Ajmer News: मौलवी ने पत्नी व बच्ची पर डाली बुरी नजर तो पीड़ित ने अपनाया सनातन धर्म, बेटा भी बना सनातनी
Ajmer News: राजस्थान के अजमेर जिले के खानपुरा क्षेत्र के रहने वाले एक पिता पुत्र ने मौलवी से परेशान होकर सनातन धर्म अपनाया है और अब वह रोजाना मंदिर में जाकर भगवान की पूजा अर्चना कर रहे है। आइये जानते हैं मामला
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अजमेर में मौलवी के अत्याचार और परिवार पर गलत प्रभाव डालने के आरोपों से परेशान एक मुस्लिम पिता-पुत्र ने सनातन धर्म को अपनाने का निर्णय लिया है। खानपुरा निवासी मुस्लिम अब हिन्दू बन गए हैं, जबकि उनके बेटे ने भी अपना नाम बदल लिया है। युवक ने बताया कि खानपुरा स्थित आजाद नगर मस्जिद के कथित मौलवी ने उनकी पत्नी और बेटी को अपने प्रभाव में लेने का प्रयास किया। उनका आरोप है कि मौलवी की गलत हरकतों के कारण उनका परिवार बर्बादी की कगार पर पहुंच गया था। उन्होंने कहा, मौलवी ने हमारे पूरे परिवार को तोड़ने का प्रयास किया। यह सब देखकर हमें यह महसूस हुआ कि अब इस्लाम धर्म में रहना संभव नहीं है।
युवक ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे अपने समाज के सदस्यों से मदद मांगने गए, तो किसी ने उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा, "हमने अपने समाज से मदद की उम्मीद की थी, लेकिन किसी ने हमारा साथ नहीं दिया। इससे हमें यह महसूस हुआ कि इस समाज में हमारे लिए कोई स्थान नहीं है। युवक का कहना है कि वे हमेशा से हिंदू धर्म और इसके अनुयायियों के व्यवहार से प्रभावित रहे हैं। उन्होंने कहा, "हिंदू धर्म में न केवल आत्मिक शांति है, बल्कि इसके अनुयायी भी सहयोगात्मक और मददगार होते हैं।" उन्होंने आगे बताया कि जब वे मुश्किल समय से गुजर रहे थे, तब हिंदू समाज के लोगों ने उनकी मदद की। यही कारण है कि उन्होंने अपने बेटे के साथ मिलकर सनातन धर्म को अपनाने का निर्णय लिया।
धर्म परिवर्तन के बाद बेटे का कहना कि वे अब पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ सनातन धर्म का पालन करेंगे। उन्होंने बताया कि वे रोजाना पूजा-अर्चना करेंगे और भक्ति भाव से जीवन जीएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अब वे अपने जीवन को भगवान की भक्ति और सेवा में समर्पित करेंगे। वहीं दोनों ने क्रिश्चियन गंज स्थित एक मंदिर में शुद्धिकरण और पूजा-अर्चना के माध्यम से सनातन धर्म को अंगीकार किया। इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान उन्होंने वेदों और शास्त्रों के मंत्रों के साथ हवन और पूजा की। दोनों ने बताया कि वे अब रोजाना पूजा-पाठ और भक्ति भाव का अनुसरण करेंगे।