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छतबीड़ : शेर सफारी के बाद पर्यटकों का पसंदीदा जानवर तेंदुआ हुआ बीमार
Updated Mon, 27 Nov 2017 02:02 AM IST
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छतबीड़ का ‘पाशा’ बीमार
डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया पाशा को
अमर उजाला ब्यूरो
जीरकपुर।
छतबीड़ चिड़ियाघर में पर्यटकों का शेर सफारी के बाद सबसे पसंदीदा जानवर तेंदुआ (पाशा) बीमार हो गया है। पाशा को डाक्टरों की देखरेख में रखा गया है। अगले कुछ दिनों तक वह अपने बाड़े में रहकर आराम करेगा।
जानकारी के मुताबिक, शेर सफारी के बाद तेंदुए के बाड़े में रहने वाला ‘पाशा’ मौसम में हुए बदलाव को बर्दाश्त नहीं कर पाया। इस कारण उसे बाड़े से बाहर नहीं निकनहीं गया। दूसरी ओर, पाशा की गतिविधियों में बदलाव को देखकर डाक्टरों की टीम ने उसका ब्लड सैंपल लेकर जांच की तो पता चला उसे किडनी में प्रॉब्लम है। इसके बाद डाक्टरों ने उसका इलाज शुरू कर दिया है। डाक्टरों के अनुसार, पाशा को अभी आराम की जरूरत है। उसके बाड़े के अंदर तापमान को सामान्य रखने के लिए रूम हीटर का प्रबंध किया गया है। साथ ही उसकी डाइट का खास ख्याल रखा जा रहा है। वहीं, कर्मचारियों को उसके बाड़े के पास तैनात किया गया, ताकि पाशा की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। पाशा (तेंदुआ) की उम्र साढ़े 3 वर्ष है और छतबीड़ में ही उसका जन्म हुआ है।
पाशा (तेंदुआ) के बीमार होने पर उसका ब्लड सैंपल लेकर जांच की गई। रिपोर्ट में सामने आया है कि पाशा को किडनी में प्रॉब्लम है। उसका इलाज शुरू कर दिया गया है। अगले कुछ दिनों तक पाशा डाक्टरों की देखरेख में रहेगा। पूरी तरह से ठीक होने के बाद उसे बाड़े में छोड़ दिया जाएगा।
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-नीरज कुमार, फील्ड डायरेक्टर, छतबीड़ चिड़ियाघर।
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डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया पाशा को
अमर उजाला ब्यूरो
जीरकपुर।
छतबीड़ चिड़ियाघर में पर्यटकों का शेर सफारी के बाद सबसे पसंदीदा जानवर तेंदुआ (पाशा) बीमार हो गया है। पाशा को डाक्टरों की देखरेख में रखा गया है। अगले कुछ दिनों तक वह अपने बाड़े में रहकर आराम करेगा।
जानकारी के मुताबिक, शेर सफारी के बाद तेंदुए के बाड़े में रहने वाला ‘पाशा’ मौसम में हुए बदलाव को बर्दाश्त नहीं कर पाया। इस कारण उसे बाड़े से बाहर नहीं निकनहीं गया। दूसरी ओर, पाशा की गतिविधियों में बदलाव को देखकर डाक्टरों की टीम ने उसका ब्लड सैंपल लेकर जांच की तो पता चला उसे किडनी में प्रॉब्लम है। इसके बाद डाक्टरों ने उसका इलाज शुरू कर दिया है। डाक्टरों के अनुसार, पाशा को अभी आराम की जरूरत है। उसके बाड़े के अंदर तापमान को सामान्य रखने के लिए रूम हीटर का प्रबंध किया गया है। साथ ही उसकी डाइट का खास ख्याल रखा जा रहा है। वहीं, कर्मचारियों को उसके बाड़े के पास तैनात किया गया, ताकि पाशा की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। पाशा (तेंदुआ) की उम्र साढ़े 3 वर्ष है और छतबीड़ में ही उसका जन्म हुआ है।
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पाशा (तेंदुआ) के बीमार होने पर उसका ब्लड सैंपल लेकर जांच की गई। रिपोर्ट में सामने आया है कि पाशा को किडनी में प्रॉब्लम है। उसका इलाज शुरू कर दिया गया है। अगले कुछ दिनों तक पाशा डाक्टरों की देखरेख में रहेगा। पूरी तरह से ठीक होने के बाद उसे बाड़े में छोड़ दिया जाएगा।
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-नीरज कुमार, फील्ड डायरेक्टर, छतबीड़ चिड़ियाघर।