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इलेक्ट्रीशियन की मौत पर परिजनों ने मचाया बवाल
अमर उजाला,पठानकाेट
Updated Mon, 30 Dec 2013 10:48 PM IST
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पठानकोट। घरथौली मोहल्ला के एक व्यक्ति की सोमवार को सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पड़ोसियों ने रविवार देर शाम युवक की तबीयत अधिक खराब होने पर उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया था।
जहां सोमवार को इलाज के दौरान युवक की मौत होने के बाद उसकी पत्नी ने रिश्तेदारों के साथ हंगामा खड़ा कर दिया। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के गेट के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया। मृतक की पहचान संजीव कुमार पुत्र लाल चंद (38) के रूप में हुई है। उसकी पत्नी ने ससुरालियों पर संजीव से मारपीट किए जाने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक के दो बच्चे हैं।
जानकारी के मुताबिक संजीव इलेक्ट्रिीशियन का काम करता था और रविवार देरशाम संजीव को तबीयत खराब होने पर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां आज सुबह उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। परिजनों ने उसके शव को इमरजेंसी के गेट के बाहर रखकर प्रदर्शन किया और संजीव से मारपीट किए जाने का आरोप लगाए। हंगामा खड़ा होने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की। बाद में लाश का पोस्टमार्टम कराने के फैसले के बाद किसी तरह से उनका गुस्सा शांत किया गया। मृतक की पत्नी सुदेश कुमारी ने बताया कि संजीव शराब पीना का आदी थी और उसके परिजन उसे घर से बेदखल करने की धमकी देते थे। उसने बताया कि कल अपने बच्चों के साथ मायका में गई थी। पीछे से उसके पति की तबीयत खराब होने पर पड़ोसियों ने उसे देर सायं सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। उसने आरोप लगाया कि पति के साथ बार बार उसके परिजन झगड़ा किया करते थे। उसने आरोप लगाया कि शनिवार को भी संजीव के साथ झगड़ा किया गया और उससे मारपीट कर गहरी चोट पहुंचाई गई।
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उसने आरोप लगाया कि पेट में अंदरूनी चोट लगने की वजह से उसकी मौत हो हुई है। पोस्टमार्टम के लिए गठित तीन डाक्टरों के पैनल ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम किया। इस बाबत पूछने पर थाना डिवीजन नं.1 के एसएचओ सुखजिंद्र सिंह ने कहा कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
उधर, मृतक के पिता लाल चंद का कहना है कि संजीव की मौत अधिक शराब पीने से हुई है। संजीव ने सुबह ही अधिक शराब पी रखी थी। इससे उसकी तबीयत अधिक खराब हो गई। उन्होंने बताया कि घर में उसके कोई मारपीट नहीं की गई। जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वे बेबुनियाद हैं। संजीव खुद शराब पीकर अपने भाइयों से लड़ता था और इसकी एक बार थाने में शिकायत भी की जा चुकी है। संजीव के साथ रविवार को कोई झगड़ा नहीं हुआ।
बाक्स
--: उठो पापा उठो, हमें स्कूल के लिए नहीं भेजोगे
जितेन्द्र शर्मा पठानकोट। उठो पापा उठो.. आज हम स्कूल नहीं गये, हमें डांटोगे नहीं। पिता का साया सिर से उठने के बाद बेटा आकाश और बेटी साक्षी का रो-रो कर बुरा हाल था। रो-रो कर बच्चे कह रहे थे पापा अब हमें स्कूल कौन भेजेगा। दोनों बच्चों की बचकानी बातों से वहां खड़े अन्य लोगों का भी दिल पसीज गया। पेश से इलेक्ट्रिीशियन संजीव के बारे में पत्नी सुदेश का कहना है कि वे अपने बच्चों से बहुत प्यार करता था और उनकी एक खुशी के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते थे। वे सुबह उठकर वे अपने बच्चों को खुद स्कूल के लिए तैयार करता था, क्योंकि उसकी ख्वाहिश थी कि उसके बच्चे पढ़ लिखकर बड़े अफसर बनें। लेकिन, उसकी ख्वाहिशों को शायद उसके अपने पारिवारिक सदस्यों की नजर लग गई।
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जहां सोमवार को इलाज के दौरान युवक की मौत होने के बाद उसकी पत्नी ने रिश्तेदारों के साथ हंगामा खड़ा कर दिया। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के गेट के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया। मृतक की पहचान संजीव कुमार पुत्र लाल चंद (38) के रूप में हुई है। उसकी पत्नी ने ससुरालियों पर संजीव से मारपीट किए जाने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक के दो बच्चे हैं।
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जानकारी के मुताबिक संजीव इलेक्ट्रिीशियन का काम करता था और रविवार देरशाम संजीव को तबीयत खराब होने पर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां आज सुबह उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। परिजनों ने उसके शव को इमरजेंसी के गेट के बाहर रखकर प्रदर्शन किया और संजीव से मारपीट किए जाने का आरोप लगाए। हंगामा खड़ा होने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की। बाद में लाश का पोस्टमार्टम कराने के फैसले के बाद किसी तरह से उनका गुस्सा शांत किया गया। मृतक की पत्नी सुदेश कुमारी ने बताया कि संजीव शराब पीना का आदी थी और उसके परिजन उसे घर से बेदखल करने की धमकी देते थे। उसने बताया कि कल अपने बच्चों के साथ मायका में गई थी। पीछे से उसके पति की तबीयत खराब होने पर पड़ोसियों ने उसे देर सायं सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। उसने आरोप लगाया कि पति के साथ बार बार उसके परिजन झगड़ा किया करते थे। उसने आरोप लगाया कि शनिवार को भी संजीव के साथ झगड़ा किया गया और उससे मारपीट कर गहरी चोट पहुंचाई गई।
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उसने आरोप लगाया कि पेट में अंदरूनी चोट लगने की वजह से उसकी मौत हो हुई है। पोस्टमार्टम के लिए गठित तीन डाक्टरों के पैनल ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम किया। इस बाबत पूछने पर थाना डिवीजन नं.1 के एसएचओ सुखजिंद्र सिंह ने कहा कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
उधर, मृतक के पिता लाल चंद का कहना है कि संजीव की मौत अधिक शराब पीने से हुई है। संजीव ने सुबह ही अधिक शराब पी रखी थी। इससे उसकी तबीयत अधिक खराब हो गई। उन्होंने बताया कि घर में उसके कोई मारपीट नहीं की गई। जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वे बेबुनियाद हैं। संजीव खुद शराब पीकर अपने भाइयों से लड़ता था और इसकी एक बार थाने में शिकायत भी की जा चुकी है। संजीव के साथ रविवार को कोई झगड़ा नहीं हुआ।
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--: उठो पापा उठो, हमें स्कूल के लिए नहीं भेजोगे
जितेन्द्र शर्मा पठानकोट। उठो पापा उठो.. आज हम स्कूल नहीं गये, हमें डांटोगे नहीं। पिता का साया सिर से उठने के बाद बेटा आकाश और बेटी साक्षी का रो-रो कर बुरा हाल था। रो-रो कर बच्चे कह रहे थे पापा अब हमें स्कूल कौन भेजेगा। दोनों बच्चों की बचकानी बातों से वहां खड़े अन्य लोगों का भी दिल पसीज गया। पेश से इलेक्ट्रिीशियन संजीव के बारे में पत्नी सुदेश का कहना है कि वे अपने बच्चों से बहुत प्यार करता था और उनकी एक खुशी के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते थे। वे सुबह उठकर वे अपने बच्चों को खुद स्कूल के लिए तैयार करता था, क्योंकि उसकी ख्वाहिश थी कि उसके बच्चे पढ़ लिखकर बड़े अफसर बनें। लेकिन, उसकी ख्वाहिशों को शायद उसके अपने पारिवारिक सदस्यों की नजर लग गई।