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बिजली-पानी के लिए किसानों का हल्ला बोल
गुरदासपुर ।
Updated Wed, 18 Jun 2014 10:34 PM IST
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कृषि कार्य के लिए बिजली-पानी की जरूरतों को पूरा करने की मांग को लेकर किसानों ने बुधवार को आवाज बुलंद की। उन्होंने एमई पावरकाम कार्यालय के सामने धरना दिया। साथ ही उन्होंने एसई जसवीर सिंह को मांग पत्र सौंपा।
किरती किसान यूनियन द्वारा स्थानीय गुरु नानक पार्क में आयोजित धरना प्रदर्शन के बाद किसान एसई पावर कॉम के कार्यालय समक्ष पहुंचे। वे वहां धरने पर बैठ गए। किरती किसान यूनियन के प्रादेशिक महासचिव सतबीर सिंह सुलतानी, जिलाध्यक्ष तरलोक सिंह बहरामपुर, सूबा सिंह सुलतानी, विजय कुमार सोहल, सागर सिंह भोला, अनूप सिंह खन्ना चमारां सरीखे किसान नेताओं ने संबोधन किया।
धरने के दौरान किसानों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों की बात को एसई ने सुना। बातचीत दौरान चेयरमैन पावर काम पटियाला के नाम भेजे मांग पत्र में मांग की कि कृषि मोटरों के लिए बिजली सप्लाई 16 घंटें की जाय। घरों ने 24 घंटे निरंतर सप्लाई दी जाए। पांच एकड़ तक के किसानों को ट्यूबवैल कनेक्श्न सरकार अपने खर्च पर दे। साथ ही जले व चोरी हुए ट्रांसफार्मरों के स्थान पर 24 घंटे में बदला जाय।
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वांछित समान का प्रबंध पावरकाम द्वारा किया जाए। मोटरों पर लोड बढ़ाने की फीस 1200 रुपये प्रति हार्सपावर की जाए। यह भी मांग की गई कि घरेलू, ट्यूबवेल कनेक्शनों को पूरी वोल्टेज दी जाए। ट्यूबवेल सप्लाई के दौरान बंद लाइन के समय की पूर्ति की जाय, बार्डर क्षेत्र के लिए ट्यूबवेल की सप्लाई सुबह पांच बजे से एक बजे तक प्रतिदिन एक शिफ्ट में दी जाए। इसके अलावा घरेलू उपभोक्ताओं पर 700 करोड़ रुपये का बोझ डालने के प्रावधान को रद्द किया जाए और घरेलू सप्लाई सस्ती दरों पर की जाए।
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किरती किसान यूनियन द्वारा स्थानीय गुरु नानक पार्क में आयोजित धरना प्रदर्शन के बाद किसान एसई पावर कॉम के कार्यालय समक्ष पहुंचे। वे वहां धरने पर बैठ गए। किरती किसान यूनियन के प्रादेशिक महासचिव सतबीर सिंह सुलतानी, जिलाध्यक्ष तरलोक सिंह बहरामपुर, सूबा सिंह सुलतानी, विजय कुमार सोहल, सागर सिंह भोला, अनूप सिंह खन्ना चमारां सरीखे किसान नेताओं ने संबोधन किया।
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धरने के दौरान किसानों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों की बात को एसई ने सुना। बातचीत दौरान चेयरमैन पावर काम पटियाला के नाम भेजे मांग पत्र में मांग की कि कृषि मोटरों के लिए बिजली सप्लाई 16 घंटें की जाय। घरों ने 24 घंटे निरंतर सप्लाई दी जाए। पांच एकड़ तक के किसानों को ट्यूबवैल कनेक्श्न सरकार अपने खर्च पर दे। साथ ही जले व चोरी हुए ट्रांसफार्मरों के स्थान पर 24 घंटे में बदला जाय।
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वांछित समान का प्रबंध पावरकाम द्वारा किया जाए। मोटरों पर लोड बढ़ाने की फीस 1200 रुपये प्रति हार्सपावर की जाए। यह भी मांग की गई कि घरेलू, ट्यूबवेल कनेक्शनों को पूरी वोल्टेज दी जाए। ट्यूबवेल सप्लाई के दौरान बंद लाइन के समय की पूर्ति की जाय, बार्डर क्षेत्र के लिए ट्यूबवेल की सप्लाई सुबह पांच बजे से एक बजे तक प्रतिदिन एक शिफ्ट में दी जाए। इसके अलावा घरेलू उपभोक्ताओं पर 700 करोड़ रुपये का बोझ डालने के प्रावधान को रद्द किया जाए और घरेलू सप्लाई सस्ती दरों पर की जाए।