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पुलिस के फ्लैग मार्च से लगा जाम
पठानकोट
Updated Sat, 12 Oct 2013 10:33 PM IST
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दशहरे के मद्देनजर अपनी ताकत का प्रदर्शन करने के लिए जिला पुलिस की ओर से शनिवार दोपहर को निकाला गया फ्लैग मार्च शहरवासियों के लिए परेशानी बन गया।
दोपहर करीब एक बजे खजाना ऑफिस से निकाले गया यह फ्लैग मार्च जैसे ही ढांगू रोड की ओर रवाना हुआ तो लाइटों वाला चौक से इस फ्लैग मार्च को निकालने के लिए डल्हौजी रोड और रेलवे रोड से आने वाली ट्रैफिक को रोकना पड़ा। महज दस मिनट ट्रैफिक को रोकने से भारी जाम लग गया। हालात ये हो गए कि काफी देर तक वाहन इस जाम में ही फंसे रहे। एक तरह से यह फ्लैग मार्च शहर की जनता के लिए मुसीबत ही बन गया।
बिना उच्चाधिकारी के ही निकला फ्लैग मार्च
फ्लैग मार्च में जिले का कोई भी पुलिस उच्चाधिकारी शामिल नहीं था। महज एक एसआई और एएसआई स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में यह फ्लैग मार्च निकाला गया और इसमें पुलिस मुलाजिमों की संख्या भी काफी कम थी। एसआई दिलीप कुमार और एएसआई राकेेश कुमार इस फ्लैग मार्च का नेतृत्व कर रहे थे।
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खुद किया रास्ता साफ
पुलिस द्वारा निकाला गया यह फ्लैग मार्च उस समय हाशिए पर आ गया, जब लाइटों वाला चौक से इस जाम को भारी ट्रैफिक से निकाला गया। फ्लैग मार्च के चलते चारों ओर से ट्रैफिक थम गई थी और फ्लैग मार्च के आगे जाने के लिए रास्ता ही नहीं था। मजबूरन, फ्लैग मार्च में शामिल पुलिस कर्मचारियों को खुद ही वाहनों को साइड पर करना पड़ा और फ्लैग मार्च के लिए रास्ता बनाना पड़ा। शहर के ढांगू रोड तक यही स्थिति रही।
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दोपहर करीब एक बजे खजाना ऑफिस से निकाले गया यह फ्लैग मार्च जैसे ही ढांगू रोड की ओर रवाना हुआ तो लाइटों वाला चौक से इस फ्लैग मार्च को निकालने के लिए डल्हौजी रोड और रेलवे रोड से आने वाली ट्रैफिक को रोकना पड़ा। महज दस मिनट ट्रैफिक को रोकने से भारी जाम लग गया। हालात ये हो गए कि काफी देर तक वाहन इस जाम में ही फंसे रहे। एक तरह से यह फ्लैग मार्च शहर की जनता के लिए मुसीबत ही बन गया।
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बिना उच्चाधिकारी के ही निकला फ्लैग मार्च
फ्लैग मार्च में जिले का कोई भी पुलिस उच्चाधिकारी शामिल नहीं था। महज एक एसआई और एएसआई स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में यह फ्लैग मार्च निकाला गया और इसमें पुलिस मुलाजिमों की संख्या भी काफी कम थी। एसआई दिलीप कुमार और एएसआई राकेेश कुमार इस फ्लैग मार्च का नेतृत्व कर रहे थे।
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खुद किया रास्ता साफ
पुलिस द्वारा निकाला गया यह फ्लैग मार्च उस समय हाशिए पर आ गया, जब लाइटों वाला चौक से इस जाम को भारी ट्रैफिक से निकाला गया। फ्लैग मार्च के चलते चारों ओर से ट्रैफिक थम गई थी और फ्लैग मार्च के आगे जाने के लिए रास्ता ही नहीं था। मजबूरन, फ्लैग मार्च में शामिल पुलिस कर्मचारियों को खुद ही वाहनों को साइड पर करना पड़ा और फ्लैग मार्च के लिए रास्ता बनाना पड़ा। शहर के ढांगू रोड तक यही स्थिति रही।