Rajasthan: विधायक खरीद-फरोख्त मामले में शेखावत को एएसपी ने नोटिस तामील कराया, 15 जुलाई को कोर्ट में होंगे पेश
हॉर्स ट्रेडिंग मामले में गजेद्र सिंह शेखावत से एएसपी ने नोटिस पर साइन ले लिए हैं। इसके बाद केंद्रीय मंत्री को कोर्ट में पेश होकर अपना पक्ष रखना होगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विधायक खरीद-फरोख्त मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम गजेंद्र सिंह शेखावत के घर पहुंच गई। एसीबी ने केंद्रीय मंत्री से नोटिस का तामील करवाया है। जिसके बाद केंद्रीय मंत्री को 15 जुलाई को एडीजे फर्स्ट कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखना होगा। इसके बाद कोर्ट तय करेगा कि शेखावत अपना वाइस सैंपल देंगे या नहीं।
हॉर्स ट्रेडिंग मामले में एसीबी दो साल बाद शेखावत को नोटिस देने पहुंची। आमतौर पर सिपाही को नोटिस तामील करवाने के लिए भेजा जाता है लेकिन शेखावत को नोटिस तामील करवाने के लिए एएसपी के नेतृत्व में पूरी टीम बनाई गई। उसके बाद कहा गया कि नोटिस शेखावत के हाथ में देना है और उसपर साइन करवाना है। इसके बाद शेखावत से नोटिस पर साइन करवाने के लिए एसीबी टीम दिल्ली में तीन दिन तक रुकी रही। जिसके बाद एएसपी ने नोटिस पर शेखावत से साइन कराया और फिर लौटी।
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि न्यायालय ने मुझे अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया वॉइस सैंपल लेने के लिए कोई आदेश नहीं है। उन्होंने कहा कि मेरा चरित हैंग करने के लिए सीएम अशोक गहलोत मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष गोविंद डोटासरा सहित मंत्री बार-बार बयान दिए कि मैं दिल्ली जाकर छुप गया हूं और भागता फिर रहा हूं। उन्होंने कहा कि लोगों को गुमराह किया जा रहा है कि मैं सैंपल नहीं दे रहा हूं लेकिन आज तक भी राज्य सरकार के पास कोर्ट की कोई परमिशन नहीं है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और तत्कालीन उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के खेमों की बाड़ाबंदी के दौरान 15 जुलाई, 2020 को तीन ऑडियो क्लिप मीडिया को वॉट्सअप की गई थीं। कहा गया कि विधायकों की खरीद-फरोख्त से संबंधित बातचीत की ये आवाजें गजेंद्र सिंह शेखावत, विधायक विश्वेंद्र सिंह और भंवरलाल शर्मा की हैं।
ऑडियो सामने आने के बाद तत्कालीन मुख्य सचेतक और वर्तमान में जलदाय मंत्री महेश जोशी ने 17 जुलाई, 2020 को एसीबी को सौंपा और इनके आधार पर गजेंद्र सिंह शेखावत, भंवरलाल शर्मा, विश्वेन्द्र सिंह और अन्य के खिलाफ एसीबी में मामला दर्ज हुआ। इसी मामले में अब केंद्रीय जलशक्ति मंत्री शेखावत को नोटिस दिया गया है।