{"_id":"68924948ca4a6d79680a369d","slug":"leadership-and-management-training-program-organized-at-pgi-mohali-news-c-16-pkl1079-783006-2025-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: पीजीआई में लीडरशिप और प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: पीजीआई में लीडरशिप और प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
विज्ञापन
चंडीगढ़। पीजीआई के कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग और पब्लिक हेल्थ स्कूल ने 2 अगस्त को फैकल्टी सदस्यों और निवासियों के लिए लीडरशिप और प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम पीजीआई के निदेशक प्रो. विवेक लाल और विभागाध्यक्ष प्रो. अरुण के अग्रवाल के मार्गदर्शन में हुआ।
कार्यक्रम का नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय जन स्वास्थ्य प्रबंधन विकास कार्यक्रम (आईपीएचएमडीपी) के कार्यक्रम निदेशक प्रो. सोनू गोयल ने किया, जिन्होंने 96 देशों के 1,500 से अधिक स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों का मार्गदर्शन किया है। प्रो. गोयल ने कहा कि प्रभावी स्वास्थ्य सेवा नेतृत्व केवल अधिकार के बारे में नहीं है, बल्कि मानसिकता को प्रभावित करने और नैतिक रूप से कार्य करने के लिए प्रेरित करने की क्षमता के बारे में भी है। इसके माध्यम से हम देखना चाहते हैं कि हम कितनी अच्छी तरह विश्वास का निर्माण करते हैं, उद्देश्यपूर्ण संवाद करते हैं, और उन व्यवहारों का मॉडल बनाते हैं। पिछले आठ वर्षों से, यह मॉडल विदेश मंत्रालय की भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग योजना के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लागू किया जा रहा है। इसमें प्रो. गोयल की ओर से संचालित इंटरैक्टिव मॉड्यूल दिखाए गए। बाल रोग, एंडोक्रिनोलॉजी, हेपेटोलॉजी, अस्पताल प्रशासन, एनेस्थीसिया, सामान्य शल्य चिकित्सा, ओटोलरींगोलॉजी और हेड नेक सर्जरी सहित विभिन्न विशेषज्ञताओं वाले पीजीआई के सीनियरों ने इसमें भाग लिया।
विज्ञापन
कार्यक्रम का नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय जन स्वास्थ्य प्रबंधन विकास कार्यक्रम (आईपीएचएमडीपी) के कार्यक्रम निदेशक प्रो. सोनू गोयल ने किया, जिन्होंने 96 देशों के 1,500 से अधिक स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों का मार्गदर्शन किया है। प्रो. गोयल ने कहा कि प्रभावी स्वास्थ्य सेवा नेतृत्व केवल अधिकार के बारे में नहीं है, बल्कि मानसिकता को प्रभावित करने और नैतिक रूप से कार्य करने के लिए प्रेरित करने की क्षमता के बारे में भी है। इसके माध्यम से हम देखना चाहते हैं कि हम कितनी अच्छी तरह विश्वास का निर्माण करते हैं, उद्देश्यपूर्ण संवाद करते हैं, और उन व्यवहारों का मॉडल बनाते हैं। पिछले आठ वर्षों से, यह मॉडल विदेश मंत्रालय की भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग योजना के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लागू किया जा रहा है। इसमें प्रो. गोयल की ओर से संचालित इंटरैक्टिव मॉड्यूल दिखाए गए। बाल रोग, एंडोक्रिनोलॉजी, हेपेटोलॉजी, अस्पताल प्रशासन, एनेस्थीसिया, सामान्य शल्य चिकित्सा, ओटोलरींगोलॉजी और हेड नेक सर्जरी सहित विभिन्न विशेषज्ञताओं वाले पीजीआई के सीनियरों ने इसमें भाग लिया।
विज्ञापन