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Mohali News: जाली अनापत्ति प्रमाणपत्र से रजिस्ट्रियां कराने का मामला ईडी तक पहुंचा
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बाकरपुर में एसवाईएल नहर की जमीन पर अवैध कॉलोनी काटने का आरोप, 175 रजिस्ट्रियों में फर्जी एनओसी मिलने का दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
डेराबस्सी। डेराबस्सी तहसील में जाली अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के आधार पर रजिस्ट्रियां कराने का मामला अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) तक पहुंच गया है। शिकायतकर्ता सुमित गुप्ता ने ईडी को शिकायत भेजकर मामले की गहन जांच की मांग की है। शिकायत में बाकरपुर गांव की कॉलोनियों, एसवाईएल नहर की जमीन पर कब्जों और विभिन्न सरकारी विभागों की भूमिका की जांच कराने की मांग भी उठाई गई है।शिकायतकर्ता के अनुसार, अगस्त 2023 के आसपास बाकरपुर गांव की एक रजिस्ट्री में कथित तौर पर जाली एनओसी के इस्तेमाल का मामला सामने आया था। इसके बाद नगर परिषद की शिकायत पर पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। सुमित गुप्ता का आरोप है कि शुरुआती कार्रवाई के बाद जांच का दायरा सीमित रह गया और कथित नेटवर्क की पूरी पड़ताल नहीं की गई। उन्होंने दावा किया कि जांच के दौरान 175 रजिस्ट्रियों में जाली एनओसी का मामला सामने आया था। उन्होंने सवाल उठाया कि जांच केवल इन्हीं रजिस्ट्रियों तक सीमित क्यों रही, जबकि अन्य रजिस्ट्रियों की भी पड़ताल होनी चाहिए थी। हालांकि, हजारों रजिस्ट्रियों में गड़बड़ी और जांच के कुल दायरे से जुड़े आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। शिकायत में जीरकपुर और लालड़ू में भी जाली एनओसी से रजिस्ट्रियां कराने का मुद्दा उठाया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित होने के बावजूद इन मामलों में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। उन्होंने पंजाब के राज्यपाल को पहले भेजी गई शिकायत पर भी ठोस कार्रवाई नहीं होने का दावा किया है।
एसवाईएल नहर की जमीन पर कब्जों की जांच की मांग
सुमित गुप्ता ने आरोप लगाया कि बाकरपुर की कॉलोनियों के रिकॉर्ड, रजिस्ट्रियों और जमीन की निशानदेही की जांच से एसवाईएल नहर की जमीन पर कथित कब्जों का मामला सामने आ सकता है। उन्होंने ईडी से नगर परिषद, राजस्व विभाग, गमाडा, ड्रेनेज विभाग और स्थानीय प्रशासन की भूमिका की जांच करने की मांग की है। उनका आरोप है कि कुछ कॉलोनियों को मंजूरी मिलने की आड़ में अन्य कॉलोनियां भी बेची गईं। उन्होंने मामले में बड़े अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच करने की मांग उठाई है। डेराबस्सी के एसडीएम अमित गुप्ता ने कहा कि यदि मामले की शिकायत मिलती है तो इसकी गहनता से जांच की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
डेराबस्सी। डेराबस्सी तहसील में जाली अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के आधार पर रजिस्ट्रियां कराने का मामला अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) तक पहुंच गया है। शिकायतकर्ता सुमित गुप्ता ने ईडी को शिकायत भेजकर मामले की गहन जांच की मांग की है। शिकायत में बाकरपुर गांव की कॉलोनियों, एसवाईएल नहर की जमीन पर कब्जों और विभिन्न सरकारी विभागों की भूमिका की जांच कराने की मांग भी उठाई गई है।शिकायतकर्ता के अनुसार, अगस्त 2023 के आसपास बाकरपुर गांव की एक रजिस्ट्री में कथित तौर पर जाली एनओसी के इस्तेमाल का मामला सामने आया था। इसके बाद नगर परिषद की शिकायत पर पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। सुमित गुप्ता का आरोप है कि शुरुआती कार्रवाई के बाद जांच का दायरा सीमित रह गया और कथित नेटवर्क की पूरी पड़ताल नहीं की गई। उन्होंने दावा किया कि जांच के दौरान 175 रजिस्ट्रियों में जाली एनओसी का मामला सामने आया था। उन्होंने सवाल उठाया कि जांच केवल इन्हीं रजिस्ट्रियों तक सीमित क्यों रही, जबकि अन्य रजिस्ट्रियों की भी पड़ताल होनी चाहिए थी। हालांकि, हजारों रजिस्ट्रियों में गड़बड़ी और जांच के कुल दायरे से जुड़े आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। शिकायत में जीरकपुर और लालड़ू में भी जाली एनओसी से रजिस्ट्रियां कराने का मुद्दा उठाया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित होने के बावजूद इन मामलों में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। उन्होंने पंजाब के राज्यपाल को पहले भेजी गई शिकायत पर भी ठोस कार्रवाई नहीं होने का दावा किया है।
एसवाईएल नहर की जमीन पर कब्जों की जांच की मांग
सुमित गुप्ता ने आरोप लगाया कि बाकरपुर की कॉलोनियों के रिकॉर्ड, रजिस्ट्रियों और जमीन की निशानदेही की जांच से एसवाईएल नहर की जमीन पर कथित कब्जों का मामला सामने आ सकता है। उन्होंने ईडी से नगर परिषद, राजस्व विभाग, गमाडा, ड्रेनेज विभाग और स्थानीय प्रशासन की भूमिका की जांच करने की मांग की है। उनका आरोप है कि कुछ कॉलोनियों को मंजूरी मिलने की आड़ में अन्य कॉलोनियां भी बेची गईं। उन्होंने मामले में बड़े अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच करने की मांग उठाई है। डेराबस्सी के एसडीएम अमित गुप्ता ने कहा कि यदि मामले की शिकायत मिलती है तो इसकी गहनता से जांच की जाएगी।
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