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Ajmer Dargah: किन्नरों ने पेश की दरगाह में चादर, नाचते गाते पहुंचे ख्वाजा के दर
Sat, 20 Jan 2024 08:15 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sat, 20 Jan 2024 08:15 PM IST
सार
मोती कटला से ढोल धमाकों की थाप पर जुलूस के रूप में नाचते गाते हुए किन्नर ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में पहुंचे। जहां उन्होंने अकीदत के फूल और मखमली चादर पेश कर दुआएं मांगी।
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चादर पेश करने नाचते गाते जाते हुए किन्नर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अजमेर में इन दिनों चल रहा ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती का सालाना 812वां उर्स रविवार को बड़े कुल की रस्म के साथ समाप्त हो जाएगा। उससे पूर्व शनिवार को देश के अलग-अलग हिस्सों से आए किन्नरों ने ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में चादर पेश की।
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मोती कटला से ढोल धमाकों की थाप पर जुलूस के रूप में नाचते गाते हुए किन्नर ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में पहुंचे। जहां उन्होंने अकीदत के फूल और मखमली चादर पेश कर दुआएं मांगी। दरगाह में चादर चढ़ाने आए किन्नरों ने बताया कि वह मुंबई और कर्नाटक से हर साल ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के सालाना उर्स में शिरकत करने के लिए अजमेर आते हैं और गरीब नवाज की बारगाह में चादर चढ़ाकर सभी के लिए दुआएं मांगते हैं।
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उन्होंने कहा कि दरगाह में आकर उनको दिली सुकून मिलता है और वह चादर पेश कर सभी के लिए दुआएं मांगते हैं। वहीं, नाचते गाते हुए किन्नरों को देखने के लिए बड़ी संख्या में जायरीन उमड़ पड़े और उनकी तस्वीरों को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते हुए दिखाई दिए।