प्रताड़ित करने के आरोप में 15 साल बाद डीआईजी को जेल
राजस्थान में 15 साल पहले राजसमंद जिले में तीन लोगों को हिरासत के दौरान प्रताड़ित करने और पीटने के आरोप में स्थानीय अदालत ने आईपीएस अधिकारी एसएन खिन्ची को दो साल जेल की सजा सुनाई है। खिन्ची इस समय सीआईडी (नागरिक अधिकार) के डीआईजी हैं।
पीड़ितों के वकील के मुताबिक अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भानु कुमार ने सोमवार को आरोपी आईपीएस खिन्ची को दो साल की सजा और एक हजार का जुर्माना लगाया है।
आरोपी आईपीएस घटना के समय वर्ष 2000 में राजसमंद में एडिशनल एसपी थे। हालांकि खिन्ची के वकील के अनुरोध पर कोर्ट ने एक महीने के लिए उनकी सजा को निलंबित रखा है।
पीड़ित ने की थी प्रताड़ित करने की शिकायत
इस दौरान वह सजा के खिलाफ अपील कर सकेंगे। घटना के मुताबिक एक स्थानीय व्यक्ति ने शिकायत की थी कि रमेश चंद्र टंक, रमेश चापलोट और भगवती लाल ने उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाया है।
इसके बाद 2 अक्तूबर, 2000 को तीनों को थाने लाकर प्रताड़ित किया गया और उनकी पिटाई भी गई। तीनों को दो दिन जेल में भी बितानी पड़ी। जेल से छूटने पर पीड़ितों की शिकायत और अनुरोध पर मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया जिसने पिटाई के आरोप की पुष्टि की।