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पनसप इंस्पेक्टर रिश्वत लेता काबू
गुरदासपुर
Updated Wed, 27 Nov 2013 10:50 PM IST
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विजिलेंस विभाग गुरदासपुर की टीम ने पनसप में तैनात एक इंस्पेक्टर को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा है। विजिलेंस ने यह कार्रवाई एक आढ़ती की शिकायत पर की है। बिलाें को पास करवाने के एवज में बीस हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। बाद में 15,000 रुपये में सौदा तय हुआ था।
एसपी विजिलेंस प्रदीप कुमार मलिक ने बताया कि परविंदर सिंह पुत्र गुरचरण सिंह निवासी घणीके डेरा बाबा नानक में मेसर्ज अर्जुन ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर आढ़त करता है। उसने बताया कि उसने पनसप को धान बेचा था जिसकी कीमत 1,25,680 रुपये बनती थी। उसके बिल पनसप कार्यालय जिला गुरदासपुर द्वारा पास किए जाने थे लेकिन पनसप का इंस्पेक्टर पूरन चंद बनती रकम रिलीज नहीं कर रहा था।
बिल पास करने के एवज में पूरन चंद ने 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी, बाद में 1500 रुपये में सौदा तय हुआ। इसके बाद परविंदर सिंह ने 27 नवंबर को एसपी विजिलेंस प्रदीप कुमार मलिक के पास इंस्पेक्टर पूरन चंद पनसप के खिलाफ शिकायत की।
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इसके बाद इंस्पेक्टर पूरन चंद को रंगेहाथ काबू करने के लिए टीम का गठन किया गया और परविंदर सिंह को पैसे लेकर पूरन चंद के पास भेजा गया। जब पनसप इंस्पेक्टर पूरन चंद रिश्वत के पैसे ले रहा था तो विजिलेंस टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगेहाथ काबू कर लिया। अभियुक्त के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत केस दर्ज कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
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एसपी विजिलेंस प्रदीप कुमार मलिक ने बताया कि परविंदर सिंह पुत्र गुरचरण सिंह निवासी घणीके डेरा बाबा नानक में मेसर्ज अर्जुन ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर आढ़त करता है। उसने बताया कि उसने पनसप को धान बेचा था जिसकी कीमत 1,25,680 रुपये बनती थी। उसके बिल पनसप कार्यालय जिला गुरदासपुर द्वारा पास किए जाने थे लेकिन पनसप का इंस्पेक्टर पूरन चंद बनती रकम रिलीज नहीं कर रहा था।
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बिल पास करने के एवज में पूरन चंद ने 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी, बाद में 1500 रुपये में सौदा तय हुआ। इसके बाद परविंदर सिंह ने 27 नवंबर को एसपी विजिलेंस प्रदीप कुमार मलिक के पास इंस्पेक्टर पूरन चंद पनसप के खिलाफ शिकायत की।
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इसके बाद इंस्पेक्टर पूरन चंद को रंगेहाथ काबू करने के लिए टीम का गठन किया गया और परविंदर सिंह को पैसे लेकर पूरन चंद के पास भेजा गया। जब पनसप इंस्पेक्टर पूरन चंद रिश्वत के पैसे ले रहा था तो विजिलेंस टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगेहाथ काबू कर लिया। अभियुक्त के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत केस दर्ज कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।