ड्यूटी कर रहे सरकारी कर्मचारियों से इस तरह का व्यवहार किया जाएगा तो वे अपनी जिम्मेदारी कैसे निभाएंगे? जब कोविड के दौरान हम सब घरों में रहना चाहते थे, तब सरकारी कर्मचारियों ने अपने जीवन तक को दांव पर लगाकर अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए व्यवस्था बनाने का काम किया था।


सीएम ने कहा कि अत्यावश्यक सेवाओं जैसे बिजली, जल विभाग के कर्मचारियों/अधिकारियों का काम अत्यधिक चुनौतीपूर्ण होता है। परन्तु चुनौतीपूर्ण कार्य कर रहे इन कर्मचारियों के साथ मारपीट कर कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है। राज्य सरकार अपने कर्मठ अधिकारियों को पूर्ण सरंक्षण देगी। भविष्य में भी ऐसी घटनाओं के लिए किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा चाहे वो कोई भी व्यक्ति हो।

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