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युवक को थमा दिया एक्सपाइरी इंजेक्शन
पठानकोट
Updated Wed, 30 Oct 2013 10:30 PM IST
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पठानकोट के सिविल अस्पताल में इलाज के लिए आए एक व्यक्ति ने अस्पताल के जन औषधालय पर ओवर डेट इंजेक्शन देने का आरोप लगाया है। व्यक्ति का कहना है कि उससे इंजेक्शन के पचास रुपये भी वसूल किए गए। व्यक्ति ने मामले की शिकायत अस्पताल में तैनात डॉक्टर भूपिंदर से की। इसके बाद मामला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉक्टर गुरदित्त सिंह के ध्यान में लाया गया है। सिविल सर्जन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी।
गांव छोटपुर निवासी प्रतीक शर्मा ने बताया कि वह मंगलवार को गांव के ही एक दोस्त अमरिंदर का इलाज करवाने के लिए अस्पताल में आया था। उसकी गाल में गिल्टियां (खून जमने की बीमारी) थी। अस्पताल के डॉक्टर सुनील ने अमरिंदर की गाल का ऑपरेशन करने से पहले उसे बेहोश करने के लिए एक जॉयलोजेन नामक इंजेक्शन लिख कर दिया। प्रतीक ने आरोप लगाया कि जब वह इंजेक्शन लेने के लिए औषधालय केंद्र में गया तो वहां पर तैनात एक कर्मचारी ने उसे यह इंजेक्शन थमा दिया और जिसे लेकर वे डॉक्टर के पास आ गया।
डॉक्टर ने इंजेक्शन पर लिखी डेट पढ़ी तो इंजेक्शन ओवर डेट निकला। इंजेक्शन पर एक्सपायरी डेट 4 अप्रैल, 2013 लिखी गई थी। प्रतीक ने आरोप लगाया कि सिविल अस्पताल में जहां सरकारी दवाओं को ज्यादा रेट पर बेचा जा रहा है, वहीं ओवर डेट दवाएं भी मरीजों को थमा दी जा रही हैं।
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गांव छोटपुर निवासी प्रतीक शर्मा ने बताया कि वह मंगलवार को गांव के ही एक दोस्त अमरिंदर का इलाज करवाने के लिए अस्पताल में आया था। उसकी गाल में गिल्टियां (खून जमने की बीमारी) थी। अस्पताल के डॉक्टर सुनील ने अमरिंदर की गाल का ऑपरेशन करने से पहले उसे बेहोश करने के लिए एक जॉयलोजेन नामक इंजेक्शन लिख कर दिया। प्रतीक ने आरोप लगाया कि जब वह इंजेक्शन लेने के लिए औषधालय केंद्र में गया तो वहां पर तैनात एक कर्मचारी ने उसे यह इंजेक्शन थमा दिया और जिसे लेकर वे डॉक्टर के पास आ गया।
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डॉक्टर ने इंजेक्शन पर लिखी डेट पढ़ी तो इंजेक्शन ओवर डेट निकला। इंजेक्शन पर एक्सपायरी डेट 4 अप्रैल, 2013 लिखी गई थी। प्रतीक ने आरोप लगाया कि सिविल अस्पताल में जहां सरकारी दवाओं को ज्यादा रेट पर बेचा जा रहा है, वहीं ओवर डेट दवाएं भी मरीजों को थमा दी जा रही हैं।
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