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जमीन की खरीद फरोख्त में लाखों की धोखाधड़ी
पठानकोट।
Updated Sun, 09 Feb 2014 11:22 PM IST
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पुलिस ने जमीन खरीद फरोख्त में महिला से तीन लाख की धोखाधड़ी करने के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है। फिलहाल आरोपी फरार बताया जा रहा है।
अरुण नगर निवासी दीप्ति शर्मा, पत्नी राकेश शर्मा ने शिकायत की थी कि उसने बुंगल निवासी दीपक कुमार से एक कनाल आठ मरले जमीन का सौदा पांच लाख रुपये में किया था। सौदे के मुताबिक उसने तीन लाख रुपये बतौर बयाना उसे दिया।
बाकी पैसे 19 अक्तूबर 2012 को जमीन की रजिस्ट्री करने के बाद देना तय हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि 19 अक्टूबर 2012 को दीपक रजिस्ट्री करने के लिए तहसील नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में दस्तावेजों की जांच पड़ताल करने पर बयाना के समय जिस जमीन का सौदा किया गया था उसमें जमाबंदी साल 2006-07 की लगाई गई थी और हलका पटवारी की ओर से 18 नवंबर 2012 को उसे जारी किया गया था।
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उन्होंने बताया कि उक्त जमाबंदी में 10.36 लाख रुपये कर्ज का जिक्र नहीं किया गया है। उसके बाद जमाबंदी में 10.36 लाख रुपये बैंक का कर्ज बताया गया है। उन्होंने बताया कि दस्तावेजों में हेरा फेरी होने के बाद अपने पैसे वापस मांगे तो दीपक ने टाल मटोल करना शुरू कर दिया।
इसकी शिकायत दीप्ति ने एसएसपी राकेश कौशल से की थी। एसएसपी ने जांच डीएसपी सिटी वरिंद्र सिंह संधू को सौंपी थी। डीएसपी की जांच के आधार पर थाना डिवीजन नं.1 में दीपक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल आरोपी फरार है।
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अरुण नगर निवासी दीप्ति शर्मा, पत्नी राकेश शर्मा ने शिकायत की थी कि उसने बुंगल निवासी दीपक कुमार से एक कनाल आठ मरले जमीन का सौदा पांच लाख रुपये में किया था। सौदे के मुताबिक उसने तीन लाख रुपये बतौर बयाना उसे दिया।
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बाकी पैसे 19 अक्तूबर 2012 को जमीन की रजिस्ट्री करने के बाद देना तय हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि 19 अक्टूबर 2012 को दीपक रजिस्ट्री करने के लिए तहसील नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में दस्तावेजों की जांच पड़ताल करने पर बयाना के समय जिस जमीन का सौदा किया गया था उसमें जमाबंदी साल 2006-07 की लगाई गई थी और हलका पटवारी की ओर से 18 नवंबर 2012 को उसे जारी किया गया था।
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उन्होंने बताया कि उक्त जमाबंदी में 10.36 लाख रुपये कर्ज का जिक्र नहीं किया गया है। उसके बाद जमाबंदी में 10.36 लाख रुपये बैंक का कर्ज बताया गया है। उन्होंने बताया कि दस्तावेजों में हेरा फेरी होने के बाद अपने पैसे वापस मांगे तो दीपक ने टाल मटोल करना शुरू कर दिया।
इसकी शिकायत दीप्ति ने एसएसपी राकेश कौशल से की थी। एसएसपी ने जांच डीएसपी सिटी वरिंद्र सिंह संधू को सौंपी थी। डीएसपी की जांच के आधार पर थाना डिवीजन नं.1 में दीपक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल आरोपी फरार है।