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बंदी सिखों की रिहाई के लिए चला मार्च पहुंचा शहर, वाईपीएस चौक पर रोका
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मोहाली। देश की विभिन्न जेलों में बंदी सिखों की रिहाई के लिए फतेहगढ़ साहिब से चला मार्च मंगलवार को शहर पहुंचा। मार्च का कई जगह लोगों ने स्वागत किया। इस मार्च को चंडीगढ़ जाना था, लेकिन पुलिस ने मार्च वाईपीएस चौक पर रोक दिया। इसके बाद सात सदस्यों की समिति को गवर्नर हाउस भेजा गया। फिर उन्होंने गवर्नर बनवारी लाल पुरोहित को मांग पत्र सौंपा। इस दौरान पुलिस की तरफ से पुख्ता इंतजाम किए गए थे। हालांकि मार्च की वजह से कुुछ समय के लिए लोगों को दिक्कत भी उठानी पड़ी।
जानकारी के मुताबिक गुरुद्वारा श्री ज्योति स्वरूप साहिब, फतेहगढ़ साहिब से मंगलवार को सिखों की रिहाई के लिए मार्च आयोजित किया गया। यह मार्च सरहिंद और लांडरां से होते शहर में पहुंचा। गुरुद्वारा श्री सिंह शहीदां में जुटी संगत ने मार्च का स्वागत किया। इसके बाद उसी रोड पर मार्च आगे वाईपीएस चौक की तरफ गया। मार्च में शामिल लोगों की मांग थी कि लंबे समय से गंभीर केसों में सजा पूरी कर चुके सिखों को रिहा किया जाए। जैसे ही वह वाईपीस चौक पर पहुंचे तो वह चंडीगढ़ जाने के लिए अड़े हुए थे। पुलिस ने उन्हें वहीं रोक दिया। संगठनों के नेताओं का कहना है कि गवर्नर ने उनकी बात सरकार तक पहुंचाने का दावा किया है।
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जानकारी के मुताबिक गुरुद्वारा श्री ज्योति स्वरूप साहिब, फतेहगढ़ साहिब से मंगलवार को सिखों की रिहाई के लिए मार्च आयोजित किया गया। यह मार्च सरहिंद और लांडरां से होते शहर में पहुंचा। गुरुद्वारा श्री सिंह शहीदां में जुटी संगत ने मार्च का स्वागत किया। इसके बाद उसी रोड पर मार्च आगे वाईपीएस चौक की तरफ गया। मार्च में शामिल लोगों की मांग थी कि लंबे समय से गंभीर केसों में सजा पूरी कर चुके सिखों को रिहा किया जाए। जैसे ही वह वाईपीस चौक पर पहुंचे तो वह चंडीगढ़ जाने के लिए अड़े हुए थे। पुलिस ने उन्हें वहीं रोक दिया। संगठनों के नेताओं का कहना है कि गवर्नर ने उनकी बात सरकार तक पहुंचाने का दावा किया है।
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