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यूनिवर्सिटी कर्मियों की कलम छोड़ हड़ताल शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदकोट
Updated Tue, 24 Nov 2015 02:36 PM IST
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बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी के समूह कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सोमवार से दो दिवसीय कलम छोड़ हड़ताल शुरू कर दी है। इस दौरान यूनिवर्सिटी कर्मियों ने रोष धरना दिया और वाइस चांसलर पर कर्मियों के साथ वादाखिलाफी करने के आरोप लगाए।
बाबा फरीद यूनिवर्सिटी इंप्लाइज एसोसिएशन के प्रधान गुरजंट सिंह व महासचिव राजीव ग्रोवर ने कहा कि कुछ माह पहले कर्मियों के संघर्ष के उपरांत जिला प्रशासन की दखलंदाजी पर यूनिवर्सिटी प्रशासन के साथ लिखित समझौता हुआ था।
इसके तहत पूर्व वीसी के कार्यकाल के समय हुए भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करवाने, नियम बनाकर ठेके पर काम कर रहे कर्मियों की सेवाएं स्थायी करने और पिछले 10 साल से बतौर डेपुटेशन पर काम करने वाले अधिकारी को वापस भेजने समेत अन्य मांगें पूरी करने का फैसला हुआ था।
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अब यूनिवर्सिटी के वीसी इन मांगों को पूरी करने में आनाकानी कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन के अड़ियल रवैए के कारण कर्मियों को मजबूर होकर दोबारा संघर्ष करना पड़ा है। इस मौके पर होशियार सिंह, गुरइकबाल सिंह, संजीव कुमार, धरमिंदर सिंह, हरजिंदर सिंह, अमनदीप सिंह, सरबजीत सिंह ने भी विचार रखे।
धरने में यूनिवर्सिटी कर्मियों के अलावा गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल, यूनिवर्सिटी नर्सिंग कॉलेज, यूनिवर्सिटी कॉलेज आफ फिजियोथरैपी, यूनिवर्सिटी कॉलेज आफ फार्मेसी व यूनिवर्सिटी लाइब्रेरी के कर्मियों ने भी भाग लिया।
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बाबा फरीद यूनिवर्सिटी इंप्लाइज एसोसिएशन के प्रधान गुरजंट सिंह व महासचिव राजीव ग्रोवर ने कहा कि कुछ माह पहले कर्मियों के संघर्ष के उपरांत जिला प्रशासन की दखलंदाजी पर यूनिवर्सिटी प्रशासन के साथ लिखित समझौता हुआ था।
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इसके तहत पूर्व वीसी के कार्यकाल के समय हुए भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करवाने, नियम बनाकर ठेके पर काम कर रहे कर्मियों की सेवाएं स्थायी करने और पिछले 10 साल से बतौर डेपुटेशन पर काम करने वाले अधिकारी को वापस भेजने समेत अन्य मांगें पूरी करने का फैसला हुआ था।
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अब यूनिवर्सिटी के वीसी इन मांगों को पूरी करने में आनाकानी कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन के अड़ियल रवैए के कारण कर्मियों को मजबूर होकर दोबारा संघर्ष करना पड़ा है। इस मौके पर होशियार सिंह, गुरइकबाल सिंह, संजीव कुमार, धरमिंदर सिंह, हरजिंदर सिंह, अमनदीप सिंह, सरबजीत सिंह ने भी विचार रखे।
धरने में यूनिवर्सिटी कर्मियों के अलावा गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल, यूनिवर्सिटी नर्सिंग कॉलेज, यूनिवर्सिटी कॉलेज आफ फिजियोथरैपी, यूनिवर्सिटी कॉलेज आफ फार्मेसी व यूनिवर्सिटी लाइब्रेरी के कर्मियों ने भी भाग लिया।