कोरोना को हरा घर लौटे पूर्व सीएम शांता कुमार, भावुक होकर बोले- सरकारी अस्पताल की गुणवत्ता में हो सुधार
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कोरोना महामारी को मात देकर जिंदगी की जंग की जीत ली है। 10 दिनों तक मोहाली स्थित फोर्टिस अस्पताल में भर्ती रहने के बाद रविवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों का धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा कि उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत हुई थी। जिसमें उन्होंने प्रधानममंत्री से अपील की है कि सरकारी अस्पतालों के इलाज में गुणवत्ता लाएं। ताकि लोगों को दिक्कत न उठानी पड़े।
बता दें कि अस्पताल में मीडिया से बातचीत करते वक्त हिमाचल प्रदेश के सीएम शांता कुमार काफी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि इस कोरोना महामारी से पूरा परिवार संक्रमित हो गया था। इस दौरान धर्मपत्नी साथ छोड़ गई। इसके बाद पूरा परिवार इलाज के लिए मोहाली स्थित अस्पताल आ गया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में उन्हें बढ़िया इलाज व प्यार भी मिला।
इलाज केवल दवाई से नहीं होता है। डॉक्टर का प्यार और व्यवहार भी काफी अहम होता है। आज हम इसी के सहारे ठीक होकर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं दुनिया के लोगों व देश के प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूं कि लोगों ने दुनिया में लाखों करोड़ मंदिर बनाए हैं। उन्होंने कहा कि पता नहीं वहां पर भगवान मिलते हैं या नहीं।
उन्होंने कहा कि भगवान ने ज्यादा मंदिर नहीं बनाए। भगवान ने सिर्फ एक ही मंदिर बनाया है और वह इंसान है। ऐसे में भगवान के बनाए मंदिर की सेवा सबसे बढ़िया सेवा है। उन्होंने कहा कि यह बात स्वामी विवेकानंद ने शिकागो की सभा में भी कही थी।
35 साल से योग करने के बाद भी कोरोना संक्रमित हुआ
पूर्व सीएम ने कोरोना महामारी के बारे में कहा कि यह दुश्मन बड़ा धोखेबाज है। 35 साल से मैं और मेरी पत्नी रोजाना योग, प्राणायाम और स्टीम लेकर सोते थे। पता नहीं यह कोरोना नाम का शत्रु कहां से उनके यहां पहुंच गया। मैं भगवान से प्रार्थना करता हू कि मानवता की रक्षा करे, अब बहुत हो गया । उन्होंने इलाज करने वाले डॉक्टर का धन्यवाद किया। उन्होंने डॉक्टरों से कहा कि आप भगवान के असली पुजारी है। ऐसे ही मानवता की सेवा करते रहें। जाते-जाते पूर्व सीएम ने डॉक्टरों को पालमपुर आने का न्योता भी दिया।