दोस्त के हत्यारे को उम्रकैद: 40 हजार के विवाद में काटा था सिर, कैप्टन अमरिंदर के फार्महाउस के पास दफनाया था
12 जून 2021 को जागीर सिंह और सुच्चा सिंह सिसवां में बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान बकरियों की खरीद-फरोख्त से जुड़े 40 हजार रुपये के विवाद को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई थी। जागीर सिंह ने तलवार से हमला कर सुच्चा सिंह का सिर धड़ से अलग कर दिया था।
विस्तार
बकरी के कारोबार में 40 हजार रुपये के लेनदेन के विवाद में दोस्त की सिर काटकर हत्या करने के दोषी को स्थानीय अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। साथ ही पीड़ित की पत्नी को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के माध्यम से मुआवजा दिए जाने की सिफारिश की है। मामले में सबूतों के अभाव में दो सह-आरोपियों को बरी कर दिया गया।
एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज विक्रांत कुमार की अदालत ने जागीर सिंह उर्फ घोला को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मृतक सुच्चा सिंह की पत्नी सुनीता देवी को डीएलएसए, मोहाली के माध्यम से मुआवजा दिया जाए।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी हरदीप सिंह रोमाना ने बताया कि अदालत ने 17 जुलाई को आरोपी को दोषी करार दिया था। सजा पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उसे उम्रकैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
वहीं, सह-आरोपी सतनाम सिंह उर्फ सनी और देशराज उर्फ देसा के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर उन्हें बरी कर दिया गया।
तलवार से काटा था सिर
अभियोजन के अनुसार 12 जून 2021 को जागीर सिंह और सुच्चा सिंह सिसवां में बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान बकरियों की खरीद-फरोख्त से जुड़े 40 हजार रुपये के विवाद को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर जागीर सिंह ने तलवार से हमला कर सुच्चा सिंह का सिर धड़ से अलग कर दिया।
हत्या के बाद आरोपी ने पहचान छिपाने के उद्देश्य से बिना सिर वाले शव को सिसवां में तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के हाई-सिक्योरिटी फार्महाउस के पास दफना दिया, जबकि कटे हुए सिर को दूसरी जगह फेंक दिया।
पालतू कुत्ते के कारण हुआ था खुलासा
यह सनसनीखेज वारदात 21 जून 2021 को उस समय सामने आई, जब मृतक का पालतू कुत्ता बार-बार परिवार के लोगों को एक स्थान पर ले जाने लगा। शक होने पर पुलिस ने खुदाई करवाई, जहां से बिना सिर का शव बरामद हुआ। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी जागीर सिंह को गिरफ्तार कर हत्या का खुलासा किया।
यह मामला उस समय काफी चर्चा में रहा था क्योंकि शव तत्कालीन मुख्यमंत्री के कड़े सुरक्षा घेरे वाले फार्महाउस के समीप मिला था। अदालत ने अपने फैसले में माना कि मुख्य आरोपी के खिलाफ अभियोजन पक्ष ने पर्याप्त साक्ष्य पेश किए, जबकि अन्य दो आरोपियों की संलिप्तता संदेह से परे साबित नहीं हो सकी, इसलिए उन्हें बरी कर दिया गया।