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कई किसानों को नहीं मिला बर्बाद कपास का मुआवजा : जाखड़
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर
Updated Tue, 15 Dec 2015 03:04 PM IST
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सफेद मक्खी के हमले से बर्बाद हुई कपास की फसल का मुआवजा जिन किसानों को नहीं मिला उन्हें लेकर पूर्व प्रतिपक्ष नेता सुनील जाखड़ सोमवार को उपमंडल अधिकारी राजपाल सिंह से मिले।
जाखड़ ने कहा कि सफेद मक्खी के हमले से पीड़ित किसानों को 102 करोड़ रुपये की राहत राशि देने के अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। नरमा कपास नष्ट होने से पीड़ित अनेक छोटे किसानों को एक रुपया भी नहीं दिया गया, जबकि राजनीतिक प्रभाव वाले कई ऐसे जमींदार भी लाखों रुपये के चेक ले गए जिन्होंने कपास की बिजाई तक नहीं की थी।
जाखड़ ने कहा कि उन्हें अबोहर उपमंडल के कई किसानों ने यह शिकायत की है कि राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने अकाली जत्थेदारों के दबाव तले नरमा कपास की क्षति का न केवल गलत सर्वेक्षण किया बल्कि मुआवजे की अदायगी में भी भारी अनियमितताएं सामने आई हैं।
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जरूरत इस बात की है कि फिर से सर्वेक्षण करवाया जाए ताकि जो किसान क्षति होने के बावजूद राहत राशि से वंचित रह गए हैं उन्हें भी नई सूची में शामिल करके समुचित राहत राशि प्रदान की जा सके।
जाखड़ ने कहा कि वह मुआवजे के गलत सर्वेक्षण और कई पीड़ित किसानों को राहत राशि न प्रदान करने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री से बात करके पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांग करेंगे।
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जाखड़ ने कहा कि सफेद मक्खी के हमले से पीड़ित किसानों को 102 करोड़ रुपये की राहत राशि देने के अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। नरमा कपास नष्ट होने से पीड़ित अनेक छोटे किसानों को एक रुपया भी नहीं दिया गया, जबकि राजनीतिक प्रभाव वाले कई ऐसे जमींदार भी लाखों रुपये के चेक ले गए जिन्होंने कपास की बिजाई तक नहीं की थी।
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जाखड़ ने कहा कि उन्हें अबोहर उपमंडल के कई किसानों ने यह शिकायत की है कि राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने अकाली जत्थेदारों के दबाव तले नरमा कपास की क्षति का न केवल गलत सर्वेक्षण किया बल्कि मुआवजे की अदायगी में भी भारी अनियमितताएं सामने आई हैं।
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जरूरत इस बात की है कि फिर से सर्वेक्षण करवाया जाए ताकि जो किसान क्षति होने के बावजूद राहत राशि से वंचित रह गए हैं उन्हें भी नई सूची में शामिल करके समुचित राहत राशि प्रदान की जा सके।
जाखड़ ने कहा कि वह मुआवजे के गलत सर्वेक्षण और कई पीड़ित किसानों को राहत राशि न प्रदान करने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री से बात करके पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांग करेंगे।