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निर्धारित समय में काम नहीं हुआ तो जुर्माना
गुरदासपुर
Updated Fri, 01 Nov 2013 10:42 PM IST
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अतिरिक्त उपायुक्त सुखदेव सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को स्थानीय पंचायत भवन में पंजाब सेवा अधिकार कानून को सरकारी विभागों के अंदर सुचारु ढंग से लागू करने के मकसद से ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
सुखदेव सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा सरकारी कार्यालयों में काम करवाते समय लोगों को पेश आने वाली मुश्किलों और भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए पंजाब सेवा के अधिकार कानून 2011 के तहत पहले अलग-अलग विभागों से संबंधित उपलब्ध करवाई जा रही 69 सेवाओं में इजाफा करके सरकार ने 19 अन्य सरकारी विभागों की 149 सेवाओं को सेवा अधिकार कानून के दायरे में लिया है।
उन्होंने कहा कि इस कानून के बनने से पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है जहां कामों के लिए समय सीमा निर्धारित की गई है। किस काम को कितना समय लगेगा यह इसमें स्पष्ट होगा। निर्धारित समय के अंदर काम न होने की सूरत में संबंधित अधिकारी को काम न करने के आरोप में 500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 5000 रुपये तक का जुर्माना किया जा सकता है।
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इस कानून के तहत विभागों द्वारा अलग-अलग स्तरों पर सूचना अधिकारी नियुक्त किए जाते हैं। निश्चित समय में काम न होने की सूरत में आवेदनकर्ता अर्जी जमा करवाने की रसीद या डिस्पेच नंबर लगा कर पंजाब लोक सेवा कमीशन को अपनी शिकायत भेज सकता है।
उन्होंने कहा कि जिले के अंदर पंजाब सेवा अधिकार कानून को प्रभावशाली ढंग से लागू करने के लिए संबंधित विभागों के मुखी अधिकारियों को फील्ड में काम करते अधिकारियों/ कर्मचारियों और आम लोगों को पंजाब सेवा अधिकार एक्ट संबंधी ट्रेनिंग कैंप लगा कर जागरूक करने के आदेश जारी किए गए हैं। इस मौके पर एसपी (डी) जसपाल, एसई पावर कारपोरेशन इंजीनियर जसबीर सिंह, पावरकॉम के एसई रमेश सारंगल, जिला शिक्षा अफसर दीदार सिंह, जिला मंडी अफसर हरमिंदर सिंह, जिला भलाई अफसर बलविंदर सिंह के अलावा समूह संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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सुखदेव सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा सरकारी कार्यालयों में काम करवाते समय लोगों को पेश आने वाली मुश्किलों और भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए पंजाब सेवा के अधिकार कानून 2011 के तहत पहले अलग-अलग विभागों से संबंधित उपलब्ध करवाई जा रही 69 सेवाओं में इजाफा करके सरकार ने 19 अन्य सरकारी विभागों की 149 सेवाओं को सेवा अधिकार कानून के दायरे में लिया है।
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उन्होंने कहा कि इस कानून के बनने से पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है जहां कामों के लिए समय सीमा निर्धारित की गई है। किस काम को कितना समय लगेगा यह इसमें स्पष्ट होगा। निर्धारित समय के अंदर काम न होने की सूरत में संबंधित अधिकारी को काम न करने के आरोप में 500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 5000 रुपये तक का जुर्माना किया जा सकता है।
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इस कानून के तहत विभागों द्वारा अलग-अलग स्तरों पर सूचना अधिकारी नियुक्त किए जाते हैं। निश्चित समय में काम न होने की सूरत में आवेदनकर्ता अर्जी जमा करवाने की रसीद या डिस्पेच नंबर लगा कर पंजाब लोक सेवा कमीशन को अपनी शिकायत भेज सकता है।
उन्होंने कहा कि जिले के अंदर पंजाब सेवा अधिकार कानून को प्रभावशाली ढंग से लागू करने के लिए संबंधित विभागों के मुखी अधिकारियों को फील्ड में काम करते अधिकारियों/ कर्मचारियों और आम लोगों को पंजाब सेवा अधिकार एक्ट संबंधी ट्रेनिंग कैंप लगा कर जागरूक करने के आदेश जारी किए गए हैं। इस मौके पर एसपी (डी) जसपाल, एसई पावर कारपोरेशन इंजीनियर जसबीर सिंह, पावरकॉम के एसई रमेश सारंगल, जिला शिक्षा अफसर दीदार सिंह, जिला मंडी अफसर हरमिंदर सिंह, जिला भलाई अफसर बलविंदर सिंह के अलावा समूह संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।