{"_id":"315765cc3ca558a4e20de7a65316dff7","slug":"source-of-property-tax-coffers-filling","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रॉपर्टी टैक्स खाली खजाना भरने का जरिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रॉपर्टी टैक्स खाली खजाना भरने का जरिया
पठानकोट
Updated Tue, 17 Dec 2013 10:25 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रॉपर्टी टैक्स को वापस लेने की मांग को लेकर मंगलवार को कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया मार्क्सवादी की ओर से लेबर शेड में धरना दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रॉपर्टी और कॉलोनी टैक्स के विरोध में लोगों को लामबंद किया और पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
पार्टी के सचिव केवल कृष्ण कालिया और डॉ. सुरिंदर गिल ने कहा कि पंजाब सरकार ने जनता पर प्रॉपर्टी टैक्स लगाकर विश्वासघात किया है। सरकार के इस फैसले से लोग अपने घरों में ही किराएदार बनकर रह गए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता ने जब अपने घर बनाने से पहले पूरी प्रक्रियाओं को पूरा किया है, तब जमीन की रजिस्ट्री से लेकर मकान खड़ा करने तक विभिन्न प्रकार की फीसों को भरा है। अब इसके बाद जनता पर प्रॉपर्टी टैक्स लगाना जनता के साथ अन्याय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा अपनी नालायकी को छुपाने के लिए और पंजाब के खाली हो चुके खजाने को भरने के लिए प्रॉपर्टी तथा प्लॉटों पर टैक्स लगाया है। उन्होंने कहा कि षड्यंत्र के तहत पंजाब में कॉलोनियों को अवैध घोषित कर लोगों से भारी भरकम रकम वसूली जा रही है, जबकि महंगाई में लोगाें के पास अपना आशियाना बनाने तक के पैसे नहीं है।
विज्ञापन
वक्ताओं ने कहा कि पहले ही लोग महंगाई से दबे हैं। अब टैक्सों का बोझ लादा जा रहा है जो साल दर साल बढ़ता जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि पंजाब में शहरी लोगों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उनको दी जा रही सुविधाओं पर कुल्हाड़ी चलाई जा रही है। उन्हाेंने कहा कि अगर सरकार ने अपना फैसला वापस न लिया तो संघर्ष और तेज कर दिया जाएगा।
गांवाें को निगम में शामिल करने का विरोध
प्रदर्शनकारियों ने पठानकोट नगर निगम में गांवों को शामिल किए जाने का भी कड़ा विरोध करते हुए कहा कि धक्केशाही कर गांवों को निगम में शामिल किया जा रहा है। इस अवसर पर लोगों को हरबंस लाल, संजीव महाजन, मास्टर सत्यप्रकाश, सुधा रानी, दवी सैनी, विनोद कुमार, विक्रमजीत, कृपाल सिंह, सुरिंदर सहगल, सुरिंदर कलसी, बलबीर सिंह, बलबीर कुमार, तृप्ता देवी, तरुण पाल सिंह शैंटी, विशंबर दास ने संबोधित किया।
विज्ञापन
पार्टी के सचिव केवल कृष्ण कालिया और डॉ. सुरिंदर गिल ने कहा कि पंजाब सरकार ने जनता पर प्रॉपर्टी टैक्स लगाकर विश्वासघात किया है। सरकार के इस फैसले से लोग अपने घरों में ही किराएदार बनकर रह गए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता ने जब अपने घर बनाने से पहले पूरी प्रक्रियाओं को पूरा किया है, तब जमीन की रजिस्ट्री से लेकर मकान खड़ा करने तक विभिन्न प्रकार की फीसों को भरा है। अब इसके बाद जनता पर प्रॉपर्टी टैक्स लगाना जनता के साथ अन्याय है।
विज्ञापन
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा अपनी नालायकी को छुपाने के लिए और पंजाब के खाली हो चुके खजाने को भरने के लिए प्रॉपर्टी तथा प्लॉटों पर टैक्स लगाया है। उन्होंने कहा कि षड्यंत्र के तहत पंजाब में कॉलोनियों को अवैध घोषित कर लोगों से भारी भरकम रकम वसूली जा रही है, जबकि महंगाई में लोगाें के पास अपना आशियाना बनाने तक के पैसे नहीं है।
विज्ञापन
वक्ताओं ने कहा कि पहले ही लोग महंगाई से दबे हैं। अब टैक्सों का बोझ लादा जा रहा है जो साल दर साल बढ़ता जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि पंजाब में शहरी लोगों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उनको दी जा रही सुविधाओं पर कुल्हाड़ी चलाई जा रही है। उन्हाेंने कहा कि अगर सरकार ने अपना फैसला वापस न लिया तो संघर्ष और तेज कर दिया जाएगा।
गांवाें को निगम में शामिल करने का विरोध
प्रदर्शनकारियों ने पठानकोट नगर निगम में गांवों को शामिल किए जाने का भी कड़ा विरोध करते हुए कहा कि धक्केशाही कर गांवों को निगम में शामिल किया जा रहा है। इस अवसर पर लोगों को हरबंस लाल, संजीव महाजन, मास्टर सत्यप्रकाश, सुधा रानी, दवी सैनी, विनोद कुमार, विक्रमजीत, कृपाल सिंह, सुरिंदर सहगल, सुरिंदर कलसी, बलबीर सिंह, बलबीर कुमार, तृप्ता देवी, तरुण पाल सिंह शैंटी, विशंबर दास ने संबोधित किया।