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हार के गम में राजीव गांधी को भूले कांग्रेसी
पठानकोट ।
Updated Wed, 21 May 2014 10:28 PM IST
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देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की 23वीं पुण्यतिथि से शहर के कांग्रेसी कुछ ऐसे अनजान नजर आए मानो वे अभी तक लोकसभा चुनाव में मिली हार के कारण निराशा से उबरे न हों।
अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि बुधवार को शहर में कहीं भी पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन तक नहीं हुआ। इस बीच पार्टी कार्यालय पर भी कोई गहमागहमी नजर नहीं आई और यहां पूरे दिन सन्नाटा छाया रहा।
इस बीच जिले के कुछ अन्य इलाकों में ही राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर कार्यक्रमों का आयोजन हो सका। दूसरी ओर शहर के कांग्रेसी नेता पुण्यतिथि से पूरी तरह बेखबर नजर आए। आम तौर पर पार्टी के नेताओं का यह रवैया नजर नहीं आता। बीते वर्षों में देखा गया है कि शहर के कुछ सक्रिय नेताओं की ओर से ऐसे मौकों पर निश्चित रूप से श्रद्धांजलि समारोहों का आयोजन कराया जाता रहा है।
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हालांकि बुधवार को शहर में कांग्रेस के वे सक्रिय नेताओं में कोई तत्परता नजर नहीं आई। शायद यही कारण था कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की 23वीं पुण्यतिथि के मौके पर श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन नहीं हुआ। यहां तक की पार्टी के कार्यालय में भी नेताओं की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम ही दिखी।
उधर, बुधवार को पार्टी के नेताओं में श्रद्धांजलि समारोह के आयोजन में तत्परता की यह कमी शहर में चर्चा का विषय बनी रही। माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद पार्टी के कुछ नेताओं के बीच आपसी तल्खी और बढ़ गई है। हालांकि पार्टी से जुड़ा शहर का कोई भी नेता इस संबंध में बोलने से कतराता नजर आया।
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अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि बुधवार को शहर में कहीं भी पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन तक नहीं हुआ। इस बीच पार्टी कार्यालय पर भी कोई गहमागहमी नजर नहीं आई और यहां पूरे दिन सन्नाटा छाया रहा।
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इस बीच जिले के कुछ अन्य इलाकों में ही राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर कार्यक्रमों का आयोजन हो सका। दूसरी ओर शहर के कांग्रेसी नेता पुण्यतिथि से पूरी तरह बेखबर नजर आए। आम तौर पर पार्टी के नेताओं का यह रवैया नजर नहीं आता। बीते वर्षों में देखा गया है कि शहर के कुछ सक्रिय नेताओं की ओर से ऐसे मौकों पर निश्चित रूप से श्रद्धांजलि समारोहों का आयोजन कराया जाता रहा है।
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हालांकि बुधवार को शहर में कांग्रेस के वे सक्रिय नेताओं में कोई तत्परता नजर नहीं आई। शायद यही कारण था कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की 23वीं पुण्यतिथि के मौके पर श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन नहीं हुआ। यहां तक की पार्टी के कार्यालय में भी नेताओं की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम ही दिखी।
उधर, बुधवार को पार्टी के नेताओं में श्रद्धांजलि समारोह के आयोजन में तत्परता की यह कमी शहर में चर्चा का विषय बनी रही। माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद पार्टी के कुछ नेताओं के बीच आपसी तल्खी और बढ़ गई है। हालांकि पार्टी से जुड़ा शहर का कोई भी नेता इस संबंध में बोलने से कतराता नजर आया।