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1600 श्रमिक यूपी के हरदोई स्पेशल ट्रेन से रवाना
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चंडीगढ़। कोरोना महामारी के कारण लगे लॉकडाउन में कामकाज नहीं मिलने से प्रवासी मजदूरों का पलायन जारी है। रविवार को चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से उत्तर प्रदेश के हरदोई के लिए श्रमिक स्पेेशल ट्रेन रवाना हुई है। इसमें 1600 मजदूर सवार थे। यह ट्रेन चंडीगढ़ के रेलवे स्टेशन से दिन में 2 बजे अपने निर्धारित समय पर रवाना हुई है।
चंडीगढ़ से जाने से पहले सभी प्रवासियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद बस में बैठाकर सभी को चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन लाया गया। यहां से सभी को रात्रि भोजन और पानी की बोतल देने के बाद उन्हें सीट नंबर के हिसाब से कोच में बैठाया गया। इस दौरान रेलवे के मुलाजिमों की ओर से रेलवे स्टेशन पर आने वाले श्रमिकों को सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने और मास्क पहनने के लिए बार-बार अपील भी की जा रही थी।
गर्मी के कारण मास्क लटकाए गले में
बता दें कि ट्रेन में बैठने वाले अधिकतर श्रमिकों ने मास्क तो लगाए थे, लेकिन वह नॉक और फेस कवर नहीं थे, वे गले में लटकाए घूम रहे थे। इस संबंध में प्रवासियों का कहना था कि गर्मी इतनी है कि ट्रेन के चलने से दो-तीन घंटे पहले लोग ट्रेन में बैठना शुरू कर देते हैं, जिससे वहां सांस लेने मेें दिक्कत होती है। जब तक ट्रेन प्लेटफार्म पर खड़ी रहती है, ट्रेन की बोगियों में लगे फैन नहीं चलते। ऐसे में मुंह पर मास्क वे कब तक लगाएं। गर्मी के कारण उनका सांस फूलने लगता है। इसलिए मजबूरी में कभी-कभी मास्क चेहरे से नीचे करना पड़ता है।
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चंडीगढ़ से जाने से पहले सभी प्रवासियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद बस में बैठाकर सभी को चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन लाया गया। यहां से सभी को रात्रि भोजन और पानी की बोतल देने के बाद उन्हें सीट नंबर के हिसाब से कोच में बैठाया गया। इस दौरान रेलवे के मुलाजिमों की ओर से रेलवे स्टेशन पर आने वाले श्रमिकों को सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने और मास्क पहनने के लिए बार-बार अपील भी की जा रही थी।
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गर्मी के कारण मास्क लटकाए गले में
बता दें कि ट्रेन में बैठने वाले अधिकतर श्रमिकों ने मास्क तो लगाए थे, लेकिन वह नॉक और फेस कवर नहीं थे, वे गले में लटकाए घूम रहे थे। इस संबंध में प्रवासियों का कहना था कि गर्मी इतनी है कि ट्रेन के चलने से दो-तीन घंटे पहले लोग ट्रेन में बैठना शुरू कर देते हैं, जिससे वहां सांस लेने मेें दिक्कत होती है। जब तक ट्रेन प्लेटफार्म पर खड़ी रहती है, ट्रेन की बोगियों में लगे फैन नहीं चलते। ऐसे में मुंह पर मास्क वे कब तक लगाएं। गर्मी के कारण उनका सांस फूलने लगता है। इसलिए मजबूरी में कभी-कभी मास्क चेहरे से नीचे करना पड़ता है।
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