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पांच साल की बच्ची को कुत्ते ने नोचा
अमर उजाला, बटाला
Updated Thu, 15 May 2014 10:31 PM IST
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मोहल्ला तेलियांवाल में वीरवार को एक पांच साल की बच्ची सानिया को लावारिस कुत्तों ने काट खाया। बच्ची को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। वहां वैक्सीनेशन की गई। बच्ची की हालत खतरे से बाहर है।
सानिया की मां ने बताया कि सानिया घर के पास ही खेल रही थी। इस दौरान लावारिस कुत्ते ने उसपर हमला कर उसका पैर नोच लिया। रोते-रोते वह घर पहुंची। उसके पैर से खून बह रहा था। टांग पर दांत के निशान और घाव थे।
वह तुरंत बच्ची को बटाला के सिविल अस्पताल में उपचार के लिए ले गए। अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्ची का इलाज शुरू कर दिया। बच्ची के अभिभावकों और क्षेत्र के लोगों ने स्थानीय प्रशासन से अपील की कि इन लावारिस कुत्तों पर लगाम लगाई जाए।
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इनके कारण बच्चों का घर से बाहर निकलना मुश्किल है। क्षेत्र में ऐसे कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। इनपर नियंत्रण करने की योजना तैयार करने की जिम्मेदारी नगर परिषद बटाला की है लेकिन स्थानीय प्रशासन भी इस मामले में असहाय महसूस कर रहा है।
नगर परिषद बटाला के ईओ मनमोहन सिंह का कहना है कि वास्तव में क्षेत्र में लावारिस कुत्तों की भरमार है। क्षेत्र के लिए यह बड़ी समस्या है। ईओ ने बताया कि कानूनी तौर वह इन कुत्तों को मार नहीं सकते लेकिन उन्होंने ने इन कुत्तों की नसबंदी के लिए वेटरिनरी विभाग से वैक्सीनेशन करने के लिए टाईअप किया हुआ है। अब तक एक भी कुत्ते का वैक्सीनेशन नहीं हुआ है।
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सानिया की मां ने बताया कि सानिया घर के पास ही खेल रही थी। इस दौरान लावारिस कुत्ते ने उसपर हमला कर उसका पैर नोच लिया। रोते-रोते वह घर पहुंची। उसके पैर से खून बह रहा था। टांग पर दांत के निशान और घाव थे।
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वह तुरंत बच्ची को बटाला के सिविल अस्पताल में उपचार के लिए ले गए। अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्ची का इलाज शुरू कर दिया। बच्ची के अभिभावकों और क्षेत्र के लोगों ने स्थानीय प्रशासन से अपील की कि इन लावारिस कुत्तों पर लगाम लगाई जाए।
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इनके कारण बच्चों का घर से बाहर निकलना मुश्किल है। क्षेत्र में ऐसे कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। इनपर नियंत्रण करने की योजना तैयार करने की जिम्मेदारी नगर परिषद बटाला की है लेकिन स्थानीय प्रशासन भी इस मामले में असहाय महसूस कर रहा है।
नगर परिषद बटाला के ईओ मनमोहन सिंह का कहना है कि वास्तव में क्षेत्र में लावारिस कुत्तों की भरमार है। क्षेत्र के लिए यह बड़ी समस्या है। ईओ ने बताया कि कानूनी तौर वह इन कुत्तों को मार नहीं सकते लेकिन उन्होंने ने इन कुत्तों की नसबंदी के लिए वेटरिनरी विभाग से वैक्सीनेशन करने के लिए टाईअप किया हुआ है। अब तक एक भी कुत्ते का वैक्सीनेशन नहीं हुआ है।