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Mohali News: पीपीएस पर फैसले का इंतजार, नाइपर कर्मचारियों की भूख हड़ताल 43वें दिन भी जारी
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130 नॉन-टीचिंग कर्मचारियों की प्रमोशन स्कीम का विवाद सुलझाने की मांग, केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की अपील
मोहाली। नाइपर-मोहाली में 130 नॉन-टीचिंग कर्मचारियों की पर्सनल प्रमोशन स्कीम (पीपीएस) का विवाद सुलझाने की मांग को लेकर कर्मचारियों का आंदोलन मंगलवार को 43वें दिन भी जारी रहा। नॉन-टीचिंग स्टाफ वेलफेयर एसोसिएशन (एनएसडब्ल्यूए) के नेतृत्व में कर्मचारी भूख हड़ताल और असहयोग आंदोलन कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से लंबित इस मामले में अब तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप कर विवाद का समाधान करवाने की मांग की है।
एसोसिएशन के अनुसार, पीपीएस नीति को वर्ष 2021 में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स से मंजूरी मिली थी। इसके बावजूद नीति को लेकर विवाद बना हुआ है। कर्मचारियों की मांग है कि मंजूर नीति और संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुसार मामले का समाधान किया जाए।
कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट, फैसले का इंतजार
एसोसिएशन के मुताबिक, विवाद पर चर्चा के लिए निदेशक की ओर से विभागाध्यक्षों, फैकल्टी सदस्यों और नॉन-टीचिंग कर्मचारियों के साथ बैठक की गई थी। इसके बाद गठित कमेटी ने निर्धारित समयसीमा के अनुसार 13 अक्तूबर को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। हालांकि, रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद भी कर्मचारी अंतिम निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।
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मोहाली। नाइपर-मोहाली में 130 नॉन-टीचिंग कर्मचारियों की पर्सनल प्रमोशन स्कीम (पीपीएस) का विवाद सुलझाने की मांग को लेकर कर्मचारियों का आंदोलन मंगलवार को 43वें दिन भी जारी रहा। नॉन-टीचिंग स्टाफ वेलफेयर एसोसिएशन (एनएसडब्ल्यूए) के नेतृत्व में कर्मचारी भूख हड़ताल और असहयोग आंदोलन कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से लंबित इस मामले में अब तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप कर विवाद का समाधान करवाने की मांग की है।
एसोसिएशन के अनुसार, पीपीएस नीति को वर्ष 2021 में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स से मंजूरी मिली थी। इसके बावजूद नीति को लेकर विवाद बना हुआ है। कर्मचारियों की मांग है कि मंजूर नीति और संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुसार मामले का समाधान किया जाए।
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कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट, फैसले का इंतजार
एसोसिएशन के मुताबिक, विवाद पर चर्चा के लिए निदेशक की ओर से विभागाध्यक्षों, फैकल्टी सदस्यों और नॉन-टीचिंग कर्मचारियों के साथ बैठक की गई थी। इसके बाद गठित कमेटी ने निर्धारित समयसीमा के अनुसार 13 अक्तूबर को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। हालांकि, रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद भी कर्मचारी अंतिम निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।
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