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कुंडल गांव में ओलावृष्टि से सैकड़ों एकड़ नरमा तबाह
अबोहर (फिरोजपुर)।
Updated Mon, 02 Jun 2014 11:14 PM IST
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हल्का बल्लूआना के गांव कुंडल में रविवार रात हल्की बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि हुई। इसमें सैकड़ों एकड़ नरमा तबाह हो गया। दस मिनट हुई इस ओलावृष्टि से किन्नू के बागीचों को भी काफी क्षति पहुंची है। किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।
गांव के सरपंच मिंकू सिंह ने बताया कि रविवार रात हलकी बरसात के बाद दस मिनट तक लगातार ओलावृष्टि हुई। इससे खेतों में लगा नरमा तबाह हो गया। ओलावृष्टि से किन्नू के बागीचों को भी क्षति पहुंची है। किसान हरप्रीत सिंह और रजवंत सिंह ने बताया कि उन्हाेंने महंगा बीज खरीदकर नरमे की बिजाई की थी। उनका नरमा अभी उगकर तैयार ही हुआ था कि ओलावृष्टि से करीब 20 एकड़ फसल तबाह हो गई।
इसके साथ ही गांव के खरीद केंद्र में पड़ा करीब ढाई हजार बोरी गेहूं भी बारिश में भीग गया। आढ़तिया एसोसिएशन के प्रधान प्रमिल कलानी ने बताया कि इस मंडी में आढ़तियों का पहले ही बड़ी मात्रा में नुकसान हुआ है। अब लिफ्टिंग न होने से आढ़तियों को फिर से नुकसान उठाना पड़ेगा। वहीं गांव के किसानों ने सरकार से नुकसान की स्पेशल गिरदावरी करवाकर मुआवजा देने की मांग की है।
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गांव के सरपंच मिंकू सिंह ने बताया कि रविवार रात हलकी बरसात के बाद दस मिनट तक लगातार ओलावृष्टि हुई। इससे खेतों में लगा नरमा तबाह हो गया। ओलावृष्टि से किन्नू के बागीचों को भी क्षति पहुंची है। किसान हरप्रीत सिंह और रजवंत सिंह ने बताया कि उन्हाेंने महंगा बीज खरीदकर नरमे की बिजाई की थी। उनका नरमा अभी उगकर तैयार ही हुआ था कि ओलावृष्टि से करीब 20 एकड़ फसल तबाह हो गई।
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इसके साथ ही गांव के खरीद केंद्र में पड़ा करीब ढाई हजार बोरी गेहूं भी बारिश में भीग गया। आढ़तिया एसोसिएशन के प्रधान प्रमिल कलानी ने बताया कि इस मंडी में आढ़तियों का पहले ही बड़ी मात्रा में नुकसान हुआ है। अब लिफ्टिंग न होने से आढ़तियों को फिर से नुकसान उठाना पड़ेगा। वहीं गांव के किसानों ने सरकार से नुकसान की स्पेशल गिरदावरी करवाकर मुआवजा देने की मांग की है।
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