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सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो सीबीआई जांच : बाजवा
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदकोट
Updated Wed, 04 Nov 2015 10:14 PM IST
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पीपीसीसी अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने बरगाड़ी कांड की सीबीआई जांच को सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में करवाने और इसी घटना से संबंधित बहिबल कलां गोलीकांड को भी सीबीआई के हवाले करने की मांग की है। बाजवा बुधवार को यहां के एक होटल में 5 नवंबर से शुरू होने वाले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के दो दिवसीय पंजाब दौरे को लेकर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
पीपीसीसी अध्यक्ष बाजवा ने कहा कि बरगाड़ी कांड की जांच सिर्फ सीबीआई के हवाले करने से सच्चाई सामने नहीं आ सकती है। गुजरात दंगों की तरह यह जांच भी सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए।
इसके अलावा बरगाड़ी की घटना से ही संबंधित बहिबल कलां गोलीकांड को भी सीबीआई जांच का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे घटनाक्रम के पीछे पंजाब सरकार की ही सीधे रूप से जिम्मेवार है। कांग्रेस का मानना है कि नरमा किसानों के आंदोलन से राज्य में पैदा हुए हालात के चलते लोगों का ध्यान बांटने के लिए सरकारी एजेंसियों ने ही ऐसी शर्मनाक घटनाओं को अंजाम दिया है।
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राज्य में अब तक पावन ग्रंथ की बेअदबी करने की कुल 14 घटनाएं सामने आ चुकी हैं और यदि सरकार इन घटनाओं को नहीं रोक सकती तो उसे इस्तीफा दे देना चाहिए।
इस मौके पर पीपीसीसी सचिव धनजीत सिंह धनी विर्क, एडवोकेट विनोद मैनी, जसविंदर सिंह सिखांवाला, महाशा लखवंत सिंह बराड़, जुगनु जैन भी हाजिर हुए। इससे पहले बाजवा ने राष्ट्रीय सचिव हरीष चौधरी के साथ राहुल गांधी के दौरे की तैयारियां का भी जायजा लिया।
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पीपीसीसी अध्यक्ष बाजवा ने कहा कि बरगाड़ी कांड की जांच सिर्फ सीबीआई के हवाले करने से सच्चाई सामने नहीं आ सकती है। गुजरात दंगों की तरह यह जांच भी सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए।
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इसके अलावा बरगाड़ी की घटना से ही संबंधित बहिबल कलां गोलीकांड को भी सीबीआई जांच का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे घटनाक्रम के पीछे पंजाब सरकार की ही सीधे रूप से जिम्मेवार है। कांग्रेस का मानना है कि नरमा किसानों के आंदोलन से राज्य में पैदा हुए हालात के चलते लोगों का ध्यान बांटने के लिए सरकारी एजेंसियों ने ही ऐसी शर्मनाक घटनाओं को अंजाम दिया है।
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राज्य में अब तक पावन ग्रंथ की बेअदबी करने की कुल 14 घटनाएं सामने आ चुकी हैं और यदि सरकार इन घटनाओं को नहीं रोक सकती तो उसे इस्तीफा दे देना चाहिए।
इस मौके पर पीपीसीसी सचिव धनजीत सिंह धनी विर्क, एडवोकेट विनोद मैनी, जसविंदर सिंह सिखांवाला, महाशा लखवंत सिंह बराड़, जुगनु जैन भी हाजिर हुए। इससे पहले बाजवा ने राष्ट्रीय सचिव हरीष चौधरी के साथ राहुल गांधी के दौरे की तैयारियां का भी जायजा लिया।