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इंतजार खत्म.. कोरोना हॉटस्पॉट समेत खुलेंगे 4 गांव, 23 दिनों से केस नहीं
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डेराबस्सी। कोरोना का हॉटस्पॉट रह चुके जवाहरपुर समेत हरिपुरकूड़ां, देवीनगर और मकंदपुर गांव को अब प्रशासन ने खोलने की तैयारी कर ली है। गांव में कोरोना के 47 मरीज सामने आए थे जिसके बाद इसे कंटेनमेंट एरिया घोषित कर दिया था।
गांव में 30 अप्रैल के आखिरी दिन दो केस आए थे जिसके बाद अब 23 दिनों से गांव में कोरोना का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। जानकारी के अनुसार गांव में चार अप्रैल को कोरोना का पहला मामला पंच मलकीत सिंह के रूप में सामने आया था। इसके बाद गांव की सरपंच कमलजीत कौर व उसका ब्लॉक समिति सदस्य पति गुरविंद्र सिंह छोटा की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद गांव में मरीजों की लाइन लग गई थी। गांव में 14 अप्रैल तक 38 मरीज सामने आ चुके थे। जिसके बाद अगले 13 दिन कोई मरीज सामने नहीं आया था। परंतु 14वें दिन 28 मई को फिर से मरीज सामने आने शुरू हो गए। गांव में मरीजों की संख्या 47 पहुंच गई थी परंतु अब फिर से गांव में पिछले 23 दिनों से शांति बनी हुई है।
घरों में कैद हैं लोग
गांव के कंटेनमेंट एरिया घोषित होने के बाद लोगों को घरों में ही कैद किया हुआ है। उन्हें अपने रोजाना के घरेलू कार्य के चलते भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव के चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात की गई है जो लोगों को गांवों से बाहर नहीं निकलने देती है। इसके अलावा अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों को दवाई लेने के लिए बाहर नहीं जाने दिया जाता जिस कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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मोहाली के डीसी लेंगे फैसला
सिविल अस्पताल की एसएमओ डॉ. संगीता जैन ने कहा कि पहले नियम के मुताबिक किसी भी कंटेनमेंट एरिया से आखिरी मरीज सामने आने के 28 दिन तक अगर कोई मरीज सामने नहीं आता तो उसको खोलने का नियम था। लेकिन अब नियम में बदलाव करते हुए 14 दिन का समय निर्धारित किया गया है। लेकिन गांव में आखिरी मरीज सामने आने के बाद 23 दिन कोई मरीज सामने नहीं आया है। इसके चलते अब जल्द ही इस गांव को खोला जा सकता है। गांव को खोलने का फैसला डीसी मोहाली की ओर से लिया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सोमवार या मंगलवार तक गांव को खोल दिया जाएगा।
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गांव में 30 अप्रैल के आखिरी दिन दो केस आए थे जिसके बाद अब 23 दिनों से गांव में कोरोना का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। जानकारी के अनुसार गांव में चार अप्रैल को कोरोना का पहला मामला पंच मलकीत सिंह के रूप में सामने आया था। इसके बाद गांव की सरपंच कमलजीत कौर व उसका ब्लॉक समिति सदस्य पति गुरविंद्र सिंह छोटा की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद गांव में मरीजों की लाइन लग गई थी। गांव में 14 अप्रैल तक 38 मरीज सामने आ चुके थे। जिसके बाद अगले 13 दिन कोई मरीज सामने नहीं आया था। परंतु 14वें दिन 28 मई को फिर से मरीज सामने आने शुरू हो गए। गांव में मरीजों की संख्या 47 पहुंच गई थी परंतु अब फिर से गांव में पिछले 23 दिनों से शांति बनी हुई है।
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घरों में कैद हैं लोग
गांव के कंटेनमेंट एरिया घोषित होने के बाद लोगों को घरों में ही कैद किया हुआ है। उन्हें अपने रोजाना के घरेलू कार्य के चलते भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव के चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात की गई है जो लोगों को गांवों से बाहर नहीं निकलने देती है। इसके अलावा अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों को दवाई लेने के लिए बाहर नहीं जाने दिया जाता जिस कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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मोहाली के डीसी लेंगे फैसला
सिविल अस्पताल की एसएमओ डॉ. संगीता जैन ने कहा कि पहले नियम के मुताबिक किसी भी कंटेनमेंट एरिया से आखिरी मरीज सामने आने के 28 दिन तक अगर कोई मरीज सामने नहीं आता तो उसको खोलने का नियम था। लेकिन अब नियम में बदलाव करते हुए 14 दिन का समय निर्धारित किया गया है। लेकिन गांव में आखिरी मरीज सामने आने के बाद 23 दिन कोई मरीज सामने नहीं आया है। इसके चलते अब जल्द ही इस गांव को खोला जा सकता है। गांव को खोलने का फैसला डीसी मोहाली की ओर से लिया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सोमवार या मंगलवार तक गांव को खोल दिया जाएगा।