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जिला तो बना दिया पर सुविधाएं कौन देगा

Thu, 14 Nov 2013 10:28 PM IST
पठानकोट
पठानकोट Updated Thu, 14 Nov 2013 10:28 PM IST
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Facilities at the district who will then be made
दो साल पहले जब पठानकोट को जिले का दर्जा मिला था तो लोगों में उम्मीद जगी थी कि अब पठानकोट का विकास होगा लेकिन दो साल बीत जाने पर भी हालात वैसे ही हैं। खासकर जिला मुख्यालय शहर पठानकोट में तो किसी भी नई योजना पर काम तक नहीं किया गया है, जिससे शहरवासियों में रोष है।
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शहर की सड़कें, पीने के पानी, साफ-सफाई, सीवरेज और ट्रैफिक की समस्या दिन-प्रतिदिन विकराल होती जा रही है। मालूम हो कि 27 जुलाई, 2011 को उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने राज्य के फाजिल्का के साथ-साथ पठानकोट को भी जिले का दर्जा देने की घोषणा की थी।
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जाम की समस्या से जूझ रहा शहर
शहर कई साल से जाम की समस्या से जूझ रहा है। कई बार प्रशासन ने शहरवासियों को ट्रैफिक समस्या से निजात दिलाने के लिए योजनाएं तो बनाईं, लेकिन उनको अमलीजामा नहीं पहनाया गया। ये योजनाएं महज कागजी कार्रवाई तक ही सीमित होकर रह गई हैं। हालांकि पठानकोट के जिला बनने के बाद शहर के लोगों में उम्मीद जागी थी कि शायद अब ट्रैफिक समस्या का समाधान होगा, लेकिन आज भी लोग ट्रैफिक समस्या से जूझ रहे हैं।
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जगह-जगह से सीवरेज ओवरफ्लो
पठानकोट में सीवरेज समस्या का इतना ज्यादा बुरा हाल है कि किसी भी गली-मोहल्ले में सीवरेज के खुले ढक्कन देखने को मिल जाएंगे। कई जगहों पर तो नालों का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर गलियों में बह रहा है जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सीवरेज समस्या के साथ ही शहर में साफ-सफाई को लेकर भी कोई खास प्रबंध नहीं हैं। कई मोहल्लों में गंदगी के ढेर देखे जा सकते हैं।

स्वच्छ पानी को तरसे लोग
शहर के कई मोहल्लों में लोग स्वच्छ पानी को तरस रहे हैं। कई ऐसे मोहल्ले हैं जहां पिछले कई साल से दूषित पानी सप्लाई हो रहा है और इसे पीने से लोग बीमार भी पड़ रहे हैं। कई बार प्रशासन को अवगत करवाने के बावजूद इस समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा है। मोहल्ला प्रीतनगर, सैली कुलियां, बजरी कंपनी, चार मरला क्वार्टर, घरथौली मोहल्ला सहित कई मोहल्लों में लोगों के घरों में गंदा पानी आ रहा है।

एक किलोमीटर में पांच सौ गड्ढे
शहर की सड़कों का तो बहुत बुरा हाल है। करीब एक किलोमीटर सड़क में पांच सौ से भी ज्यादा गड्ढे मिल जाएंगे। शहर की सड़कों पर वाहन लेकर चलना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल है। सड़कों पर दो-दो फुट से भी ज्यादा गहरे गहरे गड्ढे हैं। जरा सी बारिश होने पर इन गड्ढों में पानी जमा हो जाता है जिससे हर समय हादसे का डर बना रहता है।  शहर के ढांगू रोड और ढाकी रोड का हाल सबसे ज्यादा खराब है।

लावारिस पशु भी बने परेशानी
शहर के प्रत्येक चौक चौराहे में लावारिस पशु देखे जा सकते हैं। शहर में इन पशुओं की संख्या में लगातार इजाफा भी हो रहा है। बावजूद इसके स्थानीय प्रशासन इसे लेकर गंभीर नहीं है। कई सड़कों पर तो ये लावारिस पशु झुंड बनाकर बैठे रहते हैं, जिससे कई बार वाहन चालक घायल भी हो चुके हैं। हालांकि, जिला प्रशासन की ओर से कुछ समय पहले इन पशुओं को पकड़ने के लिए टीम भी बनाई गई थी, लेकिन यह टीम आज तक एक भी पशु नहीं पकड़ पाई है।


विकासशील जिला बनाने में जुटी सरकार
जिले के विकास पर विधायक अश्वनी शर्मा ने कहा कि पठानकोट को राज्य का सबसे विकसित जिला बनाया जाएगा। राज्य सरकार की ओर से पठानकोट जिले को जल्द बढ़ा पैकेज दिया जा रहा है। वहीं, शहर की सड़कों की मरम्मत का कार्य चल रहा है। सीवरेज समस्या के हल के लिए भी कार्य किया जा रहा है। लावारिस पशुओं को पकड़कर शहर से बाहर छोड़ा जाता है। उन्होंने कहा कि पठानकोट जिला राज्य का सबसे विकसित जिला बनाया जाएगा। जिले के अन्य विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर काम करेंगे।

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