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आतंकी बने प्यार पर पहरा, फिर भी जीता दिल बेचारा

Mon, 14 Feb 2022 02:06 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Mon, 14 Feb 2022 02:06 AM IST
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Became a terrorist, guarded on love, yet the poor heart won
बलविंदर कौर और सुखविंदर सिंह। - फोटो : MOHALI
नयागांव। करीब 38 साल पहले कॉलेज जाते हुए बस में पहली मुलाकात हुई थी, लेकिन यह मुलाकात कब प्यार में बदल गई पता ही नहीं चला। हालांकि प्यार की असली परीक्षा तो बाद में ही शुरू हुई। दोनों की शादी के लिए घरवाले राजी नहीं थे, वहीं आतंकियों से भी प्रेम विवाह के खिलाफ धमकियां मिली थी। लेकिन ठाना था कि एकसाथ जीना मरना है तो बस प्रेम की राह पर चल पड़े। जिंदगी में कई मोड़ आए, लेकिन हार नहीं मानी। दोनों ने घरवालों की मर्जी के खिलाफ शादी की और परिवार के साथ रह रहे हैं। आज परिवार ही नहीं, समाज के लिए भी मिसाल बने हुए हैं। ऐसी ही प्रेम कहानी है पंजाब पुलिस में तैनात बलविंदर कौर और सुखविंदर सिंह की। दोनों ही हेड कांस्टेबल के पद पर हैं। बलविंदर कौर वुमन सेल में कई घरों को टूटने से बचाने में भूमिका निभा रही हैं।
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बलविंदर ने बताया कि उनका जन्म कपूरथला के गांव खस्सण में हुआ था। 1984 में आतंकवाद के दौर में प्रेम कहानी शुरू हुई। इसी साल महिला खालसा कॉलेज, लाइलपुर जालंधर पढ़ने पहुंची। इलाके के युवक सुखविंदर सिंह से मुलाकात बस में हुई। दोनों एक ही बस स्टैंड से बस पकड़ते थे। मुलाकातों का सिलसिला प्यार में बदल गया। लेकिन दोनों के परिवार शादी के लिए राजी नहीं थे। आतंकवादियों से एक-दूसरे से दूर रहने की धमकियां भी मिलीं। लेकिन दोनों ने साथ नहीं छोड़ा। संवाद
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दोनों की लगी नौकरी तो की शादी
बलविंदर कौर के पिता 1971 में आर्मी में शहीद हो गए थे। बलविंदर कौर परिवार की मर्जी के खिलाफ प्यार पाना चाहती थी। इसी सुखविंदर सिंह 1986 में पुलिस में भर्ती हो गए। लेकिन मुश्किलें कम नहीं हुई। परिवार सुखविंदर के लिए ऐसी लड़की ढूंढने लगा जो सरकारी नौकरी करती हो। संयोगवश 1990 में बलविंदर की भी पंजाब पुलिस में नौकरी लग गई। दोनों की शादी की राह आसान हुई। लेकिन उस दौरान दोनोें के परिवार प्रेम विवाह के लिए राजी नहीं थे। फिर भी दोनों ने 1993 में प्रेम विवाह कर लिया।
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पुत्र के जन्म के बाद मिले दोनों के परिवार
प्रेम विवाह के बाद दोनों अमृतसर के सरकारी आवास में रहने लगे और परिवारों से नाता टूटा था। 1995 में घर में पुत्र ने जन्म लिया। इस खुशी में एक समारोह में दोनों परिवार भी इकट्ठे हो गए और अब आना-जाना है। इसके बाद भी जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव आए। लेकिन दोनों ने मजबूती से एक-दूसरे का साथ निभाया। हालांकि उनके बेटे ने परिवार की सहमति से ही अंतरजातीय विवाह किया है।
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