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आरपीएफ के इंस्पेक्टरों को गोद दी सोलह ट्रेनें
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर
Updated Wed, 24 Feb 2016 03:00 PM IST
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रेनों में यात्रियों की सुरक्षा को यकीनी बनाने और यात्रियों के साथ ट्रेनों में हो रहे अपराध पर नियंत्रण के लिए रेल डिवीजन फिरोजपुर की लंबी दूरी वाली आठ (अपडाउन सोलह) ट्रेनों को डीआरएम अनुज प्रकाश ने विभिन्न स्टेशनों पर तैनात आरपीएफ के इंस्पेक्टरों को गोद दिया है।
इन ट्रेनों में अपराध काफी बढ़ गया था। यह जानकारी आरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट संजय गुप्ता ने दी।
डिप्टी कमांडेंट संजय गुप्ता ने बताया कि फिरोजपुर-मुंबई के बीच चलने वाली ऐतिहासिक ट्रेन पंजाब मेल व जम्मूतवी मेल समेत आठ ट्रेनों में यात्रियों के मोबाइल, पर्स चोरी, जहर खुरानी, सोने की चेन खींचने की वारदातें काफी बढ़ गई थी।
इन ट्रेनों में आरपीएफ का स्टाफ भी चलता था लेकिन यह लोग लापरवाही बरत रहे थे। ट्रेनों में बढ़ रहे अपराध को देखते हुए डिवीजन की आठ ट्रेनों को विभिन्न इंस्पेक्टरों को गोद दे दिया गया है। यदि अब ट्रेनों में अपराध होगा तो संबंधित इंस्पेक्टर की जिम्मेदारी होगी।
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गुप्ता ने बताया कि ये योजना पिछले साल सितंबर माह से शुरू की गई थी। पहले की तुलना में अब उक्त ट्रेनों में अपराध कम हुआ है। इसी तरह और ट्रेनों की जिम्मेदारी संबंधित आरपीएफ के इंस्पेक्टरों को सौंपी जाएगी।
गुप्ता ने बताया कि अमृतसर-दिल्ली के बीच चलने वाली गोल्डन टेंपल ट्रेन में दिल्ली का आरपीएफ स्टाफ चलता था लेकिन अचानक ट्रेन में दिल्ली का स्टाफ आना बंद हो गया।
ये बात फिरोजपुर डिवीजन के आरपीएफ स्टाफ को भी नहीं बताई गई। जब ट्रेन में अपराध बढ़ने लगा तो फिरोजपुर का स्टाफ तैनात किया गया।
गुप्ता ने बताया कि किसी भी ट्रेन में आरपीएफ का स्टाफ चल रहा है और ट्रेन में अपराध होता है तो उसकी तुरंत कंट्रोल रूम में सूचना देनी होगी।
ये योजना इसलिए शुरू की गई है क्योंकि ट्रेनों में चलने वाला आरपीएफ का स्टाफ लापरवाही बरत रहा था। इस कारण फिरोजपुर से मुंबई के बीच चलने वाली ऐतिहासिक ट्रेन पंजाब मेल, जम्मूतवी मेल समेत नौ ट्रेनों में अपराध बढ़ रहा था। अब इन ट्रेनों की जिम्मेदारी आरपीएफ के इंस्पेक्टरों को सौंपी गई है।- संजय गुप्ता, डिप्टी कमांडेंट, आरपीएफ
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इन ट्रेनों में अपराध काफी बढ़ गया था। यह जानकारी आरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट संजय गुप्ता ने दी।
डिप्टी कमांडेंट संजय गुप्ता ने बताया कि फिरोजपुर-मुंबई के बीच चलने वाली ऐतिहासिक ट्रेन पंजाब मेल व जम्मूतवी मेल समेत आठ ट्रेनों में यात्रियों के मोबाइल, पर्स चोरी, जहर खुरानी, सोने की चेन खींचने की वारदातें काफी बढ़ गई थी।
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इन ट्रेनों में आरपीएफ का स्टाफ भी चलता था लेकिन यह लोग लापरवाही बरत रहे थे। ट्रेनों में बढ़ रहे अपराध को देखते हुए डिवीजन की आठ ट्रेनों को विभिन्न इंस्पेक्टरों को गोद दे दिया गया है। यदि अब ट्रेनों में अपराध होगा तो संबंधित इंस्पेक्टर की जिम्मेदारी होगी।
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गुप्ता ने बताया कि ये योजना पिछले साल सितंबर माह से शुरू की गई थी। पहले की तुलना में अब उक्त ट्रेनों में अपराध कम हुआ है। इसी तरह और ट्रेनों की जिम्मेदारी संबंधित आरपीएफ के इंस्पेक्टरों को सौंपी जाएगी।
गुप्ता ने बताया कि अमृतसर-दिल्ली के बीच चलने वाली गोल्डन टेंपल ट्रेन में दिल्ली का आरपीएफ स्टाफ चलता था लेकिन अचानक ट्रेन में दिल्ली का स्टाफ आना बंद हो गया।
ये बात फिरोजपुर डिवीजन के आरपीएफ स्टाफ को भी नहीं बताई गई। जब ट्रेन में अपराध बढ़ने लगा तो फिरोजपुर का स्टाफ तैनात किया गया।
गुप्ता ने बताया कि किसी भी ट्रेन में आरपीएफ का स्टाफ चल रहा है और ट्रेन में अपराध होता है तो उसकी तुरंत कंट्रोल रूम में सूचना देनी होगी।
ये योजना इसलिए शुरू की गई है क्योंकि ट्रेनों में चलने वाला आरपीएफ का स्टाफ लापरवाही बरत रहा था। इस कारण फिरोजपुर से मुंबई के बीच चलने वाली ऐतिहासिक ट्रेन पंजाब मेल, जम्मूतवी मेल समेत नौ ट्रेनों में अपराध बढ़ रहा था। अब इन ट्रेनों की जिम्मेदारी आरपीएफ के इंस्पेक्टरों को सौंपी गई है।- संजय गुप्ता, डिप्टी कमांडेंट, आरपीएफ