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पुलिस और कश्मीरियों पर लूटपाट के आरोप
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर
Updated Sat, 19 Jul 2014 10:14 PM IST
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श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गेनाइजेशन ने आरोप लगाया है कि बालटाल स्थित भंडारों में आग लगाने और तोड़फोड़ के बाद जेएंडके पुलिस और कश्मीरियों ने खूब लूटपाट की थी।
आरोप है कि पुलिस के सामने ही कश्मीरियों ने भंडारों में आग लगाई थी। जिन भंडारों में आग लगाकर सामान नष्ट किया उनका करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। शनिवार को बालटाल से पवित्र गुफा के लिए श्रद्धालुओं ने भूखे पेट यात्रा शुरू की। बालटाल में भंडारे बंद रहे।
श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गेनाइजेशन के प्रधान विजय ठाकुर और महासचिव राजन गुप्ता ने बताया कि बालटाल कैंप में नौ भंडारे आग लगाकर पूरी तरह नष्ट कर दिए गए। जो सामान नहीं जला था उसे जेएंडके पुलिस और कश्मीरियों ने लूट लिया। यदि सीआरपी, बीएसएफ व सेना के जवान गश्त करते तो ये सामान बच सकता था लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा करने के आर्डर नहीं है। ये काम जेएंडके पुलिस का है। इसी कारण भंडारे वालों का इतना नुकसान हुआ है।
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जेएंडके पुलिस के अधिकारियों के सामने कश्मीरियों ने भंडारों को आग लगाई थी। राजन गुप्ता ने कहा कि बालटाल के भंडारे वालों की शनिवार बैठक हुई, उसमें निर्णय लिया गया कि यदि यात्रा की कमान सेना के हाथ में दी जाती है और उनकी सुरक्षा का जिम्मेदारी ली जाती है तभी दोबारा से लंगर लगाए जा सकते हैं। फिलहाल बालटाल के भंडारे वालों ने बैठक कर लंगर बंद कर दिए हैं।
पहलगाम में लंगर समितियों को सूचना दी गई है। यदि वो भी लंगर बंद करने को तैयार होते हैं तो शायद सभी लंगर वाले अपने-अपने घरों को रवाना हो जाएंगे। ये फैसला रविवार को लिया जाएगा। गुप्ता का कहना है कि जेएंडके पुलिस से उनका विश्वास खत्म हो चुका है। 2012 और 2013 में भी जेेएंडके पुलिस ने भंडारे वालों के साथ अच्छा बरताव नहीं किया था और इस बार तो भंडारों में आग लगवा दी।
आर्गेनाइजेशन की मांग है कि जिन लोगों ने भंडारों में आग लगाई है, उनके खिलाफ बनती कानूनी कार्रवाई की जाए और जिन पुलिस अधिकारियों की लापरवाही रही है उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए। इसके अलावा श्री अमरनाथ यात्रा की कमान सेना के हाथ में सौंपी जाए। गुप्ता ने बताया कि शनिवार को उनकी मुलाकात श्राइन बोर्ड के सीईओ आरके गुप्ता, एडीजीपी एसएम सहाए और सीआरपी के आईजी से हुई। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था कायम रखने का आश्वासन दिया है लेकिन आर्गेनाइजेशन इससे संतुष्ट नहीं है।
भंडारों में लगी आग
1. श्री हनुमत सेवा संघ, दिल्ली
2. श्री मंगला गौरी, लुधियाना
3. जय बाबा बर्फानी सेवा दल, मुकेरियां
4. महादेव लंगर
5. जय बाबा बालक नाथ, लुधियाना
6. शिव भक्ति सेवा ट्रस्ट, दिल्ली
7. श्री अमरनाथ सेवा दल, अमृतसर
8. थ्री नेत्र सेवा समिति, दिल्ली
9. शिव शक्ति सेवा दल, जालंधर
भंडारों में हुई तोड़फोड़
1. श्री अमरनाथ ट्रस्ट, जालंधर
2. ओम शिव शक्ति देवा सदानंद, दिल्ली
3. महादेव समाज सुधार, बटाला
4. मलोट भंडारा
5. शिव शक्ति सेवा दल, बुढलाडा
6. श्री अमरनाथ सेवा दल, अलीगढ़
7. मनि महेश सेवा मंडल, कपूरथला
8. शिव गोरी सेवा मंडल, दिल्ली
9. श्री शिव शक्ति सेवा दल, बुढ़लाडा
यह है मामला
महासचिव राजन गुप्ता ने बताया कि वीरवार रात को पांच श्रद्धालु सरहंद भंडारे पर रात डेढ़ बजे आए और उनसे दवा मांगी। भंडारे वालों ने कहा कि उनके पास दवा नहीं है। श्रद्धालुओं ने कहा कि रात बहुत हो गई है ठहरने के लिए जगह मिल जाएगी, तो उन्होंने कहा हां मिल जाएगी। श्रद्धालुओं के पीछे एक टेंट वाला (कश्मीरी) खड़ा था। कश्मीरी ने श्रद्धालुओं से कहा कि ठहरने की बात मुझसे हुई थी। तुम भंडारे में क्यों ठहर रहे हो। इसी बात को लेकर भंडारे वालों की टेंट वाले से कहासुनी हो गई और बात हाथापाई तक पहुंच गई। पुलिस आई और भंडारे वाले व कश्मीरी को पकड़कर ले गई।
गुप्ता ने बताया कि उसी रात को पुलिस ने प्रधान विजय ठाकुर को टेलीफोन किया। ठाकुर ने कहा कि दोनों को भंडारे में भेजो तो सुबह उनका राजीनामा करवा देंगे। रात को ही कश्मीरी एक नेता को अपने साथ ले आया। उस नेता ने रात को बाकी कश्मीरियों में ये बात फैला दी कि भंडारे वालों ने एक कश्मीरी को चाकू मार दिया और मर गया। इसी बात से गुस्साए कश्मीरियों ने शुक्रवार सुबह साढ़े पांच बजे भंडारों पर पथराव शुरू कर दिया गया, फिर तोड़फोड़ शुरू हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि कश्मीरियों ने भंडारों में आग लगा दी। गुप्ता का कहना है कि इस घटना के पीछे किसी और संगठन की साजिश है। इसलिए योजनाबद्ध तरीके से घटना को अंजाम दिया गया है।
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आरोप है कि पुलिस के सामने ही कश्मीरियों ने भंडारों में आग लगाई थी। जिन भंडारों में आग लगाकर सामान नष्ट किया उनका करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। शनिवार को बालटाल से पवित्र गुफा के लिए श्रद्धालुओं ने भूखे पेट यात्रा शुरू की। बालटाल में भंडारे बंद रहे।
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श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गेनाइजेशन के प्रधान विजय ठाकुर और महासचिव राजन गुप्ता ने बताया कि बालटाल कैंप में नौ भंडारे आग लगाकर पूरी तरह नष्ट कर दिए गए। जो सामान नहीं जला था उसे जेएंडके पुलिस और कश्मीरियों ने लूट लिया। यदि सीआरपी, बीएसएफ व सेना के जवान गश्त करते तो ये सामान बच सकता था लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा करने के आर्डर नहीं है। ये काम जेएंडके पुलिस का है। इसी कारण भंडारे वालों का इतना नुकसान हुआ है।
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जेएंडके पुलिस के अधिकारियों के सामने कश्मीरियों ने भंडारों को आग लगाई थी। राजन गुप्ता ने कहा कि बालटाल के भंडारे वालों की शनिवार बैठक हुई, उसमें निर्णय लिया गया कि यदि यात्रा की कमान सेना के हाथ में दी जाती है और उनकी सुरक्षा का जिम्मेदारी ली जाती है तभी दोबारा से लंगर लगाए जा सकते हैं। फिलहाल बालटाल के भंडारे वालों ने बैठक कर लंगर बंद कर दिए हैं।
पहलगाम में लंगर समितियों को सूचना दी गई है। यदि वो भी लंगर बंद करने को तैयार होते हैं तो शायद सभी लंगर वाले अपने-अपने घरों को रवाना हो जाएंगे। ये फैसला रविवार को लिया जाएगा। गुप्ता का कहना है कि जेएंडके पुलिस से उनका विश्वास खत्म हो चुका है। 2012 और 2013 में भी जेेएंडके पुलिस ने भंडारे वालों के साथ अच्छा बरताव नहीं किया था और इस बार तो भंडारों में आग लगवा दी।
आर्गेनाइजेशन की मांग है कि जिन लोगों ने भंडारों में आग लगाई है, उनके खिलाफ बनती कानूनी कार्रवाई की जाए और जिन पुलिस अधिकारियों की लापरवाही रही है उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए। इसके अलावा श्री अमरनाथ यात्रा की कमान सेना के हाथ में सौंपी जाए। गुप्ता ने बताया कि शनिवार को उनकी मुलाकात श्राइन बोर्ड के सीईओ आरके गुप्ता, एडीजीपी एसएम सहाए और सीआरपी के आईजी से हुई। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था कायम रखने का आश्वासन दिया है लेकिन आर्गेनाइजेशन इससे संतुष्ट नहीं है।
भंडारों में लगी आग
1. श्री हनुमत सेवा संघ, दिल्ली
2. श्री मंगला गौरी, लुधियाना
3. जय बाबा बर्फानी सेवा दल, मुकेरियां
4. महादेव लंगर
5. जय बाबा बालक नाथ, लुधियाना
6. शिव भक्ति सेवा ट्रस्ट, दिल्ली
7. श्री अमरनाथ सेवा दल, अमृतसर
8. थ्री नेत्र सेवा समिति, दिल्ली
9. शिव शक्ति सेवा दल, जालंधर
भंडारों में हुई तोड़फोड़
1. श्री अमरनाथ ट्रस्ट, जालंधर
2. ओम शिव शक्ति देवा सदानंद, दिल्ली
3. महादेव समाज सुधार, बटाला
4. मलोट भंडारा
5. शिव शक्ति सेवा दल, बुढलाडा
6. श्री अमरनाथ सेवा दल, अलीगढ़
7. मनि महेश सेवा मंडल, कपूरथला
8. शिव गोरी सेवा मंडल, दिल्ली
9. श्री शिव शक्ति सेवा दल, बुढ़लाडा
यह है मामला
महासचिव राजन गुप्ता ने बताया कि वीरवार रात को पांच श्रद्धालु सरहंद भंडारे पर रात डेढ़ बजे आए और उनसे दवा मांगी। भंडारे वालों ने कहा कि उनके पास दवा नहीं है। श्रद्धालुओं ने कहा कि रात बहुत हो गई है ठहरने के लिए जगह मिल जाएगी, तो उन्होंने कहा हां मिल जाएगी। श्रद्धालुओं के पीछे एक टेंट वाला (कश्मीरी) खड़ा था। कश्मीरी ने श्रद्धालुओं से कहा कि ठहरने की बात मुझसे हुई थी। तुम भंडारे में क्यों ठहर रहे हो। इसी बात को लेकर भंडारे वालों की टेंट वाले से कहासुनी हो गई और बात हाथापाई तक पहुंच गई। पुलिस आई और भंडारे वाले व कश्मीरी को पकड़कर ले गई।
गुप्ता ने बताया कि उसी रात को पुलिस ने प्रधान विजय ठाकुर को टेलीफोन किया। ठाकुर ने कहा कि दोनों को भंडारे में भेजो तो सुबह उनका राजीनामा करवा देंगे। रात को ही कश्मीरी एक नेता को अपने साथ ले आया। उस नेता ने रात को बाकी कश्मीरियों में ये बात फैला दी कि भंडारे वालों ने एक कश्मीरी को चाकू मार दिया और मर गया। इसी बात से गुस्साए कश्मीरियों ने शुक्रवार सुबह साढ़े पांच बजे भंडारों पर पथराव शुरू कर दिया गया, फिर तोड़फोड़ शुरू हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि कश्मीरियों ने भंडारों में आग लगा दी। गुप्ता का कहना है कि इस घटना के पीछे किसी और संगठन की साजिश है। इसलिए योजनाबद्ध तरीके से घटना को अंजाम दिया गया है।