{"_id":"ffcc9a1cd0b100062639046fa9e1d191","slug":"pathankot-sahapur-kandi-monkey-problem-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शाहपुरकंडी में बंदरों ने मचाया आतंक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शाहपुरकंडी में बंदरों ने मचाया आतंक
ब्यूरो/अमर उजाला, पठानकोट
Updated Sun, 10 Jan 2016 10:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहपुरकंडी में बंदरों के आतंक के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कंडी क्षेत्र में दिन-प्रतिदिन बढ़ रही बंदरों की संख्या ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
आए दिन बंदर घरों में घुसकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं लेकिन वन्य जीव संरक्षण विभाग इन्हें पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा। इससे क्षेत्र के लोगों में रोष है।
गांववासी पूर्ण सिंह पठानिया, राज कुमार, विक्रम शर्मा, बाबूराम शर्मा, ओम प्रकाश ने बताया कि उन्होंने संबंधित विभाग को पहले भी इस बारे में अवगत करवाया था लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ हासिल नहीं हुआ।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि जब रावी का पानी कम होता है तो अधिकतर बंदर जम्मू-कश्मीर की पहाड़ियों से यहां आ जाते हैं क्योंकि वहां इस समय बर्फ पड़ी हुई है।
वन्य जीव संरक्षण मंडल पठानकोट के डीएफओ का कहना है कि विभाग के पास कर्मचारियों की कमी है। शीघ्र ही सार्वजनिक स्थलों पर पिंजरे रखकर बंदरों को पकड़कर जंगलों में छोड़ दिया जाएगा।
विज्ञापन
आए दिन बंदर घरों में घुसकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं लेकिन वन्य जीव संरक्षण विभाग इन्हें पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा। इससे क्षेत्र के लोगों में रोष है।
विज्ञापन
गांववासी पूर्ण सिंह पठानिया, राज कुमार, विक्रम शर्मा, बाबूराम शर्मा, ओम प्रकाश ने बताया कि उन्होंने संबंधित विभाग को पहले भी इस बारे में अवगत करवाया था लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ हासिल नहीं हुआ।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि जब रावी का पानी कम होता है तो अधिकतर बंदर जम्मू-कश्मीर की पहाड़ियों से यहां आ जाते हैं क्योंकि वहां इस समय बर्फ पड़ी हुई है।
वन्य जीव संरक्षण मंडल पठानकोट के डीएफओ का कहना है कि विभाग के पास कर्मचारियों की कमी है। शीघ्र ही सार्वजनिक स्थलों पर पिंजरे रखकर बंदरों को पकड़कर जंगलों में छोड़ दिया जाएगा।