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जैक ने किया जीरकपुर नगर काउंसिल में स्ट्रीट लाइट घोटाले का पर्दापाश

Sun, 16 Jan 2022 01:57 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Sun, 16 Jan 2022 01:57 AM IST
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Jack exposed the street light scam in Zirakpur Municipal Council
जीरकपुर। जैक वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से जीरकपुर नगर काउंसिल में एक अन्य घोटाले का पर्दाफाश किया गया है। इसमें जैक के प्रधान सुखदेव चौधरी ने आरोप लगाया है कि नगर काउंसिल ने खंभे और स्ट्रीट लाइटें लगाए बिना ही लाखों रुपये का भुगतान ठेकेदार को कर दिया है। जबकि हकीकत में न तो खंभे लगाए गए हैं और न ही स्ट्रीट लाइटें ही लगी हैं।
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इस संबंधी सुखदेव चौधरी ने बताया कि नगर काउंसिल की ओर से कुछ समय पहले गुरुद्वारा श्री नाभा साहिब मार्ग के बाहर पार्किंग में फैंसी स्ट्रीट लाइटें लगाए जाने की योजना तैयार की गई थी। इसके लिए नगर परिषद के अधिकारियों ने बाकायदा एक रिपोर्ट भी तैयार की थी। इस काम के लिए आयोजित टेंडर प्रक्रिया में तीन कंपनियों ने हिस्सा लिया था। रिपोर्ट तैयार करने के बाद 27 लाख 20 हजार रुपये का काम एक कंपनी को कथित तौर पर अलॉट कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर काउंसिल के प्रधान उदयवीर सिंह ढिल्लों के करीबी व्यक्ति को यह टेंडर दे दिया गया था। लेकिन मौके पर काम पूरा हुए बिना ही नगर काउंसिल के अधिकारियों ने इस घोटाले में ठेकेदार का सहयोग करते हुए केवल अपनी रिपोर्ट में ही विवरण देकर काम पूरा हुआ दिखा दिया। इसके बाद नियमों की अनदेखी करते हुए ठेका कंपनी को 23 लाख 31 हजार 488 रुपये की अदायगी भी कर डाली। जबकि नियम के मुताबिक प्रधान और ईओ को पूरे कार्य की मौके पर जाकर तसल्ली करने के बाद भुगतान करना होता है। लेकिन इस काम में सभी नियमों की अनदेखी की गई।
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जैक ने जब लोगों की शिकायत पर मामले की गहराई से जांच की तो पता चला कि जिस जगह पर स्ट्रीट लाइटें लगाने के एवज में ठेकेदार को लाखों रुपये की अदायगी की गई वहां कुछ भी नहीं मिला। खंभे, स्ट्रीट लाइटें और अन्य सामान नगर परिषद के स्टोर रूम से बाहर निकला ही नहीं और ठेकेदार को 23 लाख 31 हजार 488 रुपये की अदायगी भी हो चुकी है।
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कहां से लिया सामान नहीं पता
जैक ने जब इस काम संबंधी जानकारी जुटाई तो उसमें पता चला कि नगर परिषद ने खंभे, लाइटें और अन्य सामान कहां से लिया है, किस-किस कंपनी को बोलीदाता या कुटेशन के रूप में शामिल किया गया है, इसके बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं हुई। इस समान का पूरा भुगतान भी हो चुका है। जबकि नियमानुसार यह अदायगी नहीं होनी चाहिए थी।
पहले राम तलाई घोटाला, अब खंभे-स्ट्रीट लाइटों का घोटाला
जैक के प्रधान सुखदेव चौधरी ने कहा कि कांग्रेस के हलका इंचार्ज दीपइंदर सिंह ढिल्लों के करीबी ने डेराबस्सी में राम तलाई के साैंदर्यीकरण में कथित घोटाला किया। अब दीपइंदर सिंह ढिल्लों के बेटे उदयवीर ढिल्लों ने गुरुद्वारा श्री नाभा साहिब के बाहर फैंसी लाइटों के नाम पर घोटाला किया है, जो कि सीधे धर्म के नाम पर लूट है। चौधरी ने ढिल्लों और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग करते हुए कहा कि उन्हें आशंका है कि दीपइंदर सिंह ढिल्लों भ्रष्ट अधिकारियों के साथ मिलकर चुनावी शोरगुल में इस मामले को दबा सकते हैं। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जैक की ओर से 24 जनवरी को स्थानीय सरकार विभाग के हेड ऑफिस चंडीगढ़ का घेराव किया जाएगा।

इस बारे में संपर्क करने पर नगर काउंसिल के प्रधान उदयवीर सिंह ढिल्लों ने कहा कि राजनीतिक से प्रेरित होकर सुखदेव चौधरी बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया के तहत टेंडर होते हैं और नियमों की पूर्ति के बाद ही भुगतान किया जाता है। लेकिन चुनाव को लेकर जानबूझकर उनकी साख को खराब करने के लिए ऐसे बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं।
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