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हंगामे के बीच हुआ झील से मछली पकड़ने का ठेका

Wed, 20 Aug 2014 10:44 PM IST
शाहपुरकंडी (पठानकोट)।
शाहपुरकंडी (पठानकोट)। Updated Wed, 20 Aug 2014 10:44 PM IST
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lake, fishing rnjit Sagar, administration,Fishermen, Shahpurkandi, Pathankot
 मछुआरों के विरोध के बीच बुधवार को रणजीत सागर बांध परियोजना की झील में मछली पकड़ने का ठेका करा दिया गया। बांध परियोजना के अधिकारियों और मछली पालन विभाग के अधिकारियों ने बोली लगाकर लुधियाना के राम विकाल जसवाल ने 36 लाख 75 हजार में वर्ष 2014-15 तक के लिए मछली पकड़ने का ठेका लिया।
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 इसी साल 30 जुलाई को अमृतसर के गुरिंद्र सिंह ने 27.50 लाख में अंतिम बोली दी थी, लेकिन मछुआरों के विरोध के बीच विवाद खड़ा होने से बांध प्रशासन ने बोली रद्द कर दी थी। पिछली बार बोली की रकम 65 लाख 85 हजार रुपये थी। जबकि वर्तमान में यह घटकर 36 लाख 75 हजार रह गई।
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बुधवार को बोली के विरोध में मछुआरे एक बार फिर पहले ही वहां पहुंच गए। इस मौके पर एसई प्रशासन रछपाल सिंह, मुख्य वित्त अधिकारी एसके सूद, अधिशाषी अभियंता आरएल मित्तल, अनुराग ग्रोवल, सहायक डायरेक्टर मछली पालन विशेष कुमार, सहायक इंजीनियर राम जी दास व जनक राज वशिष्ट की देखरेख में बोली कराई गई।
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उधर, प्रदर्शनकारियों ने बसंत सिंह और जसवंत सिंह संधू के नेतृत्व में प्रदर्शन किया और बांध प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। नसीब सिंह, लियाकत अली, सुरिंद्र सिंह, राकेश कुमार, मुष्ताक दीन, राज कुमार, धर्म सिंह, बलवंत सिंह, रघुनाथ सिंह, उच्चा थड़ा के सरपंच आंचल सिंह और सरपंच बलवंत सिंह ने बताया कि मछुआरे पिछले कई सालों से मछली पकड़ने के धंधे से जुड़े हुए हैं । वे इसी से अपने परिवार का गुजारा चलाते हैं, लेकिन बाहर के ठेकेदार उनसे पैसे लेकर भाग जाते हैं। उन्होंने प्रशासन से ठेके को रद्द कर स्थानीय औसती परिवार को अलाट करने की मांग की।


कोर्ट पहुंचा मामला
शाहपुरकंडी (पठानकोट)। रणजीत सागर बांध परियोजना की झील में मछली पकड़ने के लिए पूर्व में कराई बोली को रद्द करने के खिलाफ सबसे उच्चतम बोली लगाने वाले ठेकेदार गुरिंद्र सिंह ने कोर्ट की शरण ली है। ठेकेदार के कारिंदे अमिंद्र सिंह, अवतार सिंह, हरिंद्र सिंह ने बताया कि बोली रद्द करने संबंधी उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई। 19 अगस्त को उन्हें फोन पर अपनी सिक्योरिटी की राशि वापस लेने के लिए कह दिया गया है। उधर, बांध परियोजना के अधिकारियों ने कहा कि बोली रद्द करने की सूचना रजिस्टर्ड पोस्ट के जरिए भेजी गई थी।

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