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Mohali News: बेड के नीचे छिपा था छह फीट लंबा अजगर, गिरे खिलौना निकालते पर खुला राज
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दो साल का बच्चा बेड पर खेल रहा था, परिवार में मची अफरातफरी; स्नेक कैचर ने 15 मिनट की मशक्कत के बाद पकड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
लालड़ू। नगर काउंसिल के वार्ड नंबर-13 में गोयल धर्मशाला के निकट एक घर में उस समय हड़कंप मच गया, जब डबल बेड के नीचे करीब छह फीट लंबा अजगर छिपा मिला। उस समय परिवार का दो वर्षीय बच्चा बेड पर खेल रहा था। गनीमत रही कि समय रहते अजगर का पता चल गया और कोई अनहोनी नहीं हुई। सुशील गुप्ता ने बताया कि बच्चे का खिलौना बेड के नीचे गिर गया था। उसे निकालने के लिए जब बेड को हिलाया गया तो दीवार के साथ कुंडली मारकर बैठे अजगर पर नजर पड़ी। अजगर को देखकर परिवार के सदस्य घबरा गए और उसे पकड़ने की हिम्मत नहीं जुटा सके। सुशील गुप्ता के अनुसार, परिवार ने पहले चिड़ियाघर से संपर्क किया, लेकिन वहां से कोई समाधान नहीं मिला। इसके बाद ऑनलाइन जानकारी जुटाकर नजदीकी गांव चिल्ला मनोनी से स्नेक कैचर गुरमीत सिंह को बुलाया गया। गुरमीत सिंह ने दस्तानों, लोहे की हुक और डंडे की मदद से करीब 15 मिनट की मशक्कत के बाद अजगर को पकड़ लिया। इसके लिए उन्हें 1200 रुपये मेहनताना दिया गया। सुशील गुप्ता ने बताया कि घर और दुकान के पास एक नाला है। आशंका है कि अजगर एक-दो दिन पहले इसी रास्ते से घर में घुसा होगा। स्नेक कैचर गुरमीत सिंह ने बताया कि अजगर को रेस्क्यू करने के बाद जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
लालड़ू। नगर काउंसिल के वार्ड नंबर-13 में गोयल धर्मशाला के निकट एक घर में उस समय हड़कंप मच गया, जब डबल बेड के नीचे करीब छह फीट लंबा अजगर छिपा मिला। उस समय परिवार का दो वर्षीय बच्चा बेड पर खेल रहा था। गनीमत रही कि समय रहते अजगर का पता चल गया और कोई अनहोनी नहीं हुई। सुशील गुप्ता ने बताया कि बच्चे का खिलौना बेड के नीचे गिर गया था। उसे निकालने के लिए जब बेड को हिलाया गया तो दीवार के साथ कुंडली मारकर बैठे अजगर पर नजर पड़ी। अजगर को देखकर परिवार के सदस्य घबरा गए और उसे पकड़ने की हिम्मत नहीं जुटा सके। सुशील गुप्ता के अनुसार, परिवार ने पहले चिड़ियाघर से संपर्क किया, लेकिन वहां से कोई समाधान नहीं मिला। इसके बाद ऑनलाइन जानकारी जुटाकर नजदीकी गांव चिल्ला मनोनी से स्नेक कैचर गुरमीत सिंह को बुलाया गया। गुरमीत सिंह ने दस्तानों, लोहे की हुक और डंडे की मदद से करीब 15 मिनट की मशक्कत के बाद अजगर को पकड़ लिया। इसके लिए उन्हें 1200 रुपये मेहनताना दिया गया। सुशील गुप्ता ने बताया कि घर और दुकान के पास एक नाला है। आशंका है कि अजगर एक-दो दिन पहले इसी रास्ते से घर में घुसा होगा। स्नेक कैचर गुरमीत सिंह ने बताया कि अजगर को रेस्क्यू करने के बाद जंगल में छोड़ दिया जाएगा।