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किसानों ने नेशनल हाईवे पर लगाया जाम
Pathankot
Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
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पठानकोट। गांव फुलड़ा में जमीन बचाओ संघर्ष कमेटी का संघर्ष जारी है। शनिवार को ग्रामीणों ने जम्मू-जालंधर राष्ट्रीय राजमार्ग पर नंगलभूर अड्डा में धरना देकर जाम किया। इसके चलते सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और घंटों वाहन चालक जाम में फंसे रहे। इस मौके पर प्रदर्शनकारियों ने जमीन अधिग्रहण को लेकर पंजाब सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस मौके पर जम्हूरी किसान सभा के प्रदेश प्रधान डा. सतनाम सिंह अजनाला ने कहा कि किसानों को फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। अब उनकी जमीन का अधिग्रहण करना अफसोसजनक है। उन्होंने कहा कि किसान अपनी जमीन को किसी भी कीमत पर कौड़ियों के भाव बेचने नहीं देंगे और उसका जोरदार विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरे पंजाब में जबरदस्ती जमीन अधिग्रहण के खिलाफ लहर चलाई जा रही है और उसके परिणाम सामने है। कई जगह सरकार को किसानों के विरोध के चलते पीछे हटना पड़ा है और यहां पर उसे झुकने को मजबूर किया जाएगा।
सभा के प्रदेश महासचिव कुलवंत सिंह संधू, सीटू के नत्था सिंह, भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के जिला प्रधान लखविंद्र सिंह मांजेवाली, किरती किसान यूनियन के जिला प्रधान रमेश राणा, देहाती मजदूर सभा के प्रदेश वित्त सचिव लाल चंद कटारुचक्क, मजदूर मुक्ति मोर्चा के बशीर गिल ने अफसोस जताते हुए कहा कि सरकार की ओर से गांव की 35 एकड़ जमीन का अधिग्रहण सेना के लिए किया जा रहा है। लेकिन उक्त जमीन के मालिकों 100 परिवारों से पूछा तक नहीं गया है। जमीन का अधिग्रहण ग्रामीणों के साथ धक्का है।
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इससे पहले ग्रामीणों ने गांव के बीच रोष प्रदर्शन करने के बाद हाईवे पर आकर धरना लगा दिया। इस मौके पर बलवंत सिंह, दलबीर सिंह, भट्ठा मजदूर यूनियन के शिव कुमार तरसेम सिंह, जय सिंह, बख्शीश सिंह, कुलदीप सिंह, तिलक सिंह, सागर सिंह, हरदीप सिंह, गोबिंद सिंह, शाम सिंह, पुष्पिंद्र सिंह, करनैल सिंह, अश्वनी, रेखा, शोभा देवी, नीलम कुमारी उपस्थित थीं।
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इस मौके पर जम्हूरी किसान सभा के प्रदेश प्रधान डा. सतनाम सिंह अजनाला ने कहा कि किसानों को फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। अब उनकी जमीन का अधिग्रहण करना अफसोसजनक है। उन्होंने कहा कि किसान अपनी जमीन को किसी भी कीमत पर कौड़ियों के भाव बेचने नहीं देंगे और उसका जोरदार विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरे पंजाब में जबरदस्ती जमीन अधिग्रहण के खिलाफ लहर चलाई जा रही है और उसके परिणाम सामने है। कई जगह सरकार को किसानों के विरोध के चलते पीछे हटना पड़ा है और यहां पर उसे झुकने को मजबूर किया जाएगा।
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सभा के प्रदेश महासचिव कुलवंत सिंह संधू, सीटू के नत्था सिंह, भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के जिला प्रधान लखविंद्र सिंह मांजेवाली, किरती किसान यूनियन के जिला प्रधान रमेश राणा, देहाती मजदूर सभा के प्रदेश वित्त सचिव लाल चंद कटारुचक्क, मजदूर मुक्ति मोर्चा के बशीर गिल ने अफसोस जताते हुए कहा कि सरकार की ओर से गांव की 35 एकड़ जमीन का अधिग्रहण सेना के लिए किया जा रहा है। लेकिन उक्त जमीन के मालिकों 100 परिवारों से पूछा तक नहीं गया है। जमीन का अधिग्रहण ग्रामीणों के साथ धक्का है।
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इससे पहले ग्रामीणों ने गांव के बीच रोष प्रदर्शन करने के बाद हाईवे पर आकर धरना लगा दिया। इस मौके पर बलवंत सिंह, दलबीर सिंह, भट्ठा मजदूर यूनियन के शिव कुमार तरसेम सिंह, जय सिंह, बख्शीश सिंह, कुलदीप सिंह, तिलक सिंह, सागर सिंह, हरदीप सिंह, गोबिंद सिंह, शाम सिंह, पुष्पिंद्र सिंह, करनैल सिंह, अश्वनी, रेखा, शोभा देवी, नीलम कुमारी उपस्थित थीं।