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आयुर्वेदिक दवाओं का भी हो सकता है साइड इफेक्ट, आयुष मंत्रालय ने किया टीम का गठन
Sun, 23 Jun 2019 01:00 PM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: आसिम खान
Updated Sun, 23 Jun 2019 01:00 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
आयुष मंत्रालय का मानना है कि आयुर्वेदिक दवाओं से भी साइड इफेक्ट हो सकता है। इसकी निगरानी के लिए मंत्रालय ने तीन लोगों की टीम का गठन किया है। मंत्रालय ने आयुर्वेदिक कॉलेज के प्रोफेसरों का सेल बनाया है।
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किसी भी आयुर्वेदिक औषधि के साइड इफेक्ट की शिकायत सेल में की जा सकेगी। साथ ही, सेल ऐसे विज्ञापनों पर भी नजर रखेगा जिसमें वजन और ऊंचाई घटाने-बढ़ाने से लेकर अन्य तरह के चमत्कारी प्रभाव का दावा किया जाता है।
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आयुष मंत्रालय ने आयुर्वेदिक कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. एसआर इंचुलकर को संयोजक बनाया गया है। डॉ. राकेश ठाकुर व जीवन साहू सेल के सदस्य हैं। इस पूरी कवायद का उद्देश्य आयुर्वेदिक औषधियों से होने वाले किसी भी तरह के नुकसान पर रिसर्च कर उसका हल निकालने का है।
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किसी औषधि से साइड इफेक्ट होने की सूचना सरकारी औषधालय के जरिए या सीधे आयुर्वेदिक कॉलेज में की जा सकेगी। जयपुर स्थित इंटर मीडियरी सेंटर के जरिए यह रिपोर्ट दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान भेजी जाएगी। यहां साइड इफेक्ट पर रिसर्च किया जाएगा। गड़बड़ी मिलने पर दवा कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।