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डेराबस्सी में माइनिंग माफिया फिर सरगरम
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डेराबस्सी। मुबारिकपुर क्षेत्र में पड़ते स्टोन क्रशर व स्क्रीनिंग प्लांटों के मालिकों ने पुलिस पर माइनिंग माफिया के दबाव में उनको तंग करने का आरोप लगाया है। मुबारिकपुर क्रशर एसोसिएशन के प्रधान अमरजीत बांसल, सीनियर उपप्रधान रणजीत सिंह, उपप्रधान कुलदीप सिंह बिट्ट, ूकैशियर मोहन अग्रवाल, पवन कुमार बिल्लू, ओम प्रकाश, बीडी गुप्ता, रोशन लाल सहित अन्य ने बताया कि इस जोन में करीब 42 स्टोन क्रशर और करीब 32 स्क्रीनिंग प्लांट लंबे समय से कानूनी तरीके से चल रहे हैं। हजारों लोगों को यहां कारोबार मिला हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब से राज्य में कांग्रेस सरकार आई है तब से लगातार माइनिंग माफिया उन्हें तंग कर रहा है। यहां सारा कच्चा माल हरियाणा की नदियों से पूरी रॉयलटी देने के बाद लाया जाता है, परंतु पंजाब का माइनिंग माफिया उनसे लंबे समय से इस कच्चे माल पर रॉयलटी के रूप में गुंडा टेक्स वसूलने के लिए दबाव बना रहा है, जबकि माइनिंग माफिया के पास पंजाब के इस क्षेत्र में कोई नदी की मंजूरी नहीं है। इस काम में प्रशासन व पुलिस अधिकारी कथित तौर पर उनका पूरा साथ दे रहे हैं। पुलिस यहां पक्का नाका लगाकर कच्चा माल लाने वाली गाड़ियों को माल का बिल, गाड़ी के दस्तावेज, ओवरलोड, चालक का लाइसेंस व अन्य कारण बनाकर घंटों तक परेशान कर दबाव बना रही है। इससे तंग आकर उनके यहां माल लाने से वाहन चालक कतराने लगे हैं। इस कारण उनको कच्चे माल की कमी आने लगी है। इस संबंधी वह बीते दिनों एसएसपी मोहाली हरचरन सिंह भुल्लर, डीएसपी डेराबस्सी सिमनरजीत सिंह लंग सहित अन्य उच्च अधिकारियों को मिलकर अवगत करवा चुके हैं, परंतु अभी तक समस्या का हल नहीं हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में दखल देकर कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्दी उनको इससे छुटकारा नहीं मिला तो वह संघर्ष करने के लिए मजबूर होंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
माइनिंग माफिया की ओर से पहले भी गुंडा टैक्स वसूलने पर की गई थी कार्रवाई
क्रशर यूनियन ने आरोप लगाया कि माइनिंग माफिया ने पहले भी यहां पक्का टेंट लगाकर गुंडा टैक्स वसूलना शुरू कर दिया था। इसका विरोध करते हुए क्रशर यूनियन ने संघर्ष किया था। उस समय मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इसका सख्त नोटिस लेते हुए एसडीएम डेराबस्सी, डीएसपी व थाना प्रभारी को निलंबित करते हुए विभागीय जांच खोल दी थी। मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद काफी महीने माइनिंग माफिया पूरी तरह गायब हो गया था, परंतु अब कुछ दिन से माफिया फिर से सक्रिय हो गया है।
नियमों की उल्लंघना करने वालों के किए जा रहे चालान
क्रशर यूनियन की ओर से लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। कानून की पालना करने वाले किसी भी वाहन चालक को तंग नहीं किया जा रहा है। सबडिवीजन में अलग-अलग स्थानों पर नाकाबंदी कर बिना बिल से कच्चा माल, बिना दस्तावेज से वाहन चलाने या नियमों की उल्लंघना करने वालों के खिलाफ नाका लगाकर चालान किए जा रहे हैं।
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-सिमरनजीत सिंह, डीएसपी, डेराबस्सी।
कैप्शन- पुलिस पर आरोप लगाते क्रशर एसोसिएशन के सदस्य।
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माइनिंग माफिया की ओर से पहले भी गुंडा टैक्स वसूलने पर की गई थी कार्रवाई
क्रशर यूनियन ने आरोप लगाया कि माइनिंग माफिया ने पहले भी यहां पक्का टेंट लगाकर गुंडा टैक्स वसूलना शुरू कर दिया था। इसका विरोध करते हुए क्रशर यूनियन ने संघर्ष किया था। उस समय मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इसका सख्त नोटिस लेते हुए एसडीएम डेराबस्सी, डीएसपी व थाना प्रभारी को निलंबित करते हुए विभागीय जांच खोल दी थी। मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद काफी महीने माइनिंग माफिया पूरी तरह गायब हो गया था, परंतु अब कुछ दिन से माफिया फिर से सक्रिय हो गया है।
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नियमों की उल्लंघना करने वालों के किए जा रहे चालान
क्रशर यूनियन की ओर से लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। कानून की पालना करने वाले किसी भी वाहन चालक को तंग नहीं किया जा रहा है। सबडिवीजन में अलग-अलग स्थानों पर नाकाबंदी कर बिना बिल से कच्चा माल, बिना दस्तावेज से वाहन चलाने या नियमों की उल्लंघना करने वालों के खिलाफ नाका लगाकर चालान किए जा रहे हैं।
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-सिमरनजीत सिंह, डीएसपी, डेराबस्सी।
कैप्शन- पुलिस पर आरोप लगाते क्रशर एसोसिएशन के सदस्य।