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Mohali News: कासा एस्पाना कॉलोनी को नगर निगम में शामिल न करने पर लोगों में रोष, जताई नाराजगी
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मोहाली। पंजाब सरकार ने नगर निगम मोहाली की सीमा का विस्तार कर एयरोसिटी, आईटी सिटी, सेक्टर-66, 81 से 86, 90 से 94 और औद्योगिक सेक्टर-73 और 74 को शामिल किया है। सेक्टर-121, बलौंगी और बड़माजरा को इस अधिसूचना से बाहर रखे जाने पर एटीएस कासा एस्पाना कॉलोनी के निवासियों में नाराजगी है। कॉलोनी की आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल (सेवानिवृत) वीके नैय्यर की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी निवासियों ने पंजाब सरकार के इस फैसले की कड़ी निंदा की है। इन लोगों का कहना है कि यदि अधिसूचना में संशोधन नहीं किया गया तो वे अदालत का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे। लेफ्टिनेंट कर्नल नैय्यर ने बताया कि सेक्टर-121 स्थित एटीएस कासा एस्पाना कॉलोनी को गमाडा ने साल 2013 में अनुमोदित किया था। परियोजना का पहला चरण पूरा हो चुका है। 500 से अधिक परिवार यहां रह रहे हैं। कॉलोनी नगर निगम की सीमा से सटे सेक्टर-56 के पास स्थित है, लेकिन फिर भी इसे निगम की नई सीमाओं में शामिल नहीं किया गया। इस कॉलोनी में लगभग 40 सेवानिवृत्त सैन्य व पुलिस अधिकारी रहते हैं, जिन्होंने अपनी जीवनभर की कमाई यहां निवेश की है। पहले ही उन्हें कब्जा मिलने में देरी और निर्माण गुणवत्ता को लेकर समस्याओं का सामना करना पड़ा था। और अब इस अधिसूचना ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। निवासियों ने बिल्डर और प्रशासन से कई बार आश्वासन लिया था कि जब भी नगर निगम की सीमा बढ़ेगी, तो सेक्टर-121 को उसमें शामिल किया जाएगा। बावजूद इसके अधिसूचना में इसे बाहर रखा गया है। इससे लोगों में गहरी निराशा है। उन्होंने कहा कि सेक्टर-121 पूरी तरह से शहरीकृत क्षेत्र है, जो राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित है। यह चंडीगढ़ का प्रवेश द्वार माना जाता है। यहां के लोगों ने गमाडा को 34 करोड़ रुपये एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्जेज के रूप में जमा करवाए हैं, फिर भी उन्हें वैध नागरिक सुविधाओं और नगर निगम सेवाओं से वंचित किया जा रहा है। यह भेदभावपूर्ण और अनुचित है। यहां के लोगों ने पंजाब सरकार से मांग की है कि वह इस मामले को गंभीरता से लेकर अधिसूचना में संशोधन करे और सेक्टर-121 को नगर निगम मोहाली की विस्तारित सीमाओं में शामिल करे, अन्यथा वे अदालत का रुख करेंगे।