{"_id":"8c03cfd7b3351b8d8a6968c96fccb731","slug":"one-and-a-half-million-people-two-firemen-civil-movements-involved-in-the-recruitment-of-new-appointments-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेढ़ लाख की आबादी पर दो फायरमैन, अदालती चक्करों में उलझ गई नई भर्ती की नियुक्तियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेढ़ लाख की आबादी पर दो फायरमैन, अदालती चक्करों में उलझ गई नई भर्ती की नियुक्तियां
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर
Updated Mon, 30 Nov 2015 03:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करीब डेढ़ लाख की आबादी वाले अबोहर शहर में दमकल विभाग कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहा है। विभाग में तीन दमकल गाड़ियों पर 12 के स्थान पर एक भी ड्राइवर नहीं है और 36 फायरमैनों के स्थान पर मात्र 2 काम कर रहे हैं। दमकल विभाग के अधिकारियाें ने सरकार से शीघ्र विभाग में रिक्त पद भरने की मांग की है।
स्थानीय दमकल विभाग में गाड़ियों की संख्या एवं शहर की जनसंख्या के हिसाब से कम से कम 12 चालक होने चाहिए। वर्तमान समय में तीन दमकल गाड़ियों पर एक भी चालक नहीं है। बार-बार मांग करने पर निकाय विभाग ने बठिंडा से एक अस्थाई चालक नियुक्त किया है।
इसके अलावा विभाग में 36 फायरमैनों के स्थान पर मात्र 2 फायर मैन हैं। इनमें से एक फायरमैन गत दिनाें घल्लू की घी फैक्ट्री में लगी आग बुझाते समय घायल हो गया था।
विज्ञापन
फायर बिग्रेड इंचार्ज गुरजंट सिंह ने बताया कि स्टाफ की कमी के कारण उन्हें आग बुझाने या वीआईपी ड्यूटी पर जाना पड़ता है। कार्यालय में कोई फोन तक सुनने वाला नहीं होता। उन्हें कार्यालय में ताला लगाकर जाना पड़ता है।
उन्होंने बताया गत वर्ष ड्राइवरों व फायरमैनों की भर्ती के लिए स्थानीय नेहरू स्टेडियम में तीन दिना तक भर्ती अभियान चला था। नियुक्ति लगभग तय कर ली गई थीं। इसी बीच विभाग में पहले ठेके पर कार्य कर चुके धर्मवीर व सुनील कुमार सहित 7 कर्मचारियों ने अदालत में याचिका दायर करते हुए मांग की कि अगर विभाग भर्ती करता है तो पहले उन्हें नियुक्त किया जाए।
इस पर अदालत ने नई भर्ती पर रोक लगा दी। दिवंगत प्रधान तुलसीराम दौलिया के कार्यकाल में भी पांच कर्मचारियों को ठेके पर नियुक्त किया गया था। जब 2008 के बाद नगर परिषद पर अकाली-भाजपा की सरकार बनी तो उक्त पांच कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाकर 7 नए कर्मचारी ठेके पर रख लिए।
इस पर निकाले गए पांच कर्मचारियाें ने भी अदालत में याचिका दायर कर दी थी। कर्मचारियों की याचिका पर जब तक अदालत कोई फैसला नहीं देती तब तक विभाग में नए ड्राईवरों व फायरमैनों की भर्ती नहीं की जा सकती।
विज्ञापन
स्थानीय दमकल विभाग में गाड़ियों की संख्या एवं शहर की जनसंख्या के हिसाब से कम से कम 12 चालक होने चाहिए। वर्तमान समय में तीन दमकल गाड़ियों पर एक भी चालक नहीं है। बार-बार मांग करने पर निकाय विभाग ने बठिंडा से एक अस्थाई चालक नियुक्त किया है।
विज्ञापन
इसके अलावा विभाग में 36 फायरमैनों के स्थान पर मात्र 2 फायर मैन हैं। इनमें से एक फायरमैन गत दिनाें घल्लू की घी फैक्ट्री में लगी आग बुझाते समय घायल हो गया था।
विज्ञापन
फायर बिग्रेड इंचार्ज गुरजंट सिंह ने बताया कि स्टाफ की कमी के कारण उन्हें आग बुझाने या वीआईपी ड्यूटी पर जाना पड़ता है। कार्यालय में कोई फोन तक सुनने वाला नहीं होता। उन्हें कार्यालय में ताला लगाकर जाना पड़ता है।
उन्होंने बताया गत वर्ष ड्राइवरों व फायरमैनों की भर्ती के लिए स्थानीय नेहरू स्टेडियम में तीन दिना तक भर्ती अभियान चला था। नियुक्ति लगभग तय कर ली गई थीं। इसी बीच विभाग में पहले ठेके पर कार्य कर चुके धर्मवीर व सुनील कुमार सहित 7 कर्मचारियों ने अदालत में याचिका दायर करते हुए मांग की कि अगर विभाग भर्ती करता है तो पहले उन्हें नियुक्त किया जाए।
इस पर अदालत ने नई भर्ती पर रोक लगा दी। दिवंगत प्रधान तुलसीराम दौलिया के कार्यकाल में भी पांच कर्मचारियों को ठेके पर नियुक्त किया गया था। जब 2008 के बाद नगर परिषद पर अकाली-भाजपा की सरकार बनी तो उक्त पांच कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाकर 7 नए कर्मचारी ठेके पर रख लिए।
इस पर निकाले गए पांच कर्मचारियाें ने भी अदालत में याचिका दायर कर दी थी। कर्मचारियों की याचिका पर जब तक अदालत कोई फैसला नहीं देती तब तक विभाग में नए ड्राईवरों व फायरमैनों की भर्ती नहीं की जा सकती।