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कुराली में अनदेखी कर रही सरकार, लोगों को अभी तक बस स्टैंड की दरकार
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कुराली। स्थानीय शहर और आसपास के क्षेत्र के लोगों को कहीं भी जाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर मुख्य ट्रैफिक लाइट प्वाइंट पर खड़े होकर बसें पकड़नी पड़ती हैं। भले ही शहर में 2003 में लाखों रुपये खर्च करके बस स्टैंड बनाया गया था, लेकिन लॉन्ग रूट की सरकारी और निजी बसें यहां पर नहीं आने के कारण यह बस स्टैंड सफेद हाथी बनकर रह गया है। शहर निवासियों ने नई सरकार से शहर में अत्याधुनिक सुविधाओं वाला नया बस स्टैंड बनाने की मांग की है
शहर के साथ-साथ आसपास के अनेक गांवों के लोगों को कामकाज, विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए और काफी संख्या में लोगोें को पीजीआई चंडीगढ़ जाने के लिए शहर के मुख्य लाइट प्वाइंट से बसेें पकड़नी पड़ती हैं। इस कारण शहर में कई बार हादसे भी हो चुके हैं। वहीं, लोगोें को सर्दी-गर्मी और बारिश में खुले आसमान के नीचे खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। शहर के इस लाइट प्वाइंट पर सवारियों बैठाने के लिए बसें खड़ी रहती हैं, इस कारण यहां पर ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा हो जाती है। यहां पर हालात यह हैं कि बस चालक एक दूसरे से आगे आकर सवारियों को बैठाने के लिए ट्रैफिक लाइटों की परवाह न करके बसेें चला देते हैं, इस कारण हादसों का डर बना रहता है।
शहर के इस मुख्य लाइट प्वाइंट से तीन तरफ अलग-अलग रोड पर जाने के लिए सवारियों को खड़े रहकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। इस मुख्य लाइट प्वाइंट से मोरिंडा, रूपनगर और चंडीगढ़ की तरफ जाने वाली सवारियों को सड़क के किनारे दुकानों के आगे खड़े रहकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। इनमें बुजुर्गों को और बच्चों को काफी समय खड़े रहने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहीं नहीं यहां पर पीने का पानी और शौचालय न होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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बता दें कि स्थानीय शहर और आसपास के क्षेत्र के अनेक गांवों के लोगों को सुविधाएं देने के लिए 2003 में कांग्रेस सरकार और जिला प्रशासन की ओर से लाखों रुपये खर्च करके स्थानीय सिसवा मार्ग पर एक बस स्टैंड बनाया गया था। इस बस स्टैंड का उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व ग्रामीण विकास और पंचायत और कृषि मंत्री पंजाब बीबी राजिंदर कौर भट्ठल ने किया था और उन्हीं ने इसका निर्माण करवाया था। लेकिन यह बस स्टैंड शहर के एक तरफ होने के कारण और इसके अंदर बसों का सही से खड़े होने का इंतजाम नहीं होने के कारण सफेद हाथी बनकर रह गया है। लेकिन इस बस स्टैंड से अब केवल पीजीआई को जाने वाली बसे खड़ी होती हैं।
बस स्टैंड के अंदर शुरू करवाएंगे बसों की आवाजाही
इस बारे में स्थानीय नगर काउंसिल के कार्यकारी अधिकारी संगीत कुमार ने कहा कि ट्रैफिक लाइटों पर खड़ी होने वाली बसों को सिसवां मार्ग पर बने बस स्टैंड के अंदर ले जाने के लिए पीआरटीसी, पनबस, सीटीयू और अन्य विभाग की बसों के आने-जाने की सूचना लिखकर इसके अंदर बसों की आवाजाही शुरू करवाई जाएगी। उन्होंने इसके बारे में जिला प्रशासन को भी अवगत करवाने का आश्वासन दिया। वहीं, इस संबंधी आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेंद्र सिंह शेरगिल ने कहा कि उनकी सरकार आने वाले दिनों में इस प्रकार की समस्याओं को जल्द दूर करेगी। इस बारे में जब एसडीएम खरड़ से संपर्क करने की कोशिश की तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
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शहर के साथ-साथ आसपास के अनेक गांवों के लोगों को कामकाज, विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए और काफी संख्या में लोगोें को पीजीआई चंडीगढ़ जाने के लिए शहर के मुख्य लाइट प्वाइंट से बसेें पकड़नी पड़ती हैं। इस कारण शहर में कई बार हादसे भी हो चुके हैं। वहीं, लोगोें को सर्दी-गर्मी और बारिश में खुले आसमान के नीचे खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। शहर के इस लाइट प्वाइंट पर सवारियों बैठाने के लिए बसें खड़ी रहती हैं, इस कारण यहां पर ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा हो जाती है। यहां पर हालात यह हैं कि बस चालक एक दूसरे से आगे आकर सवारियों को बैठाने के लिए ट्रैफिक लाइटों की परवाह न करके बसेें चला देते हैं, इस कारण हादसों का डर बना रहता है।
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शहर के इस मुख्य लाइट प्वाइंट से तीन तरफ अलग-अलग रोड पर जाने के लिए सवारियों को खड़े रहकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। इस मुख्य लाइट प्वाइंट से मोरिंडा, रूपनगर और चंडीगढ़ की तरफ जाने वाली सवारियों को सड़क के किनारे दुकानों के आगे खड़े रहकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। इनमें बुजुर्गों को और बच्चों को काफी समय खड़े रहने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहीं नहीं यहां पर पीने का पानी और शौचालय न होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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बता दें कि स्थानीय शहर और आसपास के क्षेत्र के अनेक गांवों के लोगों को सुविधाएं देने के लिए 2003 में कांग्रेस सरकार और जिला प्रशासन की ओर से लाखों रुपये खर्च करके स्थानीय सिसवा मार्ग पर एक बस स्टैंड बनाया गया था। इस बस स्टैंड का उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व ग्रामीण विकास और पंचायत और कृषि मंत्री पंजाब बीबी राजिंदर कौर भट्ठल ने किया था और उन्हीं ने इसका निर्माण करवाया था। लेकिन यह बस स्टैंड शहर के एक तरफ होने के कारण और इसके अंदर बसों का सही से खड़े होने का इंतजाम नहीं होने के कारण सफेद हाथी बनकर रह गया है। लेकिन इस बस स्टैंड से अब केवल पीजीआई को जाने वाली बसे खड़ी होती हैं।
बस स्टैंड के अंदर शुरू करवाएंगे बसों की आवाजाही
इस बारे में स्थानीय नगर काउंसिल के कार्यकारी अधिकारी संगीत कुमार ने कहा कि ट्रैफिक लाइटों पर खड़ी होने वाली बसों को सिसवां मार्ग पर बने बस स्टैंड के अंदर ले जाने के लिए पीआरटीसी, पनबस, सीटीयू और अन्य विभाग की बसों के आने-जाने की सूचना लिखकर इसके अंदर बसों की आवाजाही शुरू करवाई जाएगी। उन्होंने इसके बारे में जिला प्रशासन को भी अवगत करवाने का आश्वासन दिया। वहीं, इस संबंधी आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेंद्र सिंह शेरगिल ने कहा कि उनकी सरकार आने वाले दिनों में इस प्रकार की समस्याओं को जल्द दूर करेगी। इस बारे में जब एसडीएम खरड़ से संपर्क करने की कोशिश की तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया।