{"_id":"615f581c8ebc3e62533042f6","slug":"navjot-singh-sidhu-marched-from-zirakpur-to-lakhimpur-kheri-with-a-large-convoy-mohali-news-pkl429339082","type":"story","status":"publish","title_hn":"नवजोत सिंह सिद्धू बड़े काफिले के साथ मार्च लेकर जीरकपुर से लखीमपुर खीरी रवाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नवजोत सिंह सिद्धू बड़े काफिले के साथ मार्च लेकर जीरकपुर से लखीमपुर खीरी रवाना
विज्ञापन
जीरकपुर। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में किसानों के साथ हुई घटना के विरोध में वीरवार को पंजाब कांग्रेस के नेता नवजोत सिंह सिद्धू अपने समर्थकों के साथ एक बड़े काफिले के साथ जीरकपुर से लखीमपुर खीरी की ओर रवाना हुए। इसका ऐलान उन्होंने पहले की कर दिया था कि अगर जल्द ही किसानोें को कुचलने वाले मंत्री के बेटे को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वह काफिला लेकर यूपी के लिए मार्च करेंगे। उन्होंने कहा था कि अगर आरोपी कार चालक को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया तो वह लखीमपुर खीरी जाकर वहां अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे। इस मार्च में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, कांग्रेस के पूर्व सेहत मंत्री एवं विधायक बलबीर सिंह सिद्धू भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री मार्च शुरू होने के बाद वहां पर पहुंचे और विशेष तौर पर तैयार की गई एक ट्रैक्टर ट्राली के ऊपर नवजोत सिंह सिद्धू के साथ खड़े हो गए। इस मौके पर उनके साथ विशेष तौर पर कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु भी मौजूद थे। इस मार्च में कैबिनेट मंत्री अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, गुरकीरत सिंह कोटली, विजेंद्र सिंगला, विधायक मदनलाल जलालपुर सहित अन्य कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता शामिल थे।
जानकारी के मुताबिक नवजोत सिंह सिद्धू अपनी निजी कार में दोपहर करीब साढ़े 12 बजे यहां पहुंचे। इसके बाद वह पटियाला रोड पर स्थित एयरपोर्ट चौक के लाईट प्वाइंट से विशेष तौर पर तैयार की ट्रैक्टर ट्राली में सवार हो गए। उनके साथ कई कैबिनेट मंत्री, विधायक और पार्टी के बड़े नेता भी मौजूद थे। वह अपने साथ सैकड़ों गाड़ियों का काफिला लेकर पहुंचे थे। जबकि उनसे पहले भी यहां पर बड़ी गिनती में कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता पहुंचे हुए थे। इस मौके पर ट्रैक्टर-ट्रॉली के ऊपर खड़े होकर नवजोत सिंह सिद्धू ने एक अपने अंदाज में कहा कि जब अन्याय बढ़ जाता है और न्याय नहीं मिलता है तो विरोध करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर आरोपी मंत्री के बेटे को शुक्रवार तक गिरफ्तार नहीं किया गया तो वह भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि मंत्री और उसके आरोपी बेटे का एफआईआर में नाम है। लेकिन इसके बावजूद यूपी पुलिस किसानों को कार के नीचे कुलचने के आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर रही है।
इस मौके पर सिद्धू ने कहा कि देश में कानून नाम की कोई चीज नहीं है। ऐसा लग रहा है कि यूपी सरकार के लिए उनका मंत्री और उसका आरोपी बेटा कानून से बड़े हो गए हैं। यह लड़ाई राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की तरफ से शुरू की गई है जिसको वह अंजाम तक पहुंचा कर ही सांस लेंगे। उन्होंने कहा कि संघर्ष में करीब 600 किसानों की जान चली गई है। इसके बावजूद केंद्र की भाजपा सरकार अपने अहंकार में बैठी है। देश का अन्नदाता पीछे हटने वाला नहीं है। इस मौके पर उनके साथ कैबिनेट मंत्री प्रगट सिंह, कैबिनेट मंत्री राजा वडिंग, कुलजीत नागरा, विधायक मदन लाल जलालपुर समेत बड़ी संख्या में पार्टी के मंत्री, विधायक और नेता मौजूद थे।
विज्ञापन
सिद्धू ने कांग्रेस पार्टी के बजाय पकड़ा किसानी झंडा
जीरकपुर के एयरपोर्ट लाइट प्वाइंट पर मार्च के दौरान जब नवजोत सिंह सिद्धू अपने समर्थकों के साथ ट्रैक्टर पर चढ़कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे तो उन्होंने कांग्रेस पार्टी के बजाय किसानी झंडा पकड़ा हुआ था। वह किसानों के हक में नारेबाजी करते हुए किसानी झंडे को हवा में लहरा रहे थे। वहीं इस मार्च में कुछ कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पार्टी का झंडा पकड़ा हुआ था, लेकिन सिद्वू के साथ मौजूद उनके समर्थकों के हाथों में किसानी झंडा था।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक नवजोत सिंह सिद्धू अपनी निजी कार में दोपहर करीब साढ़े 12 बजे यहां पहुंचे। इसके बाद वह पटियाला रोड पर स्थित एयरपोर्ट चौक के लाईट प्वाइंट से विशेष तौर पर तैयार की ट्रैक्टर ट्राली में सवार हो गए। उनके साथ कई कैबिनेट मंत्री, विधायक और पार्टी के बड़े नेता भी मौजूद थे। वह अपने साथ सैकड़ों गाड़ियों का काफिला लेकर पहुंचे थे। जबकि उनसे पहले भी यहां पर बड़ी गिनती में कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता पहुंचे हुए थे। इस मौके पर ट्रैक्टर-ट्रॉली के ऊपर खड़े होकर नवजोत सिंह सिद्धू ने एक अपने अंदाज में कहा कि जब अन्याय बढ़ जाता है और न्याय नहीं मिलता है तो विरोध करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर आरोपी मंत्री के बेटे को शुक्रवार तक गिरफ्तार नहीं किया गया तो वह भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि मंत्री और उसके आरोपी बेटे का एफआईआर में नाम है। लेकिन इसके बावजूद यूपी पुलिस किसानों को कार के नीचे कुलचने के आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर रही है।
विज्ञापन
इस मौके पर सिद्धू ने कहा कि देश में कानून नाम की कोई चीज नहीं है। ऐसा लग रहा है कि यूपी सरकार के लिए उनका मंत्री और उसका आरोपी बेटा कानून से बड़े हो गए हैं। यह लड़ाई राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की तरफ से शुरू की गई है जिसको वह अंजाम तक पहुंचा कर ही सांस लेंगे। उन्होंने कहा कि संघर्ष में करीब 600 किसानों की जान चली गई है। इसके बावजूद केंद्र की भाजपा सरकार अपने अहंकार में बैठी है। देश का अन्नदाता पीछे हटने वाला नहीं है। इस मौके पर उनके साथ कैबिनेट मंत्री प्रगट सिंह, कैबिनेट मंत्री राजा वडिंग, कुलजीत नागरा, विधायक मदन लाल जलालपुर समेत बड़ी संख्या में पार्टी के मंत्री, विधायक और नेता मौजूद थे।
विज्ञापन
सिद्धू ने कांग्रेस पार्टी के बजाय पकड़ा किसानी झंडा
जीरकपुर के एयरपोर्ट लाइट प्वाइंट पर मार्च के दौरान जब नवजोत सिंह सिद्धू अपने समर्थकों के साथ ट्रैक्टर पर चढ़कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे तो उन्होंने कांग्रेस पार्टी के बजाय किसानी झंडा पकड़ा हुआ था। वह किसानों के हक में नारेबाजी करते हुए किसानी झंडे को हवा में लहरा रहे थे। वहीं इस मार्च में कुछ कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पार्टी का झंडा पकड़ा हुआ था, लेकिन सिद्वू के साथ मौजूद उनके समर्थकों के हाथों में किसानी झंडा था।