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बारिश ने खोली मोहाली में साफ-सफाई के बंदोबस्त की पोल
अमर उजाला ब्यूरो, मोहाली
Updated Tue, 28 Jun 2016 10:39 AM IST
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मंडी में भरा पानी
- फोटो : अमर उजाला
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मानसून आने से पहले हुई बारिश ने नगर निगम के बंदोबस्त की पोल खोल दी। सोमवार सुबह हुई बारिश के बाद साइफन, नाले और मेनहोल गंदगी भरे मिले। इस कारण गंदा पानी ओवर फ्लो होकर सड़कों पर भर गया। फेज-5 और शाहीमाजरा में सबसे ज्यादा परेशानी पैदा हुई। गौरतलब है कि स्थानीय नगर पार्षद ने शहर की रोड गलियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। लेकिन, निगम के अधिकारियों ने रोड गलियों की सफाई में महज खानापूर्ति की। थोड़ी बारिश होने से नगर निगम के प्रबंधों की पोल खुल गई। इसके बाद फेज-8 में रहने वाले लोगों और इस इलाके से पार्षद अशोक झा ने मामले की शिकायत निगम अधिकारियों से की। सूचना पर निगम के दो जेई मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद साइफन के साथ मेनहोल और रोड गलियों की सफाई के निर्देश दिए।
मेन होल खुुले तो सच्चाई आई सामने
पार्षद अशोक झा के मुताबिक रोड गलियों के आसपास अभी भी मलबा पड़ा है। साइफन के अलावा मेनहोल का ढक्कन खोल कर देखा गया तो इसमें कचरा फंसा हुआ था। उन्होंने कहा कि अगर पहले सफाई के पुख्ता इंतजाम किए गए होते तो आज यह हालात पैदा नहीं होते।
सर्वे पर लाखों खर्चे, नहीं शुरू किया काम
सितंबर और अक्तूबर 2015 में बरसाती पानी घरों में घुसा गया था। इसके बाद डीसी ने शहर का जायजा लिया था। निगम प्रशासन ने 15 लाख रुपये खर्च करके शहर के प्रभावित एरिया का पैक से सर्वे कराया था। पैक ने इस सर्वे के बाद जो हिदायतें दीं थीं, उस पर आज तक कोई काम नहीं हुआ। इस कारण आज तक शहर में बरसाती पानी की निकासी बड़ा मुद्दा बना हुआ है।
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डेढ़ सौ घरों में घुस सकता है पानी
फेज-5 में रहने वाले लव कुमार और एस ढींडसा ने बताया कि अगर समय रहते रोड गलियों और मेनहोल की सफाई नहीं हुई तो ज्यादा बारिश के सीजन में इलाके में करीब डेढ़ सौ घर में पानी घुस सकता है। लोगों का कहना है कि ठीक से सफाई नहीं होने के कारण यह दिक्कत पैदा होती है।
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मेन होल खुुले तो सच्चाई आई सामने
पार्षद अशोक झा के मुताबिक रोड गलियों के आसपास अभी भी मलबा पड़ा है। साइफन के अलावा मेनहोल का ढक्कन खोल कर देखा गया तो इसमें कचरा फंसा हुआ था। उन्होंने कहा कि अगर पहले सफाई के पुख्ता इंतजाम किए गए होते तो आज यह हालात पैदा नहीं होते।
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सर्वे पर लाखों खर्चे, नहीं शुरू किया काम
सितंबर और अक्तूबर 2015 में बरसाती पानी घरों में घुसा गया था। इसके बाद डीसी ने शहर का जायजा लिया था। निगम प्रशासन ने 15 लाख रुपये खर्च करके शहर के प्रभावित एरिया का पैक से सर्वे कराया था। पैक ने इस सर्वे के बाद जो हिदायतें दीं थीं, उस पर आज तक कोई काम नहीं हुआ। इस कारण आज तक शहर में बरसाती पानी की निकासी बड़ा मुद्दा बना हुआ है।
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डेढ़ सौ घरों में घुस सकता है पानी
फेज-5 में रहने वाले लव कुमार और एस ढींडसा ने बताया कि अगर समय रहते रोड गलियों और मेनहोल की सफाई नहीं हुई तो ज्यादा बारिश के सीजन में इलाके में करीब डेढ़ सौ घर में पानी घुस सकता है। लोगों का कहना है कि ठीक से सफाई नहीं होने के कारण यह दिक्कत पैदा होती है।