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Mohali News: धान पर प्रति क्विंटल 100 रुपये कटौती से किसान नाराज, उठान धीमा
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धनौनी और समगौली अनाज मंडियों में धान की फसल का उठान देरी से हो रहा, पूरी रकम खाते में नहीं डाली जा रही
संवाद न्यूज एजेंसी
डेराबस्सी। डेराबस्सी की धनौनी और समगौली अनाज मंडियों में धान की फसल का उठान देरी से हो रहा है। इस बीच, धान पर 100 रुपये प्रति क्विंटल कटौती की बात सामने आई है। इससे किसानों में भारी रोष है। किसानों ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। किसानों का आरोप है कि आढ़ती फसल उठाने के लिए 100 रुपये प्रति क्विंटल की कटौती मांग रहे हैं। वहीं, आढ़तियों का कहना है कि वेयरहाउस के अधिकारी यह कटौती चाहते हैं। इस विवाद के कारण मंडी में तनाव का माहौल बन गया। वेयरहाउस के प्रतिनिधियों को मौके पर बुलाया गया लेकिन वे नहीं पहुंचे। किसानों ने बताया कि महंगाई और खेती की बढ़ती लागत से उनकी आर्थिक स्थिति पहले ही कमजोर है। अगली फसल की बोआई का समय नजदीक है। ऐसे में उन्हें मजबूरी में कटौती सहन कर फसल बेचनी पड़ सकती है। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी फसल की पूरी रकम उनके खातों में नहीं डाली जा रही है।
मंडी सुपरवाइजर का आश्वासन
मंडी सुपरवाइजर पंकज शर्मा ने बताया कि मामला सामने आने पर दोनों पक्षों को बुलाया गया था। हालांकि, वेयरहाउस के प्रतिनिधि बैठक में नहीं आए। शर्मा ने किसानों को भरोसा दिलाया कि किसी भी तरह की कटौती नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने स्वीकार किया कि धनौनी मंडी में उठान की धीमी रफ्तार के कारण बोरियों के ढेर लगे हैं। उठान तेज करवाने के प्रयास किए जाएंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
डेराबस्सी। डेराबस्सी की धनौनी और समगौली अनाज मंडियों में धान की फसल का उठान देरी से हो रहा है। इस बीच, धान पर 100 रुपये प्रति क्विंटल कटौती की बात सामने आई है। इससे किसानों में भारी रोष है। किसानों ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। किसानों का आरोप है कि आढ़ती फसल उठाने के लिए 100 रुपये प्रति क्विंटल की कटौती मांग रहे हैं। वहीं, आढ़तियों का कहना है कि वेयरहाउस के अधिकारी यह कटौती चाहते हैं। इस विवाद के कारण मंडी में तनाव का माहौल बन गया। वेयरहाउस के प्रतिनिधियों को मौके पर बुलाया गया लेकिन वे नहीं पहुंचे। किसानों ने बताया कि महंगाई और खेती की बढ़ती लागत से उनकी आर्थिक स्थिति पहले ही कमजोर है। अगली फसल की बोआई का समय नजदीक है। ऐसे में उन्हें मजबूरी में कटौती सहन कर फसल बेचनी पड़ सकती है। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी फसल की पूरी रकम उनके खातों में नहीं डाली जा रही है।
मंडी सुपरवाइजर का आश्वासन
मंडी सुपरवाइजर पंकज शर्मा ने बताया कि मामला सामने आने पर दोनों पक्षों को बुलाया गया था। हालांकि, वेयरहाउस के प्रतिनिधि बैठक में नहीं आए। शर्मा ने किसानों को भरोसा दिलाया कि किसी भी तरह की कटौती नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने स्वीकार किया कि धनौनी मंडी में उठान की धीमी रफ्तार के कारण बोरियों के ढेर लगे हैं। उठान तेज करवाने के प्रयास किए जाएंगे।
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