झारखंड: बंद पड़ी खदानों का आवंटन रद्द करेगी हेमंत सरकार, 62 कोयला और 49 अन्य खदानों की होगी नीलामी
झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने बंद पड़ी खदानों का आवंटन रद्द कर दोबारा नीलामी कराने का फैसला किया है। राज्य में आवंटित 165 कोयला खदानों में से 62 बंद हैं, जबकि लौह अयस्क, बॉक्साइट, तांबा, सोना समेत अन्य वृहद खनिजों के 85 पट्टों में से 49 खदानें बंद पड़ी हैं।
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झारखंड में लंबे समय से बंद पड़ी खदानों को लेकर हेमंत सोरेन सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने ऐसी खदानों का आवंटन रद्द कर नए सिरे से नीलामी कराने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर खान एवं भूतत्व विभाग ने कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट समेत अन्य खनिजों की बंद पड़ी खदानों की समीक्षा शुरू कर दी है। इसके साथ ही बालू घाटों की नीलामी जल्द पूरी करने और अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं। खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल ने सभी जिलों के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों, वन प्रमंडल अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को निर्देशों पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा है। साथ ही सभी से अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी गई है।
62 कोयला खदानें बंद, दोबारा होगी नीलामी
झारखंड में कुल 165 कोयला खनन पट्टे आवंटित हैं। इनमें से 103 खदानों में ही फिलहाल खनन हो रहा है, जबकि 62 खदानें बंद पड़ी हैं। इन बंद खदानों में से 58 के पट्टे बीसीसीएल, सीसीएल और ईसीएल के पास हैं। बाकी चार खदानें सेल, टाटा स्टील, हिंडाल्को और अरन्या माइंस प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित की गई थीं। सरकार ने निर्देश दिया है कि जिन खदानों के लिए भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय स्वीकृति और वन संबंधी अनुमतियां मिल चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद खनन शुरू नहीं किया गया है, उनका आवंटन नियमानुसार रद्द किया जाएगा। इसके बाद इनकी नए सिरे से नीलामी होगी। इसके अलावा जिन पट्टाधारियों ने नीलामी के बाद तय समयसीमा में जरूरी वैधानिक स्वीकृतियां हासिल नहीं की हैं, उनके रिसोर्स वैल्यू का निर्धारण किया जाएगा। ऐसे खनन पट्टों की भी दोबारा नीलामी की जाएगी।
49 वृहद खनिज खदानें भी बंद
सरकार ने कोयले के अलावा अन्य वृहद खनिजों के खनन पट्टों की भी समीक्षा शुरू कर दी है। झारखंड में लौह अयस्क, बॉक्साइट, चूना पत्थर, ग्रेफाइट, तांबा, यूरेनियम, क्यानाइट, सोना और मैंगनीज के कुल 85 खनन पट्टे आवंटित हैं। इनमें से 36 खदानें चालू हैं, जबकि 49 बंद पड़ी हैं। विभाग ने अवधि पूरी कर चुके और लैप्स हो चुके खनन पट्टों की सूची तैयार कर उनकी नीलामी की प्रक्रिया फिर से शुरू करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही स्वर्ण खनिज वाले ब्लॉकों के अन्वेषण और नीलामी की संभावनाएं तलाशने पर भी जोर दिया गया है। लौह अयस्क के उठाव को बढ़ाकर राज्य का राजस्व बढ़ाने के प्रस्ताव तैयार करने को भी कहा गया है।
444 बालू घाटों में से 300 की नीलामी पूरी
बालू घाटों के संचालन को लेकर भी सरकार ने निर्देश जारी किए हैं। राज्य में कुल 444 बालू घाट हैं, जिनमें से 300 की नीलामी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। शेष घाटों की नीलामी जल्द पूरी करने और जिन घाटों की नीलामी हो चुकी है, उनका सुचारू संचालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
अवैध खनन रोकने के लिए चेकनाके और सीसीटीवी
अवैध खनन और खनिजों के परिवहन पर निगरानी के लिए प्रमुख निकासी मार्गों पर चेकनाके और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। कोयला और अन्य खनिजों के अवैध खनन, भंडारण तथा बालू के अवैध उठाव पर रोक लगाने के लिए राज्य और जिला स्तर की खनन टास्क फोर्स को सक्रिय किया जाएगा।
इसके साथ ही आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से निगरानी तंत्र विकसित करने की तैयारी है। सरकार का उद्देश्य बंद पड़ी खदानों का दोबारा उपयोग सुनिश्चित करना, खनिज संसाधनों से राजस्व बढ़ाना और अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाना है।