{"_id":"da71c58952630c5123e9235cb795d840","slug":"army-remote-control-airoplane-fall-in-pathankot","type":"story","status":"publish","title_hn":"पठानकोट में सेना का रिमोट संचालित टोही विमान गिरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पठानकोट में सेना का रिमोट संचालित टोही विमान गिरा
अमर उजाला, पठानकोट
Updated Thu, 28 Nov 2013 09:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर के पास धार के जंगलों में वीरवार सुबह सेना का टोही विमान गिर गया। रिमोट द्वारा संचालित इस जहाज को जंगलों के पास सैनिक छावनी की ओर से उड़ाया गया था।
सुबह करीब 11 बजे यह विमान अचानक आसमान से जंगलों में जा गिरा। बिना पायलट के रिमोट द्वारा संचालित इस जहाज के गिरने का कारण जहाज का रिमोट की रेंज से बाहर होना बताया जा रहा है। रिमोट की रेंज से बाहर होते ही यह धार के सारटी गांव के पास जंगल में जा गिरा।
सेना ने इसे ढूंढने के लिए स्थानीय पुलिस की मदद ली और जहाज से मिल रहे सिगनल से उसे ढूंढ निकाला। धार के पुलिस इंचार्ज भारत भूषण के अनुसार जहाज गिरने के बाद सेना ने उसने संपर्क किया, जिसके बाद उन्होंने सेना की मदद करते हुए उसे ढूंढ कर सेना के हवाले कर दिया।
विज्ञापन
सेना द्वारा इस एक मीटर लंबे जहाज का इस्तेमाल दुश्मन की टोह लेने के लिए किया जाता है। हाई-प्रोफाइल कैमरा पिक्सल से लैस यह टोही विमान दुश्मन के तमाम संवेदनशील ठिकानों की पिक्चर तक कैद कर लेता है और दुश्मन की प्रत्येक हरकत पर नजर रखता है।
रुटीन की तरह सेना की और से आज भी इस जहाज को धार के जंगलों के ऊपर से उड़ाया जा रहा था कि तभी सेना को इसका सिग्नल मिलना बंद हो गया और गांव जाकर इसकी तफ्तीश की तो गांववासियों से पता चला कि सुबह उड़ रहा एक जहाज जंगलों में जा गिरा था।
विज्ञापन
सुबह करीब 11 बजे यह विमान अचानक आसमान से जंगलों में जा गिरा। बिना पायलट के रिमोट द्वारा संचालित इस जहाज के गिरने का कारण जहाज का रिमोट की रेंज से बाहर होना बताया जा रहा है। रिमोट की रेंज से बाहर होते ही यह धार के सारटी गांव के पास जंगल में जा गिरा।
विज्ञापन
सेना ने इसे ढूंढने के लिए स्थानीय पुलिस की मदद ली और जहाज से मिल रहे सिगनल से उसे ढूंढ निकाला। धार के पुलिस इंचार्ज भारत भूषण के अनुसार जहाज गिरने के बाद सेना ने उसने संपर्क किया, जिसके बाद उन्होंने सेना की मदद करते हुए उसे ढूंढ कर सेना के हवाले कर दिया।
विज्ञापन
सेना द्वारा इस एक मीटर लंबे जहाज का इस्तेमाल दुश्मन की टोह लेने के लिए किया जाता है। हाई-प्रोफाइल कैमरा पिक्सल से लैस यह टोही विमान दुश्मन के तमाम संवेदनशील ठिकानों की पिक्चर तक कैद कर लेता है और दुश्मन की प्रत्येक हरकत पर नजर रखता है।
रुटीन की तरह सेना की और से आज भी इस जहाज को धार के जंगलों के ऊपर से उड़ाया जा रहा था कि तभी सेना को इसका सिग्नल मिलना बंद हो गया और गांव जाकर इसकी तफ्तीश की तो गांववासियों से पता चला कि सुबह उड़ रहा एक जहाज जंगलों में जा गिरा था।