{"_id":"37dd6641ff25536b8083eed6706db59a","slug":"firozpur-abohar-train-murder-case-four-people","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक हत्या से सुलझी दूसरी की गुत्थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक हत्या से सुलझी दूसरी की गुत्थी
अमर उजाला, अबोहर
Updated Mon, 16 Jun 2014 09:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
18 फरवरी 2014 को ट्रेन के आगे धक्का देकर युवक की जान लेने के आरोप में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। चार माह पहले हुई इस हत्या का खुलासा तब हुआ जब चारों आरोपियों में से एक ने दूसरे की नहर में डुबो कर हत्या कर दी। पुलिस ने उक्त आरोपी को काबू कर लिया है।
जानकारी के अनुसार 18 फरवरी 2014 को पक्की रेलवे स्टेशन के पास रेलवे लाइन पर गांव डबवाली ढाब निवासी मेजर सिंह का शव पड़ा हुआ मिला था। रेलवे पुलिस ने शव परिजनों के हवाले कर दिया था।
बाद में मृतक की पत्नी हरजिन्द्र कौर ने रेलवे पुलिस अबोहर को दिए बयान में आरोप गाया कि उसके पति मेजर सिंह ने आत्महत्या नहीं की बल्कि ट्रेन के आगे धक्का उसकी हत्या की गई है। हरजिंद्र कौर की शिकायत पर रेलवे पुलिस के उच्चाधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी।
विज्ञापन
वहीं, कुछ दिनों बाद ही गांव डाबवाली ढाब निवासी कृपाल सिंह पुत्र अमरीक सिंह का शव नहर से बरामद हुआ। कृपाल सिंह के परिजनों ने आरोप लगाया कि उसके ही साथी सुखजीत सिंह ने कृपाल सिंह की हत्या कर शव नहर में फेंक दिया।
थाना कबरवाला पुलिस ने सुखजीत सिंह खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसके गिरफ्तार किया। जब उससे कृपाल की हत्या के बारे में सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने खुलासा किया कि उसने अपने चार साथियों के साथ गांव के ही मेजर सिंह को रेल के आगे धक्का देकर उसकी हत्या कर दी थी।
उसमें कृपाल सिंह भी शामिल था। बाद में कृपाल सिंह डर गया और वह बार-बार उन्हें मेजर सिंह की हत्या का खुलासा करने की धमकी दे रहा था। इसी के कारण उसने कृपाल सिंह की भी हत्या कर दी।
पुलिस ने सुखजीत सिंह निवासी गुरसर जोधा, कृपाल सिंह, मनप्रीत सिंह, जजबीर सिंह वासी डबवाली ढाब पर मामला दर्ज कर लिया है। सुखजीत सिंह फिलहाल मुक्तसर जेल में है और अबोहर रेलवे पुलिस उसे प्रोटेक्शन वारंट पर लाकर उससे मेजर सिंह की हत्या के बारे में और जांच पड़ताल करेगी।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार 18 फरवरी 2014 को पक्की रेलवे स्टेशन के पास रेलवे लाइन पर गांव डबवाली ढाब निवासी मेजर सिंह का शव पड़ा हुआ मिला था। रेलवे पुलिस ने शव परिजनों के हवाले कर दिया था।
विज्ञापन
बाद में मृतक की पत्नी हरजिन्द्र कौर ने रेलवे पुलिस अबोहर को दिए बयान में आरोप गाया कि उसके पति मेजर सिंह ने आत्महत्या नहीं की बल्कि ट्रेन के आगे धक्का उसकी हत्या की गई है। हरजिंद्र कौर की शिकायत पर रेलवे पुलिस के उच्चाधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी।
विज्ञापन
वहीं, कुछ दिनों बाद ही गांव डाबवाली ढाब निवासी कृपाल सिंह पुत्र अमरीक सिंह का शव नहर से बरामद हुआ। कृपाल सिंह के परिजनों ने आरोप लगाया कि उसके ही साथी सुखजीत सिंह ने कृपाल सिंह की हत्या कर शव नहर में फेंक दिया।
थाना कबरवाला पुलिस ने सुखजीत सिंह खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसके गिरफ्तार किया। जब उससे कृपाल की हत्या के बारे में सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने खुलासा किया कि उसने अपने चार साथियों के साथ गांव के ही मेजर सिंह को रेल के आगे धक्का देकर उसकी हत्या कर दी थी।
उसमें कृपाल सिंह भी शामिल था। बाद में कृपाल सिंह डर गया और वह बार-बार उन्हें मेजर सिंह की हत्या का खुलासा करने की धमकी दे रहा था। इसी के कारण उसने कृपाल सिंह की भी हत्या कर दी।
पुलिस ने सुखजीत सिंह निवासी गुरसर जोधा, कृपाल सिंह, मनप्रीत सिंह, जजबीर सिंह वासी डबवाली ढाब पर मामला दर्ज कर लिया है। सुखजीत सिंह फिलहाल मुक्तसर जेल में है और अबोहर रेलवे पुलिस उसे प्रोटेक्शन वारंट पर लाकर उससे मेजर सिंह की हत्या के बारे में और जांच पड़ताल करेगी।