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सेहत मंत्री के फोन के बाद कराया प्रसव
अमर उजाला, पठानकोट
Updated Fri, 17 Jan 2014 10:21 PM IST
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सिविल अस्पताल में एक बार फिर मरीजों के साथ बरती जा रही लापरवाही सामने आई है। वीरवार रात अस्पताल में सेहत मंत्री का फोन न जाता तो शायद जच्चा-बच्चा दोनों को जान से हाथ धोना पड़ता।
शहर के नजदीकी गांव हरिया से एक विवाहिता को वीरवार शाम डिलीवरी के लिए अस्पताल लाया गया।
अस्पताल के प्रबंधकों ने उसे बिना देखे ही गुरदासपुर अस्पताल रेफर कर दिया। दंपति की आर्थिक हालत ऐसी नहीं थी कि वह तुरंत गुरदासपुर जाकर डिलीवरी कर सकें। दंपति गिड़गिड़ाते रहे लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी।
उनकी आवाज सुनकर मोनू नामक युवक ने तुरंत स्वास्थ्य मंत्री सुरजीत सिंह ज्याणी को फोन कर समस्या से अवगत करवाया।
मंत्री काअस्पताल में फोन पहुंचते ही सिविल सर्जन ऑफिस से उक्त दंपति को बुलावा आ गया। महिला को तुरंत अस्पताल में दाखिल कर डिलीवरी करवाई गई।
रवीना पत्नी लालू थापा निवासी थरियाल ने बताया कि वह लोग मूलरूप से नेपाल के रहने वाले हैं। यदि युवक उनकी मदद नहीं करता तो न जाने क्या होता?
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शहर के नजदीकी गांव हरिया से एक विवाहिता को वीरवार शाम डिलीवरी के लिए अस्पताल लाया गया।
अस्पताल के प्रबंधकों ने उसे बिना देखे ही गुरदासपुर अस्पताल रेफर कर दिया। दंपति की आर्थिक हालत ऐसी नहीं थी कि वह तुरंत गुरदासपुर जाकर डिलीवरी कर सकें। दंपति गिड़गिड़ाते रहे लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी।
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उनकी आवाज सुनकर मोनू नामक युवक ने तुरंत स्वास्थ्य मंत्री सुरजीत सिंह ज्याणी को फोन कर समस्या से अवगत करवाया।
मंत्री काअस्पताल में फोन पहुंचते ही सिविल सर्जन ऑफिस से उक्त दंपति को बुलावा आ गया। महिला को तुरंत अस्पताल में दाखिल कर डिलीवरी करवाई गई।
रवीना पत्नी लालू थापा निवासी थरियाल ने बताया कि वह लोग मूलरूप से नेपाल के रहने वाले हैं। यदि युवक उनकी मदद नहीं करता तो न जाने क्या होता?
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