{"_id":"575879ad4f1c1b70359c5737","slug":"gmada-notice-to-gmada-notice-to-gmada-ca-gmada-mohali-horticulture-deptt-mohali","type":"story","status":"publish","title_hn":"कार पर बालमखीरा गिरा, गमाडा सीए और एक्सईयन को नोटिस ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कार पर बालमखीरा गिरा, गमाडा सीए और एक्सईयन को नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो, मोहाली
Updated Thu, 09 Jun 2016 10:42 AM IST
विज्ञापन
लाोक अदालत
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फेज-4 में कुछ दिन पहले पुडा के रिटायर्ड एक्सईएन एनएस कलसी की कार पर बालमखीरा गिर गया था। इससे उनकी कार क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस संबंध में बुधवार को उन्होंने लोक अदालत में केस दायर किया। अदालत ने केस की सुनवाई करते हुए गमाडा के सीए व हार्टिकल्चर के एक्सईएन को नोटिस जारी किया। मामले की अगली सुनवाई एक जुलाई को होगी।
अदालत में दायर याचिका में एक्सईएन एनएस कलसी ने बताया कि 28 मई को अपनी कार में सवार होकर फेज-4 से सेक्टर-70 स्थित घर की तरफ जा रहे थे। वह जब फेज-4 स्थित शापिंग स्ट्रीट पर पहुंचे तो अचानक उनकी कार के अगले शीशे पर बालमखीरा गिर गया था। उस समय ऐसा लगा कि मानो किसी ने गोली चला दी हो। वहीं, कार का बैलेंस भी पूरी तरह बिगड़ गया था। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद वह पूरी तरह सहम गए थे। इसी बीच इलाके के लोग भी इकट्ठा हो गए थे। घटना के बाद उन्होंने तुरंत गमाडा के अधिकारियों को फोन पर संपर्क कि या। लेकिन, अधिकारियों ने उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया। जिक्रयोग है कि बालमखीरों का मामला पहले ही लोक अदालत में चल रहा है। जिसकी मंगलवार को सुनवाई हुई थी। अदालत में गमाडा और नगर निगम के अधिकारी नहीं पेेश हुए थे। सिर्फ जंगलात विभाग के अफसर ही पहुंचे थे। अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों अधिकारियों को एक जुलाई को पेश होने का आदेश दिया है।
दस लाख मुआवजा देने की मांग
अदालत में दायर केस में कलसी ने कहा कि बालमखीरा गिरने से उन्हें मानसिक व शारीरिक परेशानी हुई। इसके लिए दस लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। वहीं, कार का शीशा बदलने के लिए 10 हजार सात सौ, कानूनी खर्च के लिए 55000 की मांग की है। साथ ही शहर की सड़कों पर लगे सारे बालमखीरे तुरंत तुड़वाने के लिए कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अदालत में दायर याचिका में एक्सईएन एनएस कलसी ने बताया कि 28 मई को अपनी कार में सवार होकर फेज-4 से सेक्टर-70 स्थित घर की तरफ जा रहे थे। वह जब फेज-4 स्थित शापिंग स्ट्रीट पर पहुंचे तो अचानक उनकी कार के अगले शीशे पर बालमखीरा गिर गया था। उस समय ऐसा लगा कि मानो किसी ने गोली चला दी हो। वहीं, कार का बैलेंस भी पूरी तरह बिगड़ गया था। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद वह पूरी तरह सहम गए थे। इसी बीच इलाके के लोग भी इकट्ठा हो गए थे। घटना के बाद उन्होंने तुरंत गमाडा के अधिकारियों को फोन पर संपर्क कि या। लेकिन, अधिकारियों ने उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया। जिक्रयोग है कि बालमखीरों का मामला पहले ही लोक अदालत में चल रहा है। जिसकी मंगलवार को सुनवाई हुई थी। अदालत में गमाडा और नगर निगम के अधिकारी नहीं पेेश हुए थे। सिर्फ जंगलात विभाग के अफसर ही पहुंचे थे। अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों अधिकारियों को एक जुलाई को पेश होने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
दस लाख मुआवजा देने की मांग
अदालत में दायर केस में कलसी ने कहा कि बालमखीरा गिरने से उन्हें मानसिक व शारीरिक परेशानी हुई। इसके लिए दस लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। वहीं, कार का शीशा बदलने के लिए 10 हजार सात सौ, कानूनी खर्च के लिए 55000 की मांग की है। साथ ही शहर की सड़कों पर लगे सारे बालमखीरे तुरंत तुड़वाने के लिए कहा है।
विज्ञापन